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Sant Kabir Nagar News: कोटेदार के खिलाफ आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसीलदार का किया घेराव
Wed, 09 Oct 2024 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 09 Oct 2024 12:16 AM IST
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- धनघटा तहसील में हैंसर क्षेत्र के बैजनाथपुर गांव के लोगों ने तीन घंटे तक किया हंगामा
- कोटे की दुकान निलंबित करने की मांग पर अड़े
- ग्रामीणों ने दो माह से राशन न देने का आरोप
धनघटा। हैंसर क्षेत्र के बैजनाथपुर में कोटे के खिलाफ कार्रवाई न होने को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसीलदार व पूर्ति निरीक्षक का घेराव किया। लगभग तीन घंटे तक तहसील में हंगामे का माहौल बना रहा। ग्रामीणों से बात करने पहुंचे तहसीलदार व पूर्ति निरीक्षक को घेर कर ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की। ग्रामीण कोटे की दुकान को निलंबित करने की मांग पर अड़े रहे। नाराज ग्रामीणों को समझाने में तहसीलदार योगेंद्र पांडेय को मशक्कत करनी पड़ी।
बैजनाथपुर के आक्रोशित दर्जनों की संख्या में ग्रामीण सुबह 11 बजे तहसील परिसर में पहुंच गए। सभी तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। ग्रामीण जनार्दन यादव, शैलेन्द्र यादव, मकरध्वज सिंह आदि ने बताया कि राशन कार्डधारकों को दो माह से अनाज नहीं मिला। पिछले 18 सितंबर को गांव के लगभग 350 राशन कार्डधारकों के बीच कोटे की जांच की गई।
इस दौरान जांच अधिकारी ने बताया कि 15 दिनों के भीतर कोटे की दुकान निरस्त कर दी जाएगी, लेकिन 15 दिन गुजरने के बाद कोटे की दुकान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच ग्रामीणों व तहसीलदार के साथ मौजूद पूर्ति निरीक्षक के बीच काफी देर तक बात होती रही, लेकिन ग्रामीण कोटे की दुकान निरस्त करने की मांग को लेकर अड़े हुए थे।
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इस बीच पूर्ति निरीक्षक सौरभ गोस्वामी ने लिखित रूप से बताया कि दुकानदार को 18 अक्तूबर तक स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। उसके बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विक्रेता के यहां रखे अनाज को 14 व 15 अक्तूबर को गांव स्थित पंचायत भवन या विद्यालय में पुलिस की मौजूदगी में वितरित किया जाएगा। बताया गया कि नवंबर माह से कोटे की दुकान गायघाट द्वितीय की दुकान से अटैच किया गया है। तहसीलदार योगेंद्र पांडेय के काफी समझाने बुझाने के बाद ग्रामीण लौट गए।
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- कोटे की दुकान निलंबित करने की मांग पर अड़े
- ग्रामीणों ने दो माह से राशन न देने का आरोप
धनघटा। हैंसर क्षेत्र के बैजनाथपुर में कोटे के खिलाफ कार्रवाई न होने को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसीलदार व पूर्ति निरीक्षक का घेराव किया। लगभग तीन घंटे तक तहसील में हंगामे का माहौल बना रहा। ग्रामीणों से बात करने पहुंचे तहसीलदार व पूर्ति निरीक्षक को घेर कर ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की। ग्रामीण कोटे की दुकान को निलंबित करने की मांग पर अड़े रहे। नाराज ग्रामीणों को समझाने में तहसीलदार योगेंद्र पांडेय को मशक्कत करनी पड़ी।
बैजनाथपुर के आक्रोशित दर्जनों की संख्या में ग्रामीण सुबह 11 बजे तहसील परिसर में पहुंच गए। सभी तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। ग्रामीण जनार्दन यादव, शैलेन्द्र यादव, मकरध्वज सिंह आदि ने बताया कि राशन कार्डधारकों को दो माह से अनाज नहीं मिला। पिछले 18 सितंबर को गांव के लगभग 350 राशन कार्डधारकों के बीच कोटे की जांच की गई।
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इस दौरान जांच अधिकारी ने बताया कि 15 दिनों के भीतर कोटे की दुकान निरस्त कर दी जाएगी, लेकिन 15 दिन गुजरने के बाद कोटे की दुकान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच ग्रामीणों व तहसीलदार के साथ मौजूद पूर्ति निरीक्षक के बीच काफी देर तक बात होती रही, लेकिन ग्रामीण कोटे की दुकान निरस्त करने की मांग को लेकर अड़े हुए थे।
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इस बीच पूर्ति निरीक्षक सौरभ गोस्वामी ने लिखित रूप से बताया कि दुकानदार को 18 अक्तूबर तक स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। उसके बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विक्रेता के यहां रखे अनाज को 14 व 15 अक्तूबर को गांव स्थित पंचायत भवन या विद्यालय में पुलिस की मौजूदगी में वितरित किया जाएगा। बताया गया कि नवंबर माह से कोटे की दुकान गायघाट द्वितीय की दुकान से अटैच किया गया है। तहसीलदार योगेंद्र पांडेय के काफी समझाने बुझाने के बाद ग्रामीण लौट गए।