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सत्यापन में मिले सुराग से शातिर गैंग तक पहुंची पुलिस
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सत्यापन में मिले सुुुराग से शातिर गैंग तक पहुंची पुलिस
- औद्योगिक क्षेत्र में किराए का मकान लेकर ठहरा था सरगना, लाइटर वाली पिस्टल भी गैंग के सदस्य लेकर चलते थे साथ
- पहले भी चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार हो चुका है रागेंद्र चौधरी
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। बदमाशों के सत्यापन के लिए चलाए जा रहे अभियान में मिले सुराग से पुलिस शातिर बदमाशों के गैंग तक पहुंची। गैंग वारदातें करने की फिराक में था। वारदात के मकसद से ही सरगना पांच दिन पहले से किराए के मकान में रह रहा था।
पकड़े गए बदमाशों के गैंग का सरगना बस्ती जिले के पुरानी बस्ती क्षेत्र के मंझरिया शुक्ल गांव निवासी रागेंद्र चौधरी पूर्व में भी चोरी के सामान के साथ पकड़ा जा चुका है। बस्ती के वाल्टरगंज क्षेत्र में इसके खिलाफ चोरी ,आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। इसी गांव का निवासी शैलेश उर्फ शैलेंद्र और मुंडेरवा क्षेत्र के उमरी अहरा गांव निवासी लवकुश चौधरी गैंग का सक्रिय सदस्य है। गैंग से जुड़े संतकबीरनगर जिले के बखिरा क्षेत्र के बंधवा गांव निवासी शिवम श्रीवास्तव उर्फ प्रिंस श्रीवास्तव अपराध करने से पूर्व गैंग के लिए रेकी का कार्य करता था।
खलीलाबाद शहर के तितौवा चौराहा उस्का रोड निवासी अजय कुमार सोनी गिरोह द्वारा चोरी या लूटे गए जेवरात को खरीदता था। पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गैंग का सरगना रागेंद्र चौधरी पांच दिन पूर्व ही औद्योगिक क्षेत्र में एक शख्स के मकान में किराए पर कमरा लेकर ठहरा था। उसका मकसद था कि पहले रेकी कराएगा फिर अपने गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देगा। पुलिस ने इनके कब्जे से प्रतिबंधित 38 बोर का रिवाल्वर और दो कारतूस बरामद किए हैं। अब सवाल यह है कि प्रतिबंधित बोर का रिवाल्वर और कारतूस गैंग के पास कहां से आया। गैंग से जुडे़ सदस्य नकली लाइटर वाली पिस्टल भी लेकर चलते थे। जिससे डराकर वारदात को अंजाम दे सकें। अपराध करने के इस नए ट्रेंड का भी पुलिस को पता चला।
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अपराधियों को किराए पर रखा तो मकान मालिक पर भी होगी कार्रवाई
एडीजी जोन के निर्देश पर लुटेरों के सत्यापन के लिए चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस को गैंग के सरगना रागेंद्र चौधरी के औद्योगिक क्षेत्र में किराए पर रहने की जानकारी मिली। इस सूचना के आधार पर गैंग के सदस्यों को पकड़ा गया। अन्यथा गैंग कई और आपराधिक वारदात को अंजाम देता। किराएदारों का सत्यापन कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा। वैसे मकान मालिकों से अपील है कि किराए पर मकान देने से पूर्व किराएदार के बारे में ठीक से जानकारी जुटा लें, तभी किराए पर दें। किराएदार के मूल पते का पूरा विवरण अपने पास रखें। यदि सत्यापन में अपराधियों को मकान किराए पर देने की बात जांच में सामने आई तो आगे से मकान मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. कौस्तुभ, एसपी
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- औद्योगिक क्षेत्र में किराए का मकान लेकर ठहरा था सरगना, लाइटर वाली पिस्टल भी गैंग के सदस्य लेकर चलते थे साथ
- पहले भी चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार हो चुका है रागेंद्र चौधरी
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। बदमाशों के सत्यापन के लिए चलाए जा रहे अभियान में मिले सुराग से पुलिस शातिर बदमाशों के गैंग तक पहुंची। गैंग वारदातें करने की फिराक में था। वारदात के मकसद से ही सरगना पांच दिन पहले से किराए के मकान में रह रहा था।
पकड़े गए बदमाशों के गैंग का सरगना बस्ती जिले के पुरानी बस्ती क्षेत्र के मंझरिया शुक्ल गांव निवासी रागेंद्र चौधरी पूर्व में भी चोरी के सामान के साथ पकड़ा जा चुका है। बस्ती के वाल्टरगंज क्षेत्र में इसके खिलाफ चोरी ,आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। इसी गांव का निवासी शैलेश उर्फ शैलेंद्र और मुंडेरवा क्षेत्र के उमरी अहरा गांव निवासी लवकुश चौधरी गैंग का सक्रिय सदस्य है। गैंग से जुड़े संतकबीरनगर जिले के बखिरा क्षेत्र के बंधवा गांव निवासी शिवम श्रीवास्तव उर्फ प्रिंस श्रीवास्तव अपराध करने से पूर्व गैंग के लिए रेकी का कार्य करता था।
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खलीलाबाद शहर के तितौवा चौराहा उस्का रोड निवासी अजय कुमार सोनी गिरोह द्वारा चोरी या लूटे गए जेवरात को खरीदता था। पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गैंग का सरगना रागेंद्र चौधरी पांच दिन पूर्व ही औद्योगिक क्षेत्र में एक शख्स के मकान में किराए पर कमरा लेकर ठहरा था। उसका मकसद था कि पहले रेकी कराएगा फिर अपने गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देगा। पुलिस ने इनके कब्जे से प्रतिबंधित 38 बोर का रिवाल्वर और दो कारतूस बरामद किए हैं। अब सवाल यह है कि प्रतिबंधित बोर का रिवाल्वर और कारतूस गैंग के पास कहां से आया। गैंग से जुडे़ सदस्य नकली लाइटर वाली पिस्टल भी लेकर चलते थे। जिससे डराकर वारदात को अंजाम दे सकें। अपराध करने के इस नए ट्रेंड का भी पुलिस को पता चला।
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अपराधियों को किराए पर रखा तो मकान मालिक पर भी होगी कार्रवाई
एडीजी जोन के निर्देश पर लुटेरों के सत्यापन के लिए चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस को गैंग के सरगना रागेंद्र चौधरी के औद्योगिक क्षेत्र में किराए पर रहने की जानकारी मिली। इस सूचना के आधार पर गैंग के सदस्यों को पकड़ा गया। अन्यथा गैंग कई और आपराधिक वारदात को अंजाम देता। किराएदारों का सत्यापन कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा। वैसे मकान मालिकों से अपील है कि किराए पर मकान देने से पूर्व किराएदार के बारे में ठीक से जानकारी जुटा लें, तभी किराए पर दें। किराएदार के मूल पते का पूरा विवरण अपने पास रखें। यदि सत्यापन में अपराधियों को मकान किराए पर देने की बात जांच में सामने आई तो आगे से मकान मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. कौस्तुभ, एसपी