{"_id":"572e33794f1c1ba2125ccefa","slug":"the-word-mother-is-precious-uday-pratap","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां शब्द ही अनमोल है:उदय प्रताप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मां शब्द ही अनमोल है:उदय प्रताप
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sun, 08 May 2016 12:22 AM IST
विज्ञापन
माताओं को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
सूर्या इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल खलीलाबाद में शनिवार को मातृ दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय के बच्चों ने परिसर में मौजूद अपने माताओं को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया।
मदर्स डे पर आयोजित कार्यक्रम में प्ले वे से लेकर एलकेजी और यूकेजी के छात्र छात्राओं ने संगीत पर अपने नृत्य प्रस्तुत किया। इसमें ये तो सच है कि भगवान है, लकड़ी की काठी, काठी का घोड़ा, तेरी उंगली पकड़ के चला समेत अन्य गानों पर मनमोहन प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रबंधक डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि मां शब्द ही अनमोल है। मां जिस तरह से कठिन परिश्रम करके अपने बच्चों को पालती है उनकी जरूरतों को पूरा करती है, उनको संस्कारों से परिपूर्ण करती है। ये सब अतुलनीय है।
इसलिए मां की ममता का कोई मोल नहीं हो सकता है। प्रबंध निदेशिका सविता चतुर्वेदी ने कहा कि मां का जीवन अत्यंत कठिन होता है। इसलिए बच्चों के लिए मां ईश्वरीय शक्ति के समान होती है। जो उनकी सभी जरूरतों को स्वयं भूखा रहकर पूरा करती है। प्रधानाचार्य सुप्रिया बनर्जी व उप प्रधानाचार्य रविनेश श्रीवास्तव ने मां के कदमों को ही जन्नत कहा जाता है। कार्यक्रम को वरिष्ठ शिक्षक आलोक श्रीवास्तव आदि ने संबोधित किया। मंच का संचालन अरविंद सिंह, अजय शुक्ला और दिव्या सिंह ने किया। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत विद्यालय के संरक्षक पंडित सूर्य नारायण चतुुर्वेदी ने सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर काजोल श्रीवास्तव, सरवत जहां, बबिता त्रिपाठी, मांडवी मिश्र, रूकसार बेगम, श्यामसुंदर तिवारी, सौम्या सिंह, रूबी गुप्त, अनविता सिंह, तपस्या रानी सिंह, रूकमिनी मिश्र, अंजली सिंह, बलराम यादव, महेंद्र समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मदर्स डे पर आयोजित कार्यक्रम में प्ले वे से लेकर एलकेजी और यूकेजी के छात्र छात्राओं ने संगीत पर अपने नृत्य प्रस्तुत किया। इसमें ये तो सच है कि भगवान है, लकड़ी की काठी, काठी का घोड़ा, तेरी उंगली पकड़ के चला समेत अन्य गानों पर मनमोहन प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रबंधक डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि मां शब्द ही अनमोल है। मां जिस तरह से कठिन परिश्रम करके अपने बच्चों को पालती है उनकी जरूरतों को पूरा करती है, उनको संस्कारों से परिपूर्ण करती है। ये सब अतुलनीय है।
विज्ञापन
इसलिए मां की ममता का कोई मोल नहीं हो सकता है। प्रबंध निदेशिका सविता चतुर्वेदी ने कहा कि मां का जीवन अत्यंत कठिन होता है। इसलिए बच्चों के लिए मां ईश्वरीय शक्ति के समान होती है। जो उनकी सभी जरूरतों को स्वयं भूखा रहकर पूरा करती है। प्रधानाचार्य सुप्रिया बनर्जी व उप प्रधानाचार्य रविनेश श्रीवास्तव ने मां के कदमों को ही जन्नत कहा जाता है। कार्यक्रम को वरिष्ठ शिक्षक आलोक श्रीवास्तव आदि ने संबोधित किया। मंच का संचालन अरविंद सिंह, अजय शुक्ला और दिव्या सिंह ने किया। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत विद्यालय के संरक्षक पंडित सूर्य नारायण चतुुर्वेदी ने सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर काजोल श्रीवास्तव, सरवत जहां, बबिता त्रिपाठी, मांडवी मिश्र, रूकसार बेगम, श्यामसुंदर तिवारी, सौम्या सिंह, रूबी गुप्त, अनविता सिंह, तपस्या रानी सिंह, रूकमिनी मिश्र, अंजली सिंह, बलराम यादव, महेंद्र समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन