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दो शाखा प्रबंधक समेत पांच पर जालसाजी का केस दर्ज
Sant Kabir Nagar
Updated Wed, 08 Feb 2017 12:06 AM IST
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- फोटो : self
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हैंसर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला के नाम से किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज ली गई रकम हड़पने का आरोप शाखा प्रबंधकों व एक युवक पर लगाया है। एसपी के निर्देश पर धनघटा पुलिस ने दो बैंकों शाखा प्रबंधक समेत पांच पर जालसाजी का केस दर्ज कर लिया है।
धनघटा क्षेत्र के छपरा मगर्बी गांव निवासी लालती देवी पत्नी दयाराम का आरोप है कि उसे रकम की जरूरत पड़ी तो वह आठ माह पहले पीएनबी की उमरिया बाजार शाखा के शाखा प्रबंधक से मिली। प्रबंधक के कहने पर उसने उस दौरान पास बैठे एक युवक को खतौनी और अन्य कागजात दो दिन बाद दे दिया। युवक उसे बैंक पर ले गया और बैंक के बाहर 20 हजार रुपये थमाते हुए कहा कि यही भुगतान हुआ है। रकम नाकाफी बताने पर युवक उसे पूर्वांचल ग्रामीण बैंक की शनिचरा बाजार शाखा लगा। चार दिन उसे बैंक के बाहर बुलाकर 15 हजार रुपये दिए और कहा कि इतना यहां कर्ज मिला है।
एक सप्ताह बाद युवक उसे लेकर पूर्वांचल बैंक की धनघटा शाखा पर गया और वहां भी बैंक के बाहर 20 हजार रुपये देकर कहां कि इतना ही ऋण यहां कराया गया है। जनवरी 2017 में जब वह पीएनबी उमरिया बाजार पर जाकर कर्ज जमा करने गई तो पता चला कि उसके नाम पर एक लाख 35 हजार रुपये कर्ज लिया गया है। इसी तरह पूर्वांचल बैंक की शनिचरा बाजार शाखा से 88 हजार और धनघटा शाखा से एक लाख 13 हजार रुपये उसके नाम से केसीसी पर कर्ज लिया गया है। आरोप है कि तीनों बैंकों से उसके केसीसी पर पता चला कि तीन लाख 36 हजार का कर्ज हुआ है और उसे सिर्फ 55 हजार रुपये ही मिले हैं।
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महिला ने गौरपार निवासी मनोज सिंह और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसओ ईश्वरचंद्र प्रधान ने बताया कि गौरापार गांव निवासी मनोज सिंह और पूर्वांचल बैंक की शाखा शनिचरा बाजार और धनघटा के शाखा प्रबंधक व फील्ड अफसरों के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया गया है। पीएनबी उमरिया बाजार के प्रबंधक की भूमिका की भी जांच की जाएगी। जांच में जो तथ्य आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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धनघटा क्षेत्र के छपरा मगर्बी गांव निवासी लालती देवी पत्नी दयाराम का आरोप है कि उसे रकम की जरूरत पड़ी तो वह आठ माह पहले पीएनबी की उमरिया बाजार शाखा के शाखा प्रबंधक से मिली। प्रबंधक के कहने पर उसने उस दौरान पास बैठे एक युवक को खतौनी और अन्य कागजात दो दिन बाद दे दिया। युवक उसे बैंक पर ले गया और बैंक के बाहर 20 हजार रुपये थमाते हुए कहा कि यही भुगतान हुआ है। रकम नाकाफी बताने पर युवक उसे पूर्वांचल ग्रामीण बैंक की शनिचरा बाजार शाखा लगा। चार दिन उसे बैंक के बाहर बुलाकर 15 हजार रुपये दिए और कहा कि इतना यहां कर्ज मिला है।
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एक सप्ताह बाद युवक उसे लेकर पूर्वांचल बैंक की धनघटा शाखा पर गया और वहां भी बैंक के बाहर 20 हजार रुपये देकर कहां कि इतना ही ऋण यहां कराया गया है। जनवरी 2017 में जब वह पीएनबी उमरिया बाजार पर जाकर कर्ज जमा करने गई तो पता चला कि उसके नाम पर एक लाख 35 हजार रुपये कर्ज लिया गया है। इसी तरह पूर्वांचल बैंक की शनिचरा बाजार शाखा से 88 हजार और धनघटा शाखा से एक लाख 13 हजार रुपये उसके नाम से केसीसी पर कर्ज लिया गया है। आरोप है कि तीनों बैंकों से उसके केसीसी पर पता चला कि तीन लाख 36 हजार का कर्ज हुआ है और उसे सिर्फ 55 हजार रुपये ही मिले हैं।
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महिला ने गौरपार निवासी मनोज सिंह और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसओ ईश्वरचंद्र प्रधान ने बताया कि गौरापार गांव निवासी मनोज सिंह और पूर्वांचल बैंक की शाखा शनिचरा बाजार और धनघटा के शाखा प्रबंधक व फील्ड अफसरों के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया गया है। पीएनबी उमरिया बाजार के प्रबंधक की भूमिका की भी जांच की जाएगी। जांच में जो तथ्य आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।