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सिपाही प्रकरण : कोर्ट ने मांगी केस हिस्ट्री, अब 16 को होगी जमानत पर सुनवाई

Mon, 14 Oct 2024 11:02 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Oct 2024 11:02 PM IST
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Constable case: Court asked for case history, now bail hearing will be held on 16th
- सिपाही पंकज कुमार की जमानत पर सोमवार को हुई बहस
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- सिपाही की केस हिस्ट्री न होने से पूरी नहीं हो सकी सुनवाई



अमर उजाला ब्यूरो



गोरखपुर। डॉ. अनुज सरकारी पर हथौड़े से हमला करने वाले बलिया के निलंबित सिपाही पंकज कुमार की जमानत को लेकर सोमवार को सिविल कोर्ट में एडीजे - छह के यहां सुनवाई हुई। काफी देर तक बहस चलने के बाद सिपाही की केस हिस्ट्री न आने के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद के कोतवाली थाने में सिपाही पंकज कुमार पर केस दर्ज है। कोर्ट ने पुलिस से सिपाही पर दर्ज केस का ब्योरा मांगा है। मामले में अब 16 अक्तूबर को सुनवाई होगी।



सोमवार को कोर्ट में सिपाही की जमानत पर सुनवाई के दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भानू पांडेय के साथ अधिवक्ताओं ने पंकज कुमार का पक्ष रखा। इस दौरान अभियोजन अधिकारी ने अपना पक्ष रखते हुए सिपाही पर लगे केस का हवाला दिया। तब कोर्ट ने सिपाही की केस हिस्ट्री मांगी, जो उपलब्ध नहीं थी। इस वजह से कोर्ट ने सिपाही प्रकरण में दो दिन बाद सुनवाई करने का फैसला किया। वहीं सिपाही प्रकरण में डॉक्टर पर केस दर्ज कराने के लिए अधिवक्ताओं ने कोर्ट में बीएनएस 175 (3) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) के यहां प्रार्थना पत्र डाला है। इसमें 18 अक्तूबर को सुनवाई होनी है। इसको लेकर कोर्ट ने कैंट थाने से केस की रिपोर्ट मांगी है। वहीं सिपाही की तरफ से पड़ी तहरीर की जांच सीओ कैंट योगेंद्र सिंह कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच चल रही है।
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ये था पूरा मामला



तीन अक्तूबर को बलिया के निलंबित सिपाही पंकज कुमार पत्नी की रिपोर्ट दिखाने डॉ. अनुज सरकारी के पास आए थे। इस दौरान अल्ट्रसाउंड की फीस को लेकर धक्का मुक्की हुई। इसके बाद हॉस्पिटल कर्मचारियों ने उनको पीट दिया। अगले दिन चार अक्तूबर को वह आए। उन्होंने डॉ. अनुज सरकारी के चेंबर में घुसकर हथौड़े से उनके सिर पर हमला कर दिया। इसमें केस दर्ज कर पुलिस ने सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद से ही सिपाही को न्याय दिलाने के लिए कई संगठन और आम जनमानस आवाज उठा रहे हैं।
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