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लोगो ने स्कूल की बाउंड्रीवाल ढहाई

Sun, 20 Mar 2016 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर Updated Sun, 20 Mar 2016 11:51 PM IST
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The people collapsed school Boundriwal
स्कूल की बाउंड्रीवाल ढहाई। - फोटो : अंबरीश‌ मिश्रा
 क्षेत्र के शिवापार गांव के पास स्थित एक पूर्व सांसद के भाई के विद्यालय की नवनिर्मित बाउंड्रीवाल को जमीन संबंधी विवाद की वजह से गांव के कुछ लोगों ने ढहा दिया। इस दौरान ईट पत्थर चला और कार ,बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना से माहौल काफी बिगड़ गया। सूचना पर एसडीएम, सीओ समेत तीन थाने की फोर्स मौके पर पहुंच गई। प्रबंधक पक्ष की तरफ से पुलिस ने 19 नामजद और तमाम अज्ञात के खिलाफ गोलबंद होकर मारने-पीटने, तोड़फोड़ करने आदि गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। 
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 महुली क्षेत्र के भगता गांव निवासी पूर्व सांसद भालचंद यादव के बड़े भाई लालचंद यादव का बखिरा क्षेत्र के शिवापार गांव के पास राम सहाय जानकी देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है। विद्यालय प्रशासन और गांव के कुछ लोगों के बीच जमीन संबंधी विवाद भी चल रहा है। प्रबंधक के बेटे और प्रधानाचार्य रीतेश चंद्र यादव का आरोप था कि विद्यालय के सामने करीब साढ़े छह बीघा जमीन है। राजस्व प्रशासन और पुलिस टीम के जरिए 10 मार्च को जमीन की पैमाइश कराकर विवाद का हल कराया गया था। विद्यालय की जमीन को चिह्नित कर दिया गया था। विद्यालय के लिए कुछ कमरों का निर्माण कराया जा रहा था। रविवार को भी मजदूर काम पर लगे थे। आरोप था कि शिवापार के हरिशंकर यादव, अमित यादव, रामरुप यादव, धर्मेंद्र यादव, रामकरन, मुकुट, मूसे,अदालत, अर्जुन, जितेंद्र, रमेश, पुद्दन और तमाम अज्ञात लोग गोलबंद होकर लाठी, डंडा और ईट पत्थर लेकर विद्यालय पर चढ़ आए। आरोप था कि लोग उसकी बांउड्रीवाल को ढहा दिए। उसकी अंबेसडकर कार, बाइक , कुर्सी आदि क्षतिग्रस्त कर दिए। किसी प्रकार से मजदूर और विद्यालय के लोग जान बचाकर भागे। इस घटना से तत्काल टेलीफोन से एसपी को अवगत कराया।
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पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ। प्रधानाचार्य ने बताया कि पुलिस को अवगत करा दिया गया था, किंतु पुलिस इसके बाद भी मौके पर नहीं पहुँची। सूचना देने पर पुलिस मौके पर आ गई होती तो इस प्रकार की घटना से बचा जा सकता था। एसडीएम सतीश मणि त्रिपाठी ने लेखपाल रामसुमेर से रिपोर्ट मांगी है। क्षेत्राधिकारी उत्तम सिंह ने बताया कि मामला संवेदनशील है। पूरे मामले में एक-एक बिंदु की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांँच के बाद ही इस मामले में कुछ बताया जा सकता है। फायरिंग की घटना को पर इंकार किया। एसओ दिनेश यादव ने बताया कि प्रबंधक पक्ष की तरफ से मिले तहरीर पर हरिशंकर यादव आदि के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पांच छह लोग हिरासत में है और पूछताछ की जा रही है। मौके पर तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है।
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प्रबंधक के बेटे पर फायरिंग करने का आरोप
बखिरा। बसपा के जिलाध्यक्ष झिनकान प्रसाद का आरोप था कि पूर्व सांसद भालचंद यादव के भाई के विद्यालय के सामने की जमीन ग्राम समाज की है। कुल 26 दलितों को वर्ष 1973 में प्रशासन ने पट्टा कर दिया था। तभी से गरीब दलित इस जमीन पर काबिज है। गरीबी की वजह से वह सभी पक्का निर्माण नहीं करा सके। विद्यालय के सामने की जमीन होने से विद्यालय प्रशासन की नीयत शुरू से ही इसे कब्जा करने की रही है। इसे लेकर दोनों पक्षों में कई बार विवाद हो चुका है। मामला हाईकोर्ट में विचाराधाीन है। इस प्रकरण से प्रशासन पूरी तरह से अवगत हैं। इसके बाद भी तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल ने किस कानून के तहत बैनामा कर दिया है। बदले में कुछ दलितों को बगल में मौजूद जमीन दे दिया गया है, जो कि सरासर अन्याय है। आरोप था कि उन्हें गांव के लोगों ने बताया कि प्रबंधक के बेटे ने चार राउंड फायरिंग भी की। यदि प्रशासन ने मामले को हल्के में लिया और दबाव में काम किया तो यहां तनाव बढ़ सकता है।
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