{"_id":"60c4f5cd8ebc3e0bfc10ef89","slug":"action-khalilabad-news-gkp3978810166","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदमाशों पर होगी कार्रवाई, तैयारी में जुटी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदमाशों पर होगी कार्रवाई, तैयारी में जुटी पुलिस
विज्ञापन
बदमाशों पर होगी कार्रवाई, तैयारी में जुटी पुलिस
पिछले 15 साल में वारदातों को अंजाम देने वालों की बनी सूची
जिले में रहने वाले 279 बदमाशों ने गोरखपुर और 48 ने सिद्धार्थनगर में की वारदात
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। अपने या दूसरे के जिले में वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों की सक्रियता पुलिस जांचेगी। एडीजी जोन अखिल कुमार ने पिछले 15 वर्षों में जिलेवार वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों की सूची तैयार कराई है। सूची में अपने जिले से जाकर दूसरे जिलों में अपराध करने वाले बदमाशों का नाम भी है। जल्द ही पुलिस अभियान चलाकर इन बदमाशों के घरों पर दस्तक देगी। बदमाशों की सक्रियता की जांच की जाएगी। उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा चुनाव निकट है। दूसरी ओर कोरोना संक्रमण के कारण लोगों के कामकाज पर बुरा असर पड़ा है। ऐसे हालात में अपराधों को नियंत्रित करने की पुलिस ने रणनीति तय की है। एक ओर पुलिस पुराने लुटेरों को चिह्नित कर उनकी कार्यशैली के हिसाब से शिकंजा कसने की तैयारी में है, दूसरी ओर यह नए अपराधियों को चेतावनी भी है।
एडीजी द्वारा बनवाई गई सूची में ऐेसे अपराधियों की भी सूची बनाई गई है जो अपने गृह जनपद में तो अपराध नहीं करते है, लेकिन दूसरे जिलों में घटना को अंजाम देते हैं। इससे गृह जनपद की पुलिस की नजर उन बदमाशों तक नहीं पहुंच पाती है। इसमें संतकबीरनगर के रहने वाले ऐसे 279 बदमाश चिह्नित किए गए हैं जो गोरखपुर में लूट, छिनैती, नकबजनी, चोरी आदि की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। इसमें 99 लुटेरे हैं। 48 ऐसे बदमाश चिह्नित हुए हैं जो सिद्धार्थनगर में आपराधिक वारदात को अंजाम दिए है। जिले में 57 ऐसे बदमाश हैं जिन्होंने खुद के जिले में भी अपराध किया है। करीब 170 चोर और नकबजन चिह्नित किए गए हैं। सूची 386 हिस्ट्रीशीटर हैं।
विज्ञापन
पुराने और नए लुटेरे, नकबजन, चोर और हिस्ट्रीशीटरों की वर्तमान गतिविधियों की हकीकत जांची जाएगी। गोरखपुर और सिद्धार्थनगर में अपराध करने वाले जनपद के निवासी अपराधियों की भी सूची प्राप्त हुई है। हल्का के दरोगा और सिपाही को जिम्मेदारी देकर बदमाशों की अपराध में सक्रियता के संबंध में रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसके बाद जैसी स्थिति होगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। नए सक्रिय अपराधियों की निगरानी के लिए हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी। अपराध की प्रकृति और सक्रियता के हिसाब से अपराध से अर्जित संपत्ति की जब्ती, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट आदि कार्रवाई कराई जाएगी।
-डॉ. कौस्तुभ,एसपी
विज्ञापन
पिछले 15 साल में वारदातों को अंजाम देने वालों की बनी सूची
जिले में रहने वाले 279 बदमाशों ने गोरखपुर और 48 ने सिद्धार्थनगर में की वारदात
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। अपने या दूसरे के जिले में वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों की सक्रियता पुलिस जांचेगी। एडीजी जोन अखिल कुमार ने पिछले 15 वर्षों में जिलेवार वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों की सूची तैयार कराई है। सूची में अपने जिले से जाकर दूसरे जिलों में अपराध करने वाले बदमाशों का नाम भी है। जल्द ही पुलिस अभियान चलाकर इन बदमाशों के घरों पर दस्तक देगी। बदमाशों की सक्रियता की जांच की जाएगी। उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा चुनाव निकट है। दूसरी ओर कोरोना संक्रमण के कारण लोगों के कामकाज पर बुरा असर पड़ा है। ऐसे हालात में अपराधों को नियंत्रित करने की पुलिस ने रणनीति तय की है। एक ओर पुलिस पुराने लुटेरों को चिह्नित कर उनकी कार्यशैली के हिसाब से शिकंजा कसने की तैयारी में है, दूसरी ओर यह नए अपराधियों को चेतावनी भी है।
विज्ञापन
एडीजी द्वारा बनवाई गई सूची में ऐेसे अपराधियों की भी सूची बनाई गई है जो अपने गृह जनपद में तो अपराध नहीं करते है, लेकिन दूसरे जिलों में घटना को अंजाम देते हैं। इससे गृह जनपद की पुलिस की नजर उन बदमाशों तक नहीं पहुंच पाती है। इसमें संतकबीरनगर के रहने वाले ऐसे 279 बदमाश चिह्नित किए गए हैं जो गोरखपुर में लूट, छिनैती, नकबजनी, चोरी आदि की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। इसमें 99 लुटेरे हैं। 48 ऐसे बदमाश चिह्नित हुए हैं जो सिद्धार्थनगर में आपराधिक वारदात को अंजाम दिए है। जिले में 57 ऐसे बदमाश हैं जिन्होंने खुद के जिले में भी अपराध किया है। करीब 170 चोर और नकबजन चिह्नित किए गए हैं। सूची 386 हिस्ट्रीशीटर हैं।
विज्ञापन
पुराने और नए लुटेरे, नकबजन, चोर और हिस्ट्रीशीटरों की वर्तमान गतिविधियों की हकीकत जांची जाएगी। गोरखपुर और सिद्धार्थनगर में अपराध करने वाले जनपद के निवासी अपराधियों की भी सूची प्राप्त हुई है। हल्का के दरोगा और सिपाही को जिम्मेदारी देकर बदमाशों की अपराध में सक्रियता के संबंध में रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसके बाद जैसी स्थिति होगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। नए सक्रिय अपराधियों की निगरानी के लिए हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी। अपराध की प्रकृति और सक्रियता के हिसाब से अपराध से अर्जित संपत्ति की जब्ती, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट आदि कार्रवाई कराई जाएगी।
-डॉ. कौस्तुभ,एसपी