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तहसील परिसर में प्रधान-कोटेदार भिडे़
santkabirnagar
Updated Tue, 28 Jun 2016 11:41 PM IST
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अपराध्
- फोटो : ambrish mishra
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हैंसर। धनघटा तहसील परिसर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया, जब एक कोटेदार और प्रधान के साथ आए गांव के लोगों के बीच मारपीट होने लगी। हाथापाई हो रही थी कि मौके पर पुलिस पहुंच गई। कोटेदार को पकड़ कर पुलिस थाने ले गई। उसके बाद गांव के लोगों ने एसडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन करके कोटेदार पर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
नाथनगर ब्लॉक के कलान गांव के प्रधान परशुराम के साथ गांव के रामबोध, चंद्रभान, दीनानाथ, कपूरा देवी, लालजी, रामलौट, किसमती, कमलावती देवी, बहादूर, त्रिलोकी आदि लोग गांव के कोटेदार रघुनंदन लाल पुत्र रामलौट पर वितरण करने में अनियमितता बरतने की बात कहते हुए एसडीएम से शिकायत करने तहसील पर पहुंचे थे। एसडीएम उस समय तहसील पर मौजूद नहीं थे। गांव के लोग बैठकर उनके आने का इंतजार कर रहे थे। ग्रामीण रामबोध, देवीशरन, लालजी, कपूरा देवी आदि का आरोप है कि कोटेदार उसी समय वहां पहुंचा और मौजूद लोगों को गाली गलौज देते हुए मारने पीटने लगे। शोर सुनकर थोड़ी दूरी पर रहे प्रधान भी आ गए और वह उन्हें भी मारने के लिए दौड़ पड़ा। कुछ देर तक प्रधान समेत गांववालों से कोटेदार से हाथापाई चलती रही। इसी बीच पुलिस पहुंच गई। पुलिस के लोग कोटेदार को पकड़ कर थाने ले गए जहां हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया गया। एसओ एमपी चतुर्वेदी ने बताया कि दोनों पक्ष आपस में सुलह कर लिए। सुलह के आधार पर मारपीट के आरोपी कोटेदार को छोड़ दिया गया। बाद में गांव के लोग तहसील पर प्रदर्शन करके कोटेदार पर अनाज वितरण करने में अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार राजेश गुप्ता को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
सरस्वती बनीं मदरा की कोटेदार
हैंसर। क्षेत्र के मदरा गांव में काफी दिनों से रिक्त चल रही कोटे की दुकान का चयन मंगलवार को गांव में खुली बैठक कर किया गया। इसमें सरस्वती पत्नी विद्या प्रसाद को गांव के लोगों ने सर्व सम्मति से कोटेदार चुना। एडीओ पंचायत राम अशीष चौधरी ने बताया कि मदरा गांव की कोटे की दुकान को काफी दिनों पहले अनियमितता के आरोप में निरस्त कर दिया गया था। तभी से उस गांव के लोग दूसरे गांव पर जाकर खाद्यान्न लेते थे। मंगलवार को गांव सभा की खुली बैठक का आयोजन किया गया। पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित कोटे की दुकान के लिए केवल सरस्वती देवी के नाम का प्रस्ताव आया। उसके बाद गांव के लोगों ने सर्व सम्मति से उन्हें कोटेदार बना दिया। इस मौके पर सेक्रेटरी विनय कुमार, सभापति, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
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नाथनगर ब्लॉक के कलान गांव के प्रधान परशुराम के साथ गांव के रामबोध, चंद्रभान, दीनानाथ, कपूरा देवी, लालजी, रामलौट, किसमती, कमलावती देवी, बहादूर, त्रिलोकी आदि लोग गांव के कोटेदार रघुनंदन लाल पुत्र रामलौट पर वितरण करने में अनियमितता बरतने की बात कहते हुए एसडीएम से शिकायत करने तहसील पर पहुंचे थे। एसडीएम उस समय तहसील पर मौजूद नहीं थे। गांव के लोग बैठकर उनके आने का इंतजार कर रहे थे। ग्रामीण रामबोध, देवीशरन, लालजी, कपूरा देवी आदि का आरोप है कि कोटेदार उसी समय वहां पहुंचा और मौजूद लोगों को गाली गलौज देते हुए मारने पीटने लगे। शोर सुनकर थोड़ी दूरी पर रहे प्रधान भी आ गए और वह उन्हें भी मारने के लिए दौड़ पड़ा। कुछ देर तक प्रधान समेत गांववालों से कोटेदार से हाथापाई चलती रही। इसी बीच पुलिस पहुंच गई। पुलिस के लोग कोटेदार को पकड़ कर थाने ले गए जहां हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया गया। एसओ एमपी चतुर्वेदी ने बताया कि दोनों पक्ष आपस में सुलह कर लिए। सुलह के आधार पर मारपीट के आरोपी कोटेदार को छोड़ दिया गया। बाद में गांव के लोग तहसील पर प्रदर्शन करके कोटेदार पर अनाज वितरण करने में अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार राजेश गुप्ता को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
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सरस्वती बनीं मदरा की कोटेदार
हैंसर। क्षेत्र के मदरा गांव में काफी दिनों से रिक्त चल रही कोटे की दुकान का चयन मंगलवार को गांव में खुली बैठक कर किया गया। इसमें सरस्वती पत्नी विद्या प्रसाद को गांव के लोगों ने सर्व सम्मति से कोटेदार चुना। एडीओ पंचायत राम अशीष चौधरी ने बताया कि मदरा गांव की कोटे की दुकान को काफी दिनों पहले अनियमितता के आरोप में निरस्त कर दिया गया था। तभी से उस गांव के लोग दूसरे गांव पर जाकर खाद्यान्न लेते थे। मंगलवार को गांव सभा की खुली बैठक का आयोजन किया गया। पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित कोटे की दुकान के लिए केवल सरस्वती देवी के नाम का प्रस्ताव आया। उसके बाद गांव के लोगों ने सर्व सम्मति से उन्हें कोटेदार बना दिया। इस मौके पर सेक्रेटरी विनय कुमार, सभापति, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
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