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Sant Kabir Nagar News: सावधान...आप तो नहीं पी रहे केमिकल वाली चाय
Sat, 25 Jan 2025 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 25 Jan 2025 11:54 PM IST
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बाजार में बिक रहा खुलता चाय।
संतकबीरनगर। हर घर और गली में मिलने वाली चाय पर भी मिलावट खोरों की नजर है। खुली चाय पत्ती खरीदते समय सजग रहने की जरूरत है। मिलावटखोर चमड़ा रंगने वाला केमिकल चाय पत्ती में मिला रहे हैं, ताकि रंग गाढ़ा आए। हाल ही में गोरखपुर में खाद विभाग की टीम ने छापा मारकर केमिकल से रंगी चाय पत्ती जब्त किया है। जिले में भी पहले इस तरह का मामला मिला चुका है। जिसमे आरोपियों पर सीजेएम न्यायालय में केस चल रहा है।
शहर से लेकर गांव तक बेधड़क खुली चाय की पत्ती बेची जाती है। इसका फायदा उठाकर धंधेबाज मिलावट कर रहे हैं। यह देखने में पूरी तरह से असली चाय की पत्ती की तरह दिखती है, लेकिन रंग गाढ़ा आए इसके लिए केमिकल मिला होता है। वैसे ब्रांडेड चाय पत्ती पर लोग ज्यादा जोर देते हैं, लेकिन सस्ते के चक्कर में लोग खुली चाय पत्ती खरीद रहे हैं। दुकानदार इसे 180 रुपये से लेकर 200 रुपये किलो तक बेच रहे हैं। जिसे फुटकर चाय की दुकानों पर डिब्बे में रख दिया जाता है। नवंबर 2023 में खाद्य विभाग ने धनघटा में छापा मारा था और चाय की पत्ती की नमूना लिया था। मई 2024 में रिपोर्ट आई जिसमे केमिकल (रंग) का मिलना पाया गया। जिसके बाद चायपत्ती बेचने वाले के खिलाफ सीजेएम न्यायालय में वाद दायर किया गया। जिसका केस अभी तक चल रहा है।
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चाय की पत्ती की रिपोर्ट आनी बाकी
खाद्य विभाग की टीम ने नवंबर 2024 में कांटे के पास छापेमारी कर एक दुकान से खुले में बिक रहे चाय की पत्ती का नमूना लिया था। इसके साथ ही मेंहदावल से भी एक नमूना लिया था। जिसकी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है, अभी रिपोर्ट नहीं आई है।
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केमिकल मिली चाय पत्ती पीने से लीवर पर असर
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि चाय पत्ती हमेशा ब्रांडेड ही इस्तेमाल करना चाहिए। खुले में बिक रही चाय पत्ती का इस्तेमाल न करें। केमिकल मिली चाय पत्ती से लीवर पर असर पड़ता है और गैस की समस्या बनती है। केमिकल युक्त चाय पीने से शरीर के किसी भी अंग को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए चाय की पत्ती का इस्तेमाल करते समय उसकी गुणवत्ता की जांच जरूर कर लें।
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ऐसे करें नकली चाय पत्ती की पहचान
सहायक आयुक्त खाद्य सतीश कुमार ने बताया कि ठंडे पानी में चाय पत्ती को डाल दें, अगर वह रंग छोड़ता है तो नकली है और केमिकल मिला है। इसके साथ ही चाय पत्ती अगर नकली होगी तो उसमें सुगंध नहीं आएगी। अगर चाय पत्ती ठंडे पानी में डालते नीचे बैठ जाती है तो यह मिलावटी और अगर ऊपर है तो सही है।
कोट
वर्ष 2023 में केमिकल से रंगी चाय पत्ती पकड़ी गई थी। जिसके बाद आरोपी पर सीजेएम न्यायालय में वाद दायर किया गया था। इधर चाय पत्ती के दो नमूनाें की रिपोर्ट आनी बाकी है। लगातार छापे मारे जा रहे हैं और सैंपल लिया जा रहा है। वैसे लोग देखकर ही चाय पत्ती की खरीदारी करें।
-सतीश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य
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शहर से लेकर गांव तक बेधड़क खुली चाय की पत्ती बेची जाती है। इसका फायदा उठाकर धंधेबाज मिलावट कर रहे हैं। यह देखने में पूरी तरह से असली चाय की पत्ती की तरह दिखती है, लेकिन रंग गाढ़ा आए इसके लिए केमिकल मिला होता है। वैसे ब्रांडेड चाय पत्ती पर लोग ज्यादा जोर देते हैं, लेकिन सस्ते के चक्कर में लोग खुली चाय पत्ती खरीद रहे हैं। दुकानदार इसे 180 रुपये से लेकर 200 रुपये किलो तक बेच रहे हैं। जिसे फुटकर चाय की दुकानों पर डिब्बे में रख दिया जाता है। नवंबर 2023 में खाद्य विभाग ने धनघटा में छापा मारा था और चाय की पत्ती की नमूना लिया था। मई 2024 में रिपोर्ट आई जिसमे केमिकल (रंग) का मिलना पाया गया। जिसके बाद चायपत्ती बेचने वाले के खिलाफ सीजेएम न्यायालय में वाद दायर किया गया। जिसका केस अभी तक चल रहा है।
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चाय की पत्ती की रिपोर्ट आनी बाकी
खाद्य विभाग की टीम ने नवंबर 2024 में कांटे के पास छापेमारी कर एक दुकान से खुले में बिक रहे चाय की पत्ती का नमूना लिया था। इसके साथ ही मेंहदावल से भी एक नमूना लिया था। जिसकी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है, अभी रिपोर्ट नहीं आई है।
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केमिकल मिली चाय पत्ती पीने से लीवर पर असर
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि चाय पत्ती हमेशा ब्रांडेड ही इस्तेमाल करना चाहिए। खुले में बिक रही चाय पत्ती का इस्तेमाल न करें। केमिकल मिली चाय पत्ती से लीवर पर असर पड़ता है और गैस की समस्या बनती है। केमिकल युक्त चाय पीने से शरीर के किसी भी अंग को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए चाय की पत्ती का इस्तेमाल करते समय उसकी गुणवत्ता की जांच जरूर कर लें।
ऐसे करें नकली चाय पत्ती की पहचान
सहायक आयुक्त खाद्य सतीश कुमार ने बताया कि ठंडे पानी में चाय पत्ती को डाल दें, अगर वह रंग छोड़ता है तो नकली है और केमिकल मिला है। इसके साथ ही चाय पत्ती अगर नकली होगी तो उसमें सुगंध नहीं आएगी। अगर चाय पत्ती ठंडे पानी में डालते नीचे बैठ जाती है तो यह मिलावटी और अगर ऊपर है तो सही है।
कोट
वर्ष 2023 में केमिकल से रंगी चाय पत्ती पकड़ी गई थी। जिसके बाद आरोपी पर सीजेएम न्यायालय में वाद दायर किया गया था। इधर चाय पत्ती के दो नमूनाें की रिपोर्ट आनी बाकी है। लगातार छापे मारे जा रहे हैं और सैंपल लिया जा रहा है। वैसे लोग देखकर ही चाय पत्ती की खरीदारी करें।
-सतीश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य