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Sant Kabir Nagar News: उद्घाटन के बाद भी शुरू नहीं हो सकी महाविद्यालय में पढ़ाई

Wed, 23 Sep 2026 11:29 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:29 PM IST
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Classes at the college could not begin even after the inauguration.
राजकीय महाविद्यालय पटना खास
संवाद न्यूज एजेंसी
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धर्मसिंहवा। सांथा विकास खंड के पटना खास गांव में छात्राओं को उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया राजकीय महिला महाविद्यालय उद्घाटन के बाद भी संचालन की बाट जोह रहा है।
शिलापट्ट के अनुसार वर्ष 2025 में विधायक अनिल त्रिपाठी ने महाविद्यालय का उद्घाटन किया। इसके बाद अब तक शिक्षकों और कर्मचारियों की तैनाती नहीं हुई है। देखरेख के अभाव में महाविद्यालय परिसर में बकरियां और भैंसें चरती नजर आ रही हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2017 से 2022 के बीच महाविद्यालय के निर्माण की प्रक्रिया चली। निर्माण के दौरान करीब एक वर्ष तक काम बंद रहा। बाद में कार्य शुरू हुआ, लेकिन फिर बाधित हो गया। करीब पांच महीने बाद दोबारा निर्माण शुरू हुआ और भवन तैयार हुआ। उद्घाटन के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही कक्षाएं शुरू होंगी लेकिन अब तक महाविद्यालय में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है।
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ग्रामीणों ने बताया कि सुकरौली, महादेवा नानकार, बौरब्यास, पाखापार, मंझरिया, रजउर, बढ़या, अमरहा, पुनया, बरगदवा, मेंहदूपार, रैधरपार और बरईपार समेत आसपास के गांवों की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है।
कई छात्राओं को करीब 10 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है। अभिभावक छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित रहते हैं। महाविद्यालय शुरू होने से आसपास के गांवों की छात्राओं को घर के नजदीक उच्च शिक्षा की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
शैलेंद्र राय, आर्यन राय, अमरपाल राय, फैजान अहमद, असफाक, ओंकार राय, बाल गोविंद राय, रोशन राय, उदयभान, हरिप्रसाद, झीनक, गोविंद, फेकू प्रसाद और पुष्पेंद्र राय आदि ग्रामीणों ने बताया कि महाविद्यालय बनने से पहले यहां बच्चे क्रिकेट खेलते थे और लोग सुबह टहलने आते थे। परिसर में पशु भी चरते थे।
ग्रामीणों ने छात्राओं के भविष्य को देखते हुए महाविद्यालय निर्माण में सहयोग किया था। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि यदि यहां अस्पताल बनता तो क्षेत्र के लोगों को सुविधा होती। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से भवन का उपयोग न होने और देखरेख के अभाव में परिसर को नुकसान पहुंच रहा है। मुख्य गेट पर ताला न होने के कारण पशुओं का परिसर में प्रवेश बना रहता है।

ग्रामीणों ने महाविद्यालय में शिक्षकों व कर्मचारियों की तैनाती कर नियमित कक्षाएं शुरू कराने तथा भवन की सुरक्षा के लिए केयरटेकर नियुक्त करने की मांग की है।घ
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