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बेटे की कमाई से घर बनवाने का सपना रह गया अधूरा
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पहली बार रोजगार के लिए गया था दिल्ली और अग्निकांड की चढ़ गया भेंट
राहुल का शव भानपुर माफी गांव पहुंचे ही मच गया कोहराम, भर आईं सबकी आंखें
विमलेश त्रिपाठी
धर्मसिंहवा। जीवन में प्रथम बार रोजगार के लिए दिल्ली गया राहुल अग्निकांड की भेंट चढ़ गया। उसने सपना संजोया था वह कमाई करेगा और जल्दी गांव पर घर का बनवाएगा। लेकिन भगवान को यह मंजूर नहीं था। बेटे की मौत के बाद विलाप करते हुए मां-बाप यही कह रहे थे। पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े बेटे की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। बुधवार को जैसे ही शव गांव पहुंचा, वैसे ही कोहराम मच गया। लोग पीड़ितों का ढांढस बंधाने के लिए पहुंचने लगे। बुधवार शाम को सिद्धार्थनगर जिले के सेमरा घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बखिरा क्षेत्र के भानपुर माफी गांव निवासी गनपत मौर्या के बड़े बेटे 18 वर्षीय राहुल 22 दिन पूर्व रोजगार के सिलसिले में दिल्ली गए थे। किसी परिचित ने अनाज मंडी इलाके में राहुल को काम दिला दिया। पिता गनपत मौर्या ने बताया कि रविवार को अग्निकांड की सूचना मिलने पर परिवार के लोग काफी परेशान हुए और राहुल के मोबाइल पर संपर्क साधने की कोशिश की। संपर्क नहीं हो पाया तो वह दिल्ली गए तो वहां अग्नि कांड में जल जाने से बेटे की मौत होने की जानकारी मिली। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को बेटे का शव लेकर घर पहुंचे। बेटे राहुल का सपना था कि दिल्ली में कमाई करके जल्दी घर का निर्माण कराएगा, लेकिन बेटे का सपना अधूरा रह गया। मां इंद्रमति का रो-रो कर बुरा हाल था। राहुल तीन भाई और दो बहनों में सबसे बड़ा था। बड़े भाई की मौत पर सभी गमगीन थे।
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राहुल का शव भानपुर माफी गांव पहुंचे ही मच गया कोहराम, भर आईं सबकी आंखें
विमलेश त्रिपाठी
धर्मसिंहवा। जीवन में प्रथम बार रोजगार के लिए दिल्ली गया राहुल अग्निकांड की भेंट चढ़ गया। उसने सपना संजोया था वह कमाई करेगा और जल्दी गांव पर घर का बनवाएगा। लेकिन भगवान को यह मंजूर नहीं था। बेटे की मौत के बाद विलाप करते हुए मां-बाप यही कह रहे थे। पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े बेटे की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। बुधवार को जैसे ही शव गांव पहुंचा, वैसे ही कोहराम मच गया। लोग पीड़ितों का ढांढस बंधाने के लिए पहुंचने लगे। बुधवार शाम को सिद्धार्थनगर जिले के सेमरा घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बखिरा क्षेत्र के भानपुर माफी गांव निवासी गनपत मौर्या के बड़े बेटे 18 वर्षीय राहुल 22 दिन पूर्व रोजगार के सिलसिले में दिल्ली गए थे। किसी परिचित ने अनाज मंडी इलाके में राहुल को काम दिला दिया। पिता गनपत मौर्या ने बताया कि रविवार को अग्निकांड की सूचना मिलने पर परिवार के लोग काफी परेशान हुए और राहुल के मोबाइल पर संपर्क साधने की कोशिश की। संपर्क नहीं हो पाया तो वह दिल्ली गए तो वहां अग्नि कांड में जल जाने से बेटे की मौत होने की जानकारी मिली। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को बेटे का शव लेकर घर पहुंचे। बेटे राहुल का सपना था कि दिल्ली में कमाई करके जल्दी घर का निर्माण कराएगा, लेकिन बेटे का सपना अधूरा रह गया। मां इंद्रमति का रो-रो कर बुरा हाल था। राहुल तीन भाई और दो बहनों में सबसे बड़ा था। बड़े भाई की मौत पर सभी गमगीन थे।
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