‘स्तनपान शिशु का प्रथम आहार’
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज खलीलाबाद में गृहविज्ञान की तरफ से स्तनपान का महत्व विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें छात्राओं ने विचार व्यक्त किए। गृहविज्ञान विभाग की अध्यक्ष कंचन लता पांडेय ने कहा कि स्तनपान शिशु का प्रथम आहार है। इससे शिशु का शारीरिक विकास होता है।
उन्होंने कहा कि हर माता अपने शिशु को स्तनपान कराती हैं। इसके लिए चिकित्सक भी सलाह देते हैं। जब शिशु जन्म लेता है तो वह पहले मां का ही दूध पीता है। इससे उसे कई तरह की बीमारियों से बचाया जा सकता है। संगोष्ठी में स्नातक द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर प्रथम व द्वितीय वर्ष की छात्राएं नीलम, सिजरा, रीमा, चंचल, श्वेता सहित 22 छात्राओं ने बारी-बारी से अपने-अपने विचार व्यक्त किए। रेनू पांडेय ने शिशु के लिए स्तनपान कितना महत्वपूर्ण है इस विषय पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में अमृता मिश्रा, संतोषी, दीपाजंलि, पूजा, मोनिका, अंजनी, रोशनी, निकिता, स्नेहा, उमा, बुशरा समेत अन्य छात्राएं मौजूद रहीं।