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ग्राम सुरक्षा समितियों को पुनर्जीवित कर रोके अपराध: डीआईजी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:35 PM IST
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पुलिस लाइन में परेड का निरीक्षण करते डीआईजी।
- फोटो : अमर उजाला
संतकबीरनगर। डीआईजी राकेशचंद्र साहू ने शुक्रवार को पुलिस लाइन का निरीक्षण किया। इसके पूर्व परेड हुई और बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस कर्मियों की पीठ थपथपाई। पुलिस लाइन की व्यवस्था यूं तो ठीक मिली लेकिन उसमें सुधार की जरूरत जताई। इसके बाद पुलिस पेंशनरों के साथ बैठक कर उन्हें पेंशन योजना में हुए बदलाव के बारे में जानकारी दी।
डीआईजी राकेशचंद्र साहू ने कहा कि पेंशनर की समस्याओं के निदान के लिए कई कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2018 के पहले जो पुलिस कर्मी सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके पेंशन को रिवाइज किया जाना हैं। थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया हैं कि हल्का सिपाही जब पेंशनर के गांवों में जाएं तो उनसे संपर्क स्थापित करें। गांवों की समस्याओं के बारे में भी उनकी राय जाने और अपराधों की रोकथाम में सहयोग प्राप्त करें।
जब कभी कोई पेंशनर थाने पर पहुंचे तो उन्हें सम्मान दिया जाए और उनसे अपराधों की रोकथाम और अपराधियों के बारे में सुझाव लिया जाए। पुलिस जनता के बीच में अच्छा समन्वय स्थापित हों। पुलिस की कार्य प्रणाली पारदर्शी हो। लूट, हत्या जैसे संगीन अपराधों में जेल में बंद अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए कोर्ट में ठीक प्रकार से पैरवी कराई जाए।
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ग्राम सुरक्षा समितियों को फिर से सक्रिय किया जाए। गोरखपुर से स्थानांतरित होकर यहां अभी तक नहीं आए पुलिस कर्मियों को रिलीव किए जाने के लिए एएसपी गोरखपुर से पत्राचार किए जाने की जानकारी दी। जिले में पांच नए थानों के लिए जमीन उपलब्ध होने और प्रस्ताव शासन स्तर में लंबित होने के बावत कहा कि उम्मीद हैं जल्द ही इस पर कोई सार्थक निर्णय शासन स्तर से लिया जाएगा।
पुलिस कर्मियों को मिला अपना अस्पताल
पुलिस लाइन में तीन साल से बन कर तैयार पीएचसी भवन का डीआईजी राकेशचंद्र साहू ने लोकार्पण किया। डीआईजी ने कहा कि अब पुलिस कर्मियों और उनके परिवार के लोगों को निकट में चिकित्सकीय सुविधा मिल जाएगी। यहां सुविधाएं बढ़ाए जाने के लिए विभाग की ओर से शासन में पत्राचार किया जाएगा।
डीएम मार्कंडेय शाही ने कहा कि वैकल्पिक तौर पर सप्ताह में दो दिन यहां दो सरकारी चिकित्सक आएंगे। दवाएं और अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएगी। एसपी हेमराज मीणा ने कहा कि प्राइवेट चिकित्सकों से भी संपर्क स्थापित कर यहां आने के लिए बातचीत किया जाएगा।
नंदौर को रिपोर्टिंग पुलिस चौकी बनाए जाने का प्रस्ताव
एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि प्रदेश में 1490 थाने संचालित हैं। जबकि थानों की संख्या बढ़ा कर 3000 तक किए जाने का शासन की मंशा हैं। जिससे पीड़ितों को निकट में समय से पुलिस का सहयोग मिल सके। उसी कड़ी में जिले में भी लोहरैया, पौली, कालीजगदीशपुर, कांटे और बेलहर में नया थाना प्रस्तावित हैं। आगे बताया कि नंदौर में रिपोर्टिंग पुलिस चौकी स्थापित किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका हैं। उम्मीद हैं कि शासन स्तर से जल्द ही इस पर निर्णय हो जाएगा।
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डीआईजी राकेशचंद्र साहू ने कहा कि पेंशनर की समस्याओं के निदान के लिए कई कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2018 के पहले जो पुलिस कर्मी सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके पेंशन को रिवाइज किया जाना हैं। थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया हैं कि हल्का सिपाही जब पेंशनर के गांवों में जाएं तो उनसे संपर्क स्थापित करें। गांवों की समस्याओं के बारे में भी उनकी राय जाने और अपराधों की रोकथाम में सहयोग प्राप्त करें।
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जब कभी कोई पेंशनर थाने पर पहुंचे तो उन्हें सम्मान दिया जाए और उनसे अपराधों की रोकथाम और अपराधियों के बारे में सुझाव लिया जाए। पुलिस जनता के बीच में अच्छा समन्वय स्थापित हों। पुलिस की कार्य प्रणाली पारदर्शी हो। लूट, हत्या जैसे संगीन अपराधों में जेल में बंद अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए कोर्ट में ठीक प्रकार से पैरवी कराई जाए।
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ग्राम सुरक्षा समितियों को फिर से सक्रिय किया जाए। गोरखपुर से स्थानांतरित होकर यहां अभी तक नहीं आए पुलिस कर्मियों को रिलीव किए जाने के लिए एएसपी गोरखपुर से पत्राचार किए जाने की जानकारी दी। जिले में पांच नए थानों के लिए जमीन उपलब्ध होने और प्रस्ताव शासन स्तर में लंबित होने के बावत कहा कि उम्मीद हैं जल्द ही इस पर कोई सार्थक निर्णय शासन स्तर से लिया जाएगा।
पुलिस कर्मियों को मिला अपना अस्पताल
पुलिस लाइन में तीन साल से बन कर तैयार पीएचसी भवन का डीआईजी राकेशचंद्र साहू ने लोकार्पण किया। डीआईजी ने कहा कि अब पुलिस कर्मियों और उनके परिवार के लोगों को निकट में चिकित्सकीय सुविधा मिल जाएगी। यहां सुविधाएं बढ़ाए जाने के लिए विभाग की ओर से शासन में पत्राचार किया जाएगा।
डीएम मार्कंडेय शाही ने कहा कि वैकल्पिक तौर पर सप्ताह में दो दिन यहां दो सरकारी चिकित्सक आएंगे। दवाएं और अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएगी। एसपी हेमराज मीणा ने कहा कि प्राइवेट चिकित्सकों से भी संपर्क स्थापित कर यहां आने के लिए बातचीत किया जाएगा।
नंदौर को रिपोर्टिंग पुलिस चौकी बनाए जाने का प्रस्ताव
एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि प्रदेश में 1490 थाने संचालित हैं। जबकि थानों की संख्या बढ़ा कर 3000 तक किए जाने का शासन की मंशा हैं। जिससे पीड़ितों को निकट में समय से पुलिस का सहयोग मिल सके। उसी कड़ी में जिले में भी लोहरैया, पौली, कालीजगदीशपुर, कांटे और बेलहर में नया थाना प्रस्तावित हैं। आगे बताया कि नंदौर में रिपोर्टिंग पुलिस चौकी स्थापित किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका हैं। उम्मीद हैं कि शासन स्तर से जल्द ही इस पर निर्णय हो जाएगा।