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सिविल सेवा परीक्षा में मो. आकिब की 203 वीं रैंक

Fri, 24 Sep 2021 11:43 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 11:43 PM IST
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सिविल सेवा परीक्षा में मो. आकिब की 203 वीं रैंक
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वर्तमान में आईपीएस का ले रहे हैं प्रशिक्षण, घर और गांव में हर्ष, बंटी मिठाई
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मसिंहवा/संतकबीरनगर। संघ लोक सेवा आयोग(यूपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा-2020 में धर्मसिंहवा क्षेत्र के पोखरभिटवा गांव निवासी मोहम्मद आकिब ने सफलता हासिल की है। उन्हें 203 वीं रैंक मिली है। वर्तमान में सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में प्रशिक्षण ले रहे हैं। शुक्रवार देर शाम जैसे ही परिणाम की जानकारी परिजनों को हुई, वैसे ही परिजन व गांव वाले खुशी का झूम उठे। लोगों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
किसान परिवार में जन्मे मोहम्मद आकिब (26) बचपन से मेधावी हैं। प्राथमिक शिक्षा पोखरभिटवा गांव स्थित प्राइमरी पाठशाला से प्राप्त की। शिक्षक विजय पांडेय और रामवृक्ष ने उनकी शिक्षा के प्रति ललक और लगन का परखा और प्रोत्साहन देकर नवोदय विद्यालय में दाखिला के लिए की तैयारी कराई। कक्षा दसवीं तक की पढ़ाई सिद्धार्थनगर के बांसी स्थित नवोदय विद्यालय से की। इंटरमीडिएट की पढ़ाई करने कालिका पब्लिक स्कूल नई दिल्ली चले गए। वर्ष 2013 में इनका चयन आईआईटी चेन्नई में हुआ। बीटेक के बाद वे दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।
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आईएएस बनकर समाज सेवा करना चाहते हैं मो.आकिब
मोहम्मद आकिब बताते है कि उनके पिता अलाउद्दीन खेतीबाड़ी के साथ- साथ राजेडीहा बाजार में हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं। मां कलीमुन्निशा व पिता अलाउद्दीन बचपन से उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। कभी किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होने दी। वर्ष 2019 की परीक्षा में उन्हें 579 वीं रैंक हासिल हुई थी। वर्तमान में आईपीएस का प्रशिक्षण ले रहे हैं। पिछली बार की रैंक से वह संतुष्ट नहीं थे। इस कारण फिर परीक्षा में बैठे और इस बार की रैंक से वह संतुष्ट हैं। उनका ख्वाब आईएएस बन कर गरीबों, मजलूमों की सेवा करना है। समाज के हर तबके के पात्र लोगों तक सरकारी योजनाएं पहुंचाना उनका ध्येय है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को पहले लक्ष्य तय करना चाहिए। उसी के अनुरूप तैयारी करनी चाहिए। पाठ्यक्रम को समझने की जरूरत है न कि रटने की। अगर कुछ कर गुजरने की ठान लें और प्रयास ईमानदारी से करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
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