{"_id":"64fcc49ecb52b183ee0dc789","slug":"cultural-activity-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-2634-2023-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"जी-20 की अध्यक्षता भारत के वैश्विक परिदृश्य को दर्शाता है : प्रोफेसर अनिल दत्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जी-20 की अध्यक्षता भारत के वैश्विक परिदृश्य को दर्शाता है : प्रोफेसर अनिल दत्त
Sun, 10 Sep 2023 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 10 Sep 2023 12:46 AM IST
विज्ञापन
एचआरपीजी कॉलेज में आयोजित भारत की विदेश नीति विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी को संबोधित करते अतिथ
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज खलीलाबाद में शनिवार को राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में भारत की विदेश नीति एवं जी-20 विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई। इसमें वक्ताओं ने अपने-अपने विचारों को व्यक्त किया। मुख्यवक्ता दिल्ली से आए सुलभ इंटरनेशनल के उपाध्यक्ष प्रोफेसर अनिल दत्त मिश्र ने कहा कि जी-20 की स्थापना पहले विश्व के सात सबसे शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में हुई थी। जिसे जी-7 के नाम से जाना जाता था। अब इसका विस्तार होते-होते यह जी-20 के रूप में उभरा। जी-20 की अध्यक्षता भारत को मिलना देश के वैश्विक परिदृश्य में बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। भारत ने न केवल एशिया अपितु ग्लोबल साउथ की आवाज को विश्व पटल पर मजबूती से रखा है।
भारत के प्रयास से जी-20 में अफ्रीकन एसोसिएशन को भी शामिल किया गया, जिससे दुनिया के शक्तिशाली मंच पर तीसरी दुनिया के देशों को महत्वपूर्ण स्थान मिला। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया एक वैश्विक गांव में परिवर्तित हो चुकी है, जिसमें किसी भी देश में घटने वाली घटनाओं का असर पूरे विश्व पर पड़ता है, और ऐसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए जी-20 जैसे मंंचों की उपयोगिता बढ़ जाती है। आज भारत की प्रभावी आर्थिक व विदेशी नीति ने भारत को एक ऐसी शक्ति के रूप में उभारा है, जो तीसरी दुनिया की आवाज बन रही है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर दिग्विजय नाथ पांडेय ने कहा कि जी-20 का नेतृत्व भारत को मिलना भारतीयों के लिए गर्व का विषय है। यह ऐसा मंच है, जहां से भारत वैश्विक असमानता और विश्व आर्थिक नीतियों में तीसरी दुनिया की आवाज को मजबूत करेगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने की। संचालन डॉ. मनोज भारती और धन्यवाद ज्ञापन राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष शशिकांत राव ने किया। इस दौरान प्रो. गणेश श्रीवास्तव, प्रो. विजय राय, डॉ. विजय कुमार मिश्र, डॉ. हेमेंद्र त्रिपाठी, डॉ. मनोज मिश्र, मनोज वर्मा, सोमनाथ आदि शिक्षक व महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।
विज्ञापन
भारत के प्रयास से जी-20 में अफ्रीकन एसोसिएशन को भी शामिल किया गया, जिससे दुनिया के शक्तिशाली मंच पर तीसरी दुनिया के देशों को महत्वपूर्ण स्थान मिला। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया एक वैश्विक गांव में परिवर्तित हो चुकी है, जिसमें किसी भी देश में घटने वाली घटनाओं का असर पूरे विश्व पर पड़ता है, और ऐसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए जी-20 जैसे मंंचों की उपयोगिता बढ़ जाती है। आज भारत की प्रभावी आर्थिक व विदेशी नीति ने भारत को एक ऐसी शक्ति के रूप में उभारा है, जो तीसरी दुनिया की आवाज बन रही है।
विज्ञापन
विशिष्ट अतिथि पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर दिग्विजय नाथ पांडेय ने कहा कि जी-20 का नेतृत्व भारत को मिलना भारतीयों के लिए गर्व का विषय है। यह ऐसा मंच है, जहां से भारत वैश्विक असमानता और विश्व आर्थिक नीतियों में तीसरी दुनिया की आवाज को मजबूत करेगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने की। संचालन डॉ. मनोज भारती और धन्यवाद ज्ञापन राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष शशिकांत राव ने किया। इस दौरान प्रो. गणेश श्रीवास्तव, प्रो. विजय राय, डॉ. विजय कुमार मिश्र, डॉ. हेमेंद्र त्रिपाठी, डॉ. मनोज मिश्र, मनोज वर्मा, सोमनाथ आदि शिक्षक व महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।