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Sant Kabir Nagar News: चार ग्राम पंचायतों से आहरित रकम को लेकर एडीओ पंचायत-सचिव आमने-सामने
Sun, 27 Aug 2023 11:06 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 27 Aug 2023 11:06 PM IST
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-एडीओ पंचायत पर नियम के विरुद्ध पांच लाख आहरण कराए जाने का आरोप
- सचिव ने डीपीआरओ को पत्र भेजकर मामले से कराया अवगत
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले के विकास खंड पौली में चार ग्राम पंचायतों से आहरित की गई रकम को लेकर एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत अधिकारी आमने-सामने हो गए आ गए हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी ने एडीओ पंचायत पर चार ग्राम पंचायतों से पांच लाख का आहरण नियम के विरुद्ध कराए जाने का आरोप लगाया है। वहीं एडीओ पंचायत ने ग्राम पंचायत अधिकारी पर प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थी से रिश्वत लेने के मामले में संभावित कार्रवाई से बौखलाया बताकर अपने ऊपर लगाए गए आरोप को खारिज किया है।
ग्राम पंचायत अधिकारी रमाकांत का आरोप है कि डीएम के निर्देश पर नारायनपुर क्लस्टर पर उनका तबादला हुआ। जिससे शिव बखरी क्लस्टर हटा दिया गया और उसी दिन डोंगल को एडीओ पंचायत ने निरस्त कर दिया। आरोप है कि नारायनपुर कलक्टर पर कार्यरत ग्राम पंचायत अधिकारी बृजेश यादव का तबादला तो कर दिया गया, लेकिन उनका डोंगल एडीओ पंचायत ने निरस्त नहीं किया। तबादले के बाद नारायनपुर कलक्टर के ग्राम पंचायत चकिया, मटौली, नरायनपुर और मकदूमपुर से राजवित्त का चार लाख 86 हजार पांच सौ 85 रुपये आहरित कर लिया गया।
ग्राम पंचायत अधिकारी का आरोप है कि एडीओ पंचायत अपने रसूख और पहुंच की बदौलत अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। सचिव ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर इस प्रकरण की जांच करा कर कार्रवाई की मांग की।
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दूसरी तरफ एडीओ पंचायत दलसिंगार यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी रमाकांत ग्राम पंचायत भोतहा हरिवंशपुर निवासी पीएम आवास की लाभार्थी बासमती पत्नी जीते से 20,000 रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे। जब उसने रिश्वत नहीं दी तो ग्राम पंचायत अधिकारी रामाकांत ने 20,000 रुपये दूसरे लाभार्थी के खाता में भेजवा कर रुपए ले लिए। जिसकी शिकायत लाभार्थी ने आइजीआरएस के माध्यम से शासन में की है। इस प्रकरण की जांच चल रही है। अपने ऊपर कार्रवाई की तलवार लटकता हुआ देख ग्राम पंचायत अधिकारी बौखला गए हैं और अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं। इनके जरिए लगाए गए आरोप निराधार और बेबुनियाद हैं। इसी तरह अपने ऊपर लगाए गए आरोप को ग्राम पंचायत अधिकारी रमाकांत ने भी बेबुनियाद बताया है।
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- सचिव ने डीपीआरओ को पत्र भेजकर मामले से कराया अवगत
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले के विकास खंड पौली में चार ग्राम पंचायतों से आहरित की गई रकम को लेकर एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत अधिकारी आमने-सामने हो गए आ गए हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी ने एडीओ पंचायत पर चार ग्राम पंचायतों से पांच लाख का आहरण नियम के विरुद्ध कराए जाने का आरोप लगाया है। वहीं एडीओ पंचायत ने ग्राम पंचायत अधिकारी पर प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थी से रिश्वत लेने के मामले में संभावित कार्रवाई से बौखलाया बताकर अपने ऊपर लगाए गए आरोप को खारिज किया है।
ग्राम पंचायत अधिकारी रमाकांत का आरोप है कि डीएम के निर्देश पर नारायनपुर क्लस्टर पर उनका तबादला हुआ। जिससे शिव बखरी क्लस्टर हटा दिया गया और उसी दिन डोंगल को एडीओ पंचायत ने निरस्त कर दिया। आरोप है कि नारायनपुर कलक्टर पर कार्यरत ग्राम पंचायत अधिकारी बृजेश यादव का तबादला तो कर दिया गया, लेकिन उनका डोंगल एडीओ पंचायत ने निरस्त नहीं किया। तबादले के बाद नारायनपुर कलक्टर के ग्राम पंचायत चकिया, मटौली, नरायनपुर और मकदूमपुर से राजवित्त का चार लाख 86 हजार पांच सौ 85 रुपये आहरित कर लिया गया।
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ग्राम पंचायत अधिकारी का आरोप है कि एडीओ पंचायत अपने रसूख और पहुंच की बदौलत अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। सचिव ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर इस प्रकरण की जांच करा कर कार्रवाई की मांग की।
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दूसरी तरफ एडीओ पंचायत दलसिंगार यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी रमाकांत ग्राम पंचायत भोतहा हरिवंशपुर निवासी पीएम आवास की लाभार्थी बासमती पत्नी जीते से 20,000 रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे। जब उसने रिश्वत नहीं दी तो ग्राम पंचायत अधिकारी रामाकांत ने 20,000 रुपये दूसरे लाभार्थी के खाता में भेजवा कर रुपए ले लिए। जिसकी शिकायत लाभार्थी ने आइजीआरएस के माध्यम से शासन में की है। इस प्रकरण की जांच चल रही है। अपने ऊपर कार्रवाई की तलवार लटकता हुआ देख ग्राम पंचायत अधिकारी बौखला गए हैं और अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं। इनके जरिए लगाए गए आरोप निराधार और बेबुनियाद हैं। इसी तरह अपने ऊपर लगाए गए आरोप को ग्राम पंचायत अधिकारी रमाकांत ने भी बेबुनियाद बताया है।