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सीबीआई जांच अंतिम दौर में
शोभित कुमार पांडेय/sant kabir nagar
Updated Tue, 12 Jul 2016 11:48 PM IST
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सीबीआई
- फोटो : DEMO Pics
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संतकबीरनगर जिले का सांथा ब्लॉक में हुए मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई टीम जांच के अंतिम दौर में पहुंच गई है। इस संबंध में डीसी मनरेगा को पत्र भेजकर विशेष वाहक के माध्यम से 19 जुलाई को योजना से जुड़े विभिन्न शासनादेशों और मनरेगा एक्ट की प्रमाणित छाया प्रति सीबीआई के देहरादून कार्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक विभाग के लोग मांगे गए अभिलेखों को सहेजने में जुट गए हैं, वहीं घोटालेबाजों में हड़कंप मच गया है। संभावना है कि इसके बाद सीबीआई आरोप पत्र दाखिल करेगी।
सीबीआई टीम की अब तक की जांच में सांथा ब्लॉक 2007 से 2010 तक हुए कार्यों में परत-दर परत घपला उजागर हो चुका है। कई प्रोजेक्टों पर बिना काम के ही भुगतान हो गया। कुछ स्थानों पर अधूरे कार्य से पूरा भुगतान हो गया। छद्म जॉबकार्डाें से मनरेगा मजदूरी के भुगतान की बात सामने आई थी। कई तत्कालीन बीडीओ, सेक्रेट्री कुछ फर्मों के प्रोपराइटर तथा कुछ जनप्रतिनिधि भी जांच की जद में आ रहे हैं।
सूत्रों की माने तो जनवरी में सीबीआई टीम जिले में आई थी और कुछ बैंकों में जाकर जांच भी की गई थी। जांच की गति में फिर तेजी आने से आरोप पत्र दाखिल किए जाने की तैयारी माना जा रही है। सूत्रों की माने तो 11 जुलाई 2016 को सीबीआई के इंसपेक्टर योगेश सिंह देव ने डीसी मनरेगा को एक पत्र भेजा है। जिसमें मनरेगा से जुडे़ विभिन्न शासनादेश, मनरेगा एक्ट 2005, योजना के क्रियान्वयन की गाइड लाइन आदि अभिलेख मांगे हैं। 19 जुलाई को विशेष वाहक के जरिए समस्त अभिलेख देहरादून कार्यालय पहुंचवाने का निर्देश दिया है।
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अभिलेख प्राप्त करने के बाद जांच टीम यह परखेगी कि जो काम सांथा क्षेत्र में कराए गए है, वह मनरेगा के शासनादेश और एक्ट के हिसाब से हुए है अथवा नहीं। उसी के बाद जांच टीम आरोप पत्र तैयार करके कोर्ट में दाखिल करेंगी। इधर सीबीआई के जरिए मांगे गए अभिलेखों को जुटाने में विभाग के लोग जुट गए है। जिससे निर्धारित अवधि को अभिलेख सीबीआई टीम के देहरादून कार्यालय भेजवाया जा सके।
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सीबीआई टीम की अब तक की जांच में सांथा ब्लॉक 2007 से 2010 तक हुए कार्यों में परत-दर परत घपला उजागर हो चुका है। कई प्रोजेक्टों पर बिना काम के ही भुगतान हो गया। कुछ स्थानों पर अधूरे कार्य से पूरा भुगतान हो गया। छद्म जॉबकार्डाें से मनरेगा मजदूरी के भुगतान की बात सामने आई थी। कई तत्कालीन बीडीओ, सेक्रेट्री कुछ फर्मों के प्रोपराइटर तथा कुछ जनप्रतिनिधि भी जांच की जद में आ रहे हैं।
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सूत्रों की माने तो जनवरी में सीबीआई टीम जिले में आई थी और कुछ बैंकों में जाकर जांच भी की गई थी। जांच की गति में फिर तेजी आने से आरोप पत्र दाखिल किए जाने की तैयारी माना जा रही है। सूत्रों की माने तो 11 जुलाई 2016 को सीबीआई के इंसपेक्टर योगेश सिंह देव ने डीसी मनरेगा को एक पत्र भेजा है। जिसमें मनरेगा से जुडे़ विभिन्न शासनादेश, मनरेगा एक्ट 2005, योजना के क्रियान्वयन की गाइड लाइन आदि अभिलेख मांगे हैं। 19 जुलाई को विशेष वाहक के जरिए समस्त अभिलेख देहरादून कार्यालय पहुंचवाने का निर्देश दिया है।
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अभिलेख प्राप्त करने के बाद जांच टीम यह परखेगी कि जो काम सांथा क्षेत्र में कराए गए है, वह मनरेगा के शासनादेश और एक्ट के हिसाब से हुए है अथवा नहीं। उसी के बाद जांच टीम आरोप पत्र तैयार करके कोर्ट में दाखिल करेंगी। इधर सीबीआई के जरिए मांगे गए अभिलेखों को जुटाने में विभाग के लोग जुट गए है। जिससे निर्धारित अवधि को अभिलेख सीबीआई टीम के देहरादून कार्यालय भेजवाया जा सके।