{"_id":"6a6a385e9897c147a700dd8f","slug":"court-sentences-person-convicted-of-assault-to-imprisonment-until-the-rising-of-the-court-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-154641-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: मारपीट के दोषी को न्यायालय उठने तक की सुनाई सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: मारपीट के दोषी को न्यायालय उठने तक की सुनाई सजा
Wed, 29 Jul 2026 10:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 29 Jul 2026 10:59 PM IST
विज्ञापन
संतकबीरनगर। जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते मारपीट के एक मामले में आरोपी को सजा दिलाने में सफलता मिली है। ग्राम न्यायालय मेंहदावल ने आरोपी को न्यायालय उठने तक न्यायिक अभिरक्षा में रखने के साथ 800 रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के केचुआखोर गांव निवासी राजकुमारी ने 15 मई 2021 को गांव के ही रामशंकर दूबे के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। मामले की विवेचना तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक संतोष कुमार ने की। साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
सुनवाई के दौरान पुलिस की प्रभावी पैरवी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ग्राम न्यायालय मेंहदावल ने आरोपी को दोषी करार दिया। साथ ही आरोपी को न्यायालय उठने तक न्यायिक अभिरक्षा में रखने का आदेश दिया। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी अर्थदंड जमा नहीं करता है तो दोनों धाराओं में तीन-तीन माह के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार, धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के केचुआखोर गांव निवासी राजकुमारी ने 15 मई 2021 को गांव के ही रामशंकर दूबे के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। मामले की विवेचना तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक संतोष कुमार ने की। साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान पुलिस की प्रभावी पैरवी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ग्राम न्यायालय मेंहदावल ने आरोपी को दोषी करार दिया। साथ ही आरोपी को न्यायालय उठने तक न्यायिक अभिरक्षा में रखने का आदेश दिया। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी अर्थदंड जमा नहीं करता है तो दोनों धाराओं में तीन-तीन माह के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
विज्ञापन