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Sant Kabir Nagar News: किसानों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है गाजर घास
Tue, 22 Aug 2023 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 22 Aug 2023 11:51 PM IST
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- गाजर घास जागरुकता सप्ताह का समापन
-कृषि विज्ञान केंद्र बगही ने किया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगही के जरिए आयोजित 18वां राष्ट्रीय गाजर घास जागरुकता सप्ताह का समापन मंगलवार को किया गया। अभियान के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र के जरिए स्वामी अभेदानंद सरस्वती इंटर कॉलेज, अभेदानगर धोबखरा के 154 बच्चों को जागरुकता कार्यक्रम में शामिल किया गया। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ अरविंद सिंह ने बताया कि गाजर घास किसानों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
उन्होंने बताया कि गाजर घास की मुख्य विशेषता ये है की ये तीन से चार फुट तक लंबे पौधे का तना लिए शाखा युक्त होता है। इसकी पत्तियां असामान्य रूप से गाजर की पत्ती की तरह होती हैं। इसके फूल का रंग सफेद होता है। ये शीघ्र ही जमीन पर गिरने के बाद प्रकाश और अंधकार में नमी पाकर अंकुरित हो जाते हैं।
कृषि प्रसार के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि गाजर घास को नष्ट करने के लिए मैक्सिकन बीटल, जाइगोग्रामा का संरक्षण व संवर्धन करें। वैज्ञानक डॉ तरुण कुमार ने बताया कि फूल आने के पहले गाजर घास को खेत में मिलाने व कम्पोस्ट बना कर हम अपने खेत के उपजाऊपन को बढ़ा सकते हैं।
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इस मौके पर प्रधानाचार्य मलय कुमार पांडेय, नूतन पांडेय, महेंद्र कुमार, उदय प्रताप पाल, नवनीत पांडेय, कुमारी वंदना, अनूप कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
पुनीत कुमार मिश्र
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-कृषि विज्ञान केंद्र बगही ने किया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगही के जरिए आयोजित 18वां राष्ट्रीय गाजर घास जागरुकता सप्ताह का समापन मंगलवार को किया गया। अभियान के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र के जरिए स्वामी अभेदानंद सरस्वती इंटर कॉलेज, अभेदानगर धोबखरा के 154 बच्चों को जागरुकता कार्यक्रम में शामिल किया गया। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ अरविंद सिंह ने बताया कि गाजर घास किसानों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
उन्होंने बताया कि गाजर घास की मुख्य विशेषता ये है की ये तीन से चार फुट तक लंबे पौधे का तना लिए शाखा युक्त होता है। इसकी पत्तियां असामान्य रूप से गाजर की पत्ती की तरह होती हैं। इसके फूल का रंग सफेद होता है। ये शीघ्र ही जमीन पर गिरने के बाद प्रकाश और अंधकार में नमी पाकर अंकुरित हो जाते हैं।
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कृषि प्रसार के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि गाजर घास को नष्ट करने के लिए मैक्सिकन बीटल, जाइगोग्रामा का संरक्षण व संवर्धन करें। वैज्ञानक डॉ तरुण कुमार ने बताया कि फूल आने के पहले गाजर घास को खेत में मिलाने व कम्पोस्ट बना कर हम अपने खेत के उपजाऊपन को बढ़ा सकते हैं।
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इस मौके पर प्रधानाचार्य मलय कुमार पांडेय, नूतन पांडेय, महेंद्र कुमार, उदय प्रताप पाल, नवनीत पांडेय, कुमारी वंदना, अनूप कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
पुनीत कुमार मिश्र