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Sant Kabir Nagar News: आवास पर दूसरे का कब्जा...पेड़ के नीचे दिव्यांग परिवार
Thu, 25 Dec 2025 02:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 25 Dec 2025 02:15 AM IST
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भैसाखूट में अपने परिवार के साथ बैठा हुआ दिव्यांग भरत-संवाद
धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार की ग्राम पंचायत भैंसाखुट में दिव्यांग परिवार इस कड़ाके की ठंड में पेड़ के नीचे रहने को विवश है। पांच साल पहले इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास मिला था, लेकिन उसे अपनी जमीन पर बनाना बताकर गांव का एक शख्स कब्जा कर लिया। तभी से यह परिवार बगीचे में आम के पेड़ के नीचे जीवन यापन कर रहा है।
भैसाखुट गांव निवासी भरत पैर से दिव्यांग हैं। उनकी पत्नी और दो बेटियां उनके साथ रहती हैं। भरत भले ही भैसाखुट गांव के निवासी हैं लेकिन उनको वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री आवास मिला तो उस आवास का निर्माण उन्होंने बगल के गांव रामपुर मध्य में कराया। गांव वालों का कहना है कि भरत का मकान जिस जमीन पर बनवाया गया है, पैमाइश में वह जमीन दूसरे के नाम से निकली। जिस आदमी के नाम से भरत की जमीन मिली थी उसने मकान पर भी कब्जा कर लिया। तभी से दिव्यांग परिवार गांव के पास बगीचे में पेड़ के नीचे रहने को विवश है।
भरत ने बताया कि कमजोरी की वजह से कोई मदद करने वाला नहीं है। मकान अगर दूसरे के जमीन में निकल गया तो उसका मुआवजा तो मिलना चाहिए था। लेकिन वह भी नहीं मिला। बच्चे मजदूरी करते हैं तो सुबह शाम चूल्हा तो गर्म हो जा रहा है लेकिन ठंड से रात बितानी मुश्किल हो रही है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी केके दुबे ने बताया कि इस मामले की जानकारी नहीं है। दिव्यांग के संबंध में पता करके उसकी मदद अवश्य की जाएगी।
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भैसाखुट गांव निवासी भरत पैर से दिव्यांग हैं। उनकी पत्नी और दो बेटियां उनके साथ रहती हैं। भरत भले ही भैसाखुट गांव के निवासी हैं लेकिन उनको वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री आवास मिला तो उस आवास का निर्माण उन्होंने बगल के गांव रामपुर मध्य में कराया। गांव वालों का कहना है कि भरत का मकान जिस जमीन पर बनवाया गया है, पैमाइश में वह जमीन दूसरे के नाम से निकली। जिस आदमी के नाम से भरत की जमीन मिली थी उसने मकान पर भी कब्जा कर लिया। तभी से दिव्यांग परिवार गांव के पास बगीचे में पेड़ के नीचे रहने को विवश है।
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भरत ने बताया कि कमजोरी की वजह से कोई मदद करने वाला नहीं है। मकान अगर दूसरे के जमीन में निकल गया तो उसका मुआवजा तो मिलना चाहिए था। लेकिन वह भी नहीं मिला। बच्चे मजदूरी करते हैं तो सुबह शाम चूल्हा तो गर्म हो जा रहा है लेकिन ठंड से रात बितानी मुश्किल हो रही है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी केके दुबे ने बताया कि इस मामले की जानकारी नहीं है। दिव्यांग के संबंध में पता करके उसकी मदद अवश्य की जाएगी।
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