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Sant Kabir Nagar News: मुआवजे के साथ कार्रवाई भी अटकी उपभोक्ता आयोग जाएंगे पीड़ित
Mon, 14 Apr 2025 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 14 Apr 2025 12:06 AM IST
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बंद पड़ा अग्रवाल नेत्रालय
संतकबीरनगर। शहर के अग्रवाल नेत्रालय के जरिए आंख के गलत ऑपरेशन के बाद 11 मरीजों की आंख की रोशनी चले जाने के मामले में अब तक पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिल सका है। पीड़ित अब इस मामले में उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाने की बात कह रहे हैं। वहीं पीड़ित एक बार और डीएम से मिलेंगे। गेहूं कटाई की वजह से वह डीएम से नहीं मिल पाए थे। इस मामले में पूरी हुई जांच रिपोर्ट डीएम के पास है। पीड़ित कोल्हुआ निवासी मंशा उर्फ मुनक्का, आटा कला निवासी जफर अली, महुली निवासी मृतक राजकिशोर के पुत्र अमरजीत तथा रामपलट का कहना है कि फरवरी से अब तक सिर्फ आश्वासन हीं मिल रहा है।
किसी का पांच लाख तो किसी के सात लाख रुपये इलाज पर खर्च हो चुके हैं। लेकिन मुआवजा के नाम पर एक रुपया भी अब तक नहीं मिला। अस्पताल के संचालक ने अभी तक उनसे संपर्क तक नहीं किया।हरपुर बुदहट निवासी रामपलट के बेटे रामदास का कहना है कि अस्पताल संचालक ने मुआवजा दिया है लेकिन वह किसी काम का नहीं है। उनका इलाज में पांच लाख खर्च हो चुका है।
संक्रमित आंख को निकालने की बात डॉक्टर कहे हैं। पैसे का इंतजाम किया जा रहा है। उसके बाद ऑपरेशन कर आंख निकलवाई जाएगी। इसी तरह से मंशा उर्फ मुनक्का के बेटे महेश ने बताया कि अभी संक्रमित आंख नहीं निकल पाई है, उसे निकलवाना है।
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कुछ दिक्कतों की वजह से नहीं निकलवा पाया। अब वह लोग उपभोक्ता आयोग में वाद दाखिल करेंगे। ताकि उनके नुकसान का मुआवजा मिल सके।
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किसी का पांच लाख तो किसी के सात लाख रुपये इलाज पर खर्च हो चुके हैं। लेकिन मुआवजा के नाम पर एक रुपया भी अब तक नहीं मिला। अस्पताल के संचालक ने अभी तक उनसे संपर्क तक नहीं किया।हरपुर बुदहट निवासी रामपलट के बेटे रामदास का कहना है कि अस्पताल संचालक ने मुआवजा दिया है लेकिन वह किसी काम का नहीं है। उनका इलाज में पांच लाख खर्च हो चुका है।
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संक्रमित आंख को निकालने की बात डॉक्टर कहे हैं। पैसे का इंतजाम किया जा रहा है। उसके बाद ऑपरेशन कर आंख निकलवाई जाएगी। इसी तरह से मंशा उर्फ मुनक्का के बेटे महेश ने बताया कि अभी संक्रमित आंख नहीं निकल पाई है, उसे निकलवाना है।
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कुछ दिक्कतों की वजह से नहीं निकलवा पाया। अब वह लोग उपभोक्ता आयोग में वाद दाखिल करेंगे। ताकि उनके नुकसान का मुआवजा मिल सके।