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Sant Kabir Nagar News: हल्की बारिश के बाद कान और गले में दर्द के मरीज बढ़े
Sun, 08 Feb 2026 01:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 08 Feb 2026 01:34 AM IST
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जिला अस्पताल में मरीज देखते चिकित्सक-संवाद
संतकबीरनगर। हल्की बारिश के बाद ठंड बढ़ने से लोगों के कानों में समस्या तेजी से बढ़ रही है। कान में खुजली, जलन, दर्द और कम सुनाई देने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं, गले में गटकने में दिक्कत, नाक में सांस लेने में दिक्कत और कान के पर्दों में सूजन के मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। ओपीडी में रोजाना 60-70 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 50 फीसदी संख्या बच्चों की है।
जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ का भी जिम्मा संभाल रहे वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाशंकर ने बताया कि ठंड के मौसम में त्वचा और कान के भीतर नमी कम हो जाती है। इससे मैल सख्त होकर जमने लगता है। कई लोग कान साफ करने के लिए तीली या पिन का इस्तेमाल करते हैं। इससे कान को नुकसान पहुंच सकता है।
शनिवार को ओपीडी में करीब 90 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें ज्यादातर मरीज नाक में दिक्कत, निगलते समय गले में दर्द और कान के पर्दों में सूजन की शिकायत लेकर आ रहे हैं। इनमें करीब 50 फीसदी संख्या बाल रोगियों की है। मरीजों को बिना विशेषज्ञ की सलाह के कान की सफाई न करने और परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई।
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ऐसे करें बचाव
- बिना डॉक्टर की सलाह के कान में तीली, पिन या नुकीली वस्तु न डालें।
- नहाने के बाद कानों को साफ और सूखे कपड़े से हल्के हाथों से पोंछें।
- ज्यादा खुजली, दर्द, जलन या सुनाई कम देने पर तुरंत ईएनटी डॉक्टर को दिखाएं।
- पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें, ताकि शरीर में नमी बनी रहे।
- कान में किसी भी प्रकार की दवा या ड्रॉप डॉक्टर की सलाह से ही डालें।
- ठंड में पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें, ताकि शरीर में नमी बनी रहे।
- कान में किसी भी प्रकार की दवा या ड्रॉप डॉक्टर की सलाह से ही डालें।
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जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ का भी जिम्मा संभाल रहे वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाशंकर ने बताया कि ठंड के मौसम में त्वचा और कान के भीतर नमी कम हो जाती है। इससे मैल सख्त होकर जमने लगता है। कई लोग कान साफ करने के लिए तीली या पिन का इस्तेमाल करते हैं। इससे कान को नुकसान पहुंच सकता है।
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शनिवार को ओपीडी में करीब 90 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें ज्यादातर मरीज नाक में दिक्कत, निगलते समय गले में दर्द और कान के पर्दों में सूजन की शिकायत लेकर आ रहे हैं। इनमें करीब 50 फीसदी संख्या बाल रोगियों की है। मरीजों को बिना विशेषज्ञ की सलाह के कान की सफाई न करने और परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई।
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ऐसे करें बचाव
- बिना डॉक्टर की सलाह के कान में तीली, पिन या नुकीली वस्तु न डालें।
- नहाने के बाद कानों को साफ और सूखे कपड़े से हल्के हाथों से पोंछें।
- ज्यादा खुजली, दर्द, जलन या सुनाई कम देने पर तुरंत ईएनटी डॉक्टर को दिखाएं।
- पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें, ताकि शरीर में नमी बनी रहे।
- कान में किसी भी प्रकार की दवा या ड्रॉप डॉक्टर की सलाह से ही डालें।
- ठंड में पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें, ताकि शरीर में नमी बनी रहे।
- कान में किसी भी प्रकार की दवा या ड्रॉप डॉक्टर की सलाह से ही डालें।