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तबादले से नाराज कर्मियों ने डीपीआरओ को घेरा
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Thu, 31 Mar 2016 11:00 PM IST
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घेराव किया।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों की तबादला सूची जारी होने के बाद से ही विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को तबादले से नाराज ग्राम पंचायत अधिकारियों ने डीपीआरओ का घेराव किया और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। वैसे यह मामला हाईकोर्ट भी पहुंच चुका है।
वित्तीय सत्र की समाप्ति के दौरान मार्च के आखिरी सप्ताह में पहले डीडीओ रमेशचंद्रा ने सीडीओ की अनुमति लेकर 14 ग्राम विकास अधिकारियों का तबादला एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में किया। इसके दो दिन बाद डीपीआरओ रामअग्रे सिंह ने डीएम और सीडीओ की संस्तुति लेकर 33 ग्राम पंचायत अधिकारियों और 21 ग्राम विकास अधिकारियों का एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में तबादले की सूची जारी कर दी है। तभी से विवाद खड़ा हो गया है।
डीडीओ रमेश चंद्रा का तर्क है कि तबादले के शासनादेश के मुताबिक ग्राम विकास अधिकारियों का एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में तबादला करने का अधिकार डीडीओ में निहित है। जबकि ब्लॉक क्षेत्र के अंदर डीपीआरओ तबादला कर सकते है। जबकि डीपीआरओ रामअग्रे सिंह का कहना है कि तबादला आदेश की नीति में दिए गए अधिकार के तहत ही डीएम,सीडीओ की संस्तुति के बाद वह 53 कर्मचारियों के तबादले का आदेश जारी किए है। इधर ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी आरोप लगा रहे है कि सपा नेताओं के दबाव में प्रशासनिक उच्चाधिकारियों ने बेमौसम तबादला कर दिया है।
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वित्तीय सत्र की समाप्ति पर एक साथ इतने लोगों का तबादला करना न्यायसंगत नहीं है। तमाम ऐसे लोगों का भी तबादला कर दिया गया है जो अभी दो साल पहले की उस ब्लॉक में तैनाती पाए थे। कोर्ट के निर्णय का सभी को इंतजार तो है ही,इसके साथ तबादले पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे। प्रशासनिक सूत्र बताते है कि तबादले की संशोधित सूची डीपीआरओ और डीडीओ ने तैयार कर ली है।
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वित्तीय सत्र की समाप्ति के दौरान मार्च के आखिरी सप्ताह में पहले डीडीओ रमेशचंद्रा ने सीडीओ की अनुमति लेकर 14 ग्राम विकास अधिकारियों का तबादला एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में किया। इसके दो दिन बाद डीपीआरओ रामअग्रे सिंह ने डीएम और सीडीओ की संस्तुति लेकर 33 ग्राम पंचायत अधिकारियों और 21 ग्राम विकास अधिकारियों का एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में तबादले की सूची जारी कर दी है। तभी से विवाद खड़ा हो गया है।
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डीडीओ रमेश चंद्रा का तर्क है कि तबादले के शासनादेश के मुताबिक ग्राम विकास अधिकारियों का एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में तबादला करने का अधिकार डीडीओ में निहित है। जबकि ब्लॉक क्षेत्र के अंदर डीपीआरओ तबादला कर सकते है। जबकि डीपीआरओ रामअग्रे सिंह का कहना है कि तबादला आदेश की नीति में दिए गए अधिकार के तहत ही डीएम,सीडीओ की संस्तुति के बाद वह 53 कर्मचारियों के तबादले का आदेश जारी किए है। इधर ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी आरोप लगा रहे है कि सपा नेताओं के दबाव में प्रशासनिक उच्चाधिकारियों ने बेमौसम तबादला कर दिया है।
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वित्तीय सत्र की समाप्ति पर एक साथ इतने लोगों का तबादला करना न्यायसंगत नहीं है। तमाम ऐसे लोगों का भी तबादला कर दिया गया है जो अभी दो साल पहले की उस ब्लॉक में तैनाती पाए थे। कोर्ट के निर्णय का सभी को इंतजार तो है ही,इसके साथ तबादले पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे। प्रशासनिक सूत्र बताते है कि तबादले की संशोधित सूची डीपीआरओ और डीडीओ ने तैयार कर ली है।