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जाति छिपाकर की शादी, बगैर दुल्हन के लौटी बरात
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पुलिस चौकी पर हो रहा दोनो पक्षो से सुलह।
- फोटो : KHALILABAD
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जाति छिपाकर की शादी, बगैर दुल्हन के लौटी बरात
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा (संतकबीरनगर)। जाति छिपाकर शादी कर लेने के बाद मामला खुला तो घराती और बराती में विवाद हो गया। मामला मोलनापुर चौकी पर पहुंचा। लड़की पक्ष ने शादी में खर्च की रकम देने की मांग की। बराती पक्ष तैयार हो गए। बिना दुल्हन के ही लखनऊ से आई बरात वापस लौट गई।
लखनऊ से महुली क्षेत्र के एक गांव में रविवार रात बरात आई थी। रीति-रिवाज से शादी संपन्न हुई। सोमवार को जब दुल्हन की विदाई की रस्म अदा की जा रही थी, उसी दौरान बरात में शामिल कुछ महिलाएं आपसी बातचीत में दूल्हे को दूसरी जाति के होने की पुष्टि की। इसके बाद माहौल बिगड़ गया। घराती और बराती पक्ष में नोकझोंक शुरू हो गई। मामला मोलनापुर चौकी पर पहुंचा।
चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र यादव ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किए। घराती पक्ष विवाह में खर्च हुए रकम की मांग करने लगे। बराती इस बात पर सहमत हो गए। उसके बाद बगैर दुल्हन के ही बरात लखनऊ लौट गई। चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि घराती और बराती पक्ष में विवाद हो गया था। पूरा प्रयास किया गया कि शादी न टूट पाए, लेकिन दोनों पक्ष नहीं माने। आपसी बातचीत के माध्यम से समझौता हुआ।
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा (संतकबीरनगर)। जाति छिपाकर शादी कर लेने के बाद मामला खुला तो घराती और बराती में विवाद हो गया। मामला मोलनापुर चौकी पर पहुंचा। लड़की पक्ष ने शादी में खर्च की रकम देने की मांग की। बराती पक्ष तैयार हो गए। बिना दुल्हन के ही लखनऊ से आई बरात वापस लौट गई।
लखनऊ से महुली क्षेत्र के एक गांव में रविवार रात बरात आई थी। रीति-रिवाज से शादी संपन्न हुई। सोमवार को जब दुल्हन की विदाई की रस्म अदा की जा रही थी, उसी दौरान बरात में शामिल कुछ महिलाएं आपसी बातचीत में दूल्हे को दूसरी जाति के होने की पुष्टि की। इसके बाद माहौल बिगड़ गया। घराती और बराती पक्ष में नोकझोंक शुरू हो गई। मामला मोलनापुर चौकी पर पहुंचा।
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चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र यादव ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किए। घराती पक्ष विवाह में खर्च हुए रकम की मांग करने लगे। बराती इस बात पर सहमत हो गए। उसके बाद बगैर दुल्हन के ही बरात लखनऊ लौट गई। चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि घराती और बराती पक्ष में विवाद हो गया था। पूरा प्रयास किया गया कि शादी न टूट पाए, लेकिन दोनों पक्ष नहीं माने। आपसी बातचीत के माध्यम से समझौता हुआ।
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