{"_id":"679d0fb78373b12db9016d24","slug":"bail-application-of-accused-of-elopement-of-minor-canceled-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-127895-2025-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: नाबालिग को भगाने के आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: नाबालिग को भगाने के आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त
Fri, 31 Jan 2025 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 31 Jan 2025 11:30 PM IST
विज्ञापन
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट ने नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर भगा ले जाने जबरजस्ती शारीरिक संबंध बनाए जाने के आरोपी धर्मवीर की जमानत प्रार्थना पत्र सुनवाई के उपरांत निरस्त कर दिए।
महुली पुलिस को पीड़िता की मां ने 21 दिसंबर 2024 को प्रार्थना पत्र दिया कि उसकी बेटी 16 वर्ष 17 दिसंबर 2024 को रात में परिवार के सदस्यों के सो जाने के बाद घर से अचानक कही चली गई।
सुबह होने पर हम लोग लड़की की खोज बीन किए। सगे संबंधी व रिश्तेदार से पूछताछ किए कहीं पता नहीं चला। 19 दिसंबर 2024 को जानकारी मिली कि बेटी को शादी का झांसा देकर आरोपी धर्मवीर कहीं भगा ले गया है। थाना महुली में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
विज्ञापन
आरोपी ने अपना जमानत प्रार्थना पत्र अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट में दाखिल किया। मामले के उपरोक्त तथ्य एवं परिस्थितियों अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए तथा पक्षों की बात बहस सुनने के उपरांत कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
विज्ञापन
महुली पुलिस को पीड़िता की मां ने 21 दिसंबर 2024 को प्रार्थना पत्र दिया कि उसकी बेटी 16 वर्ष 17 दिसंबर 2024 को रात में परिवार के सदस्यों के सो जाने के बाद घर से अचानक कही चली गई।
विज्ञापन
सुबह होने पर हम लोग लड़की की खोज बीन किए। सगे संबंधी व रिश्तेदार से पूछताछ किए कहीं पता नहीं चला। 19 दिसंबर 2024 को जानकारी मिली कि बेटी को शादी का झांसा देकर आरोपी धर्मवीर कहीं भगा ले गया है। थाना महुली में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
विज्ञापन
आरोपी ने अपना जमानत प्रार्थना पत्र अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट में दाखिल किया। मामले के उपरोक्त तथ्य एवं परिस्थितियों अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए तथा पक्षों की बात बहस सुनने के उपरांत कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।