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सीजेएम कोर्ट ने सुनाई सजा
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संर्विलांस प्रभारी करूणाकर पांडेय।
- फोटो : KHALILABAD
सर्विलांस प्रभारी को एक माह की सजा, जमानत मिली
- निर्देश के बावजूद अदालत में समय से प्रगति आख्या दाखिल नहीं करने के मामले में हुई कार्रवाई
- छह साल पुराना है मामला, तब महुली थाने के एसओ थे करुणाकर पांडेय
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। सीजेएम दीपकांत मणि ने सोमवार को सर्विलांस सेल प्रभारी और महुली के पूर्व एसओ करुणाकर पांडेय को एक माह सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उनके खिलाफ छह वर्ष पूर्व दर्ज एक एनसीआर के मामले में कोर्ट के निर्देश के बावजूद समय से प्रगति आख्या प्रस्तुत नहीं करने के मामले में कार्रवाई हुई है। हालांकि सजा सुनाए जाने के बाद पांडेय ने जमानत की अर्जी दाखिल किए, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
सर्विलांस सेल प्रभारी करुणाकर छह वर्ष पूर्व महुली थाने के एसओ थे। न्यायालय ने 25 अप्रैल 2013 को उन्हें एनसीआर नंबर 25 की विवेचना का आदेश दिया था, लेकिन वे लापरवाह बने रहे। बाद में अदालत ने केस की प्रगति आख्या प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वे समय से आदेश का पालन नहीं कर पाए। इस मामले में चंदा देवी ने तीन साल पहले कोर्ट से करुणाकर पांडेय के खिलाफ शिकायत की थी। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए सीजेएम दीपकांत मणि ने पुलिस अधिनियम की धारा 29 के तहत तत्कालीन थानाध्यक्ष महुली व वर्तमान सर्विलांस प्रभारी पांडेय को एक माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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- निर्देश के बावजूद अदालत में समय से प्रगति आख्या दाखिल नहीं करने के मामले में हुई कार्रवाई
- छह साल पुराना है मामला, तब महुली थाने के एसओ थे करुणाकर पांडेय
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। सीजेएम दीपकांत मणि ने सोमवार को सर्विलांस सेल प्रभारी और महुली के पूर्व एसओ करुणाकर पांडेय को एक माह सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उनके खिलाफ छह वर्ष पूर्व दर्ज एक एनसीआर के मामले में कोर्ट के निर्देश के बावजूद समय से प्रगति आख्या प्रस्तुत नहीं करने के मामले में कार्रवाई हुई है। हालांकि सजा सुनाए जाने के बाद पांडेय ने जमानत की अर्जी दाखिल किए, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
सर्विलांस सेल प्रभारी करुणाकर छह वर्ष पूर्व महुली थाने के एसओ थे। न्यायालय ने 25 अप्रैल 2013 को उन्हें एनसीआर नंबर 25 की विवेचना का आदेश दिया था, लेकिन वे लापरवाह बने रहे। बाद में अदालत ने केस की प्रगति आख्या प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वे समय से आदेश का पालन नहीं कर पाए। इस मामले में चंदा देवी ने तीन साल पहले कोर्ट से करुणाकर पांडेय के खिलाफ शिकायत की थी। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए सीजेएम दीपकांत मणि ने पुलिस अधिनियम की धारा 29 के तहत तत्कालीन थानाध्यक्ष महुली व वर्तमान सर्विलांस प्रभारी पांडेय को एक माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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