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खूब उड़ा धुआं : हवा हुई जहरीली..271 पहुंचा एक्यूआई
Thu, 31 Oct 2024 06:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 31 Oct 2024 06:57 PM IST
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- देर रात तक पटाखा फोड़ना जारी रहा, पटाखों से निकलने वाले धुएं से बढ़ गया प्रदूषण का स्तर
संतकबीरनगर। दीपावली के दिन तीन करोड़ के पटाखे बिक गए। जगह-जगह लोगों ने पटाखे फोड़कर दीपावली मनाई। पटाखों से निकले वाले धुएं से प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। बृहस्पतिवार की शाम तक प्रदूषण का स्तर 271 पहुंच गया है, जबकि एक सप्ताह पहले एक्यूआई 165 था।
दीपावाली को लेकर जिले में पटाखे की 71 दुकानों के लिए लाइसेंस मिला था। खलीलाबाद में 51 दुकानें जूनियर हाईस्कूल में लगी थीं। दीपावली के दिन देर शाम तक कुल तीन करोड़ के पटाखे की बिक्री की बात दुकानदारों ने बताई। इसी तरह से मेंहदावल, धनघटा, बखिरा, मगहर, सेमरियावां में भी पटाखे की बिक्री हुई। देर शाम तक लोगों ने पटाखे फोड़े। इसके बाद पटाखे से निकलने वाले धुएं ने प्रदूषण का स्तर बढ़ा दिया है।
दीपावली पर पूरे दिन धुंध छाया रहा। प्रदूषण पर अंकुश की लाख कवायदों के बीच पटाखे का शोर और धुआं शहर में वायु प्रदूषण के हालात को और बदतर कर दिया है।
पर्यावरण के लिए घातक हैं पटाखे
एचआरपीजी कॉलेज की भूगोल विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा सिंह ने बताया कि दिवाली पर आतिशबाजी हुई। देर रात तक लोगों ने पटाखे फोड़े। बारूद से बना पटाखा पर्यावरण के लिए घातक है। इससे हानिकारक प्रदूषक जैसे की नाइट्रेट्स, सल्फरऑक्साइड्स, क्लोराइड्स और अमोनिया के जल में घुलनशील आयन उत्पन्न होते हैं। इससे लोगों को कुछ दिनों तक बच कर रहना चाहिए।
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संतकबीरनगर। दीपावली के दिन तीन करोड़ के पटाखे बिक गए। जगह-जगह लोगों ने पटाखे फोड़कर दीपावली मनाई। पटाखों से निकले वाले धुएं से प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। बृहस्पतिवार की शाम तक प्रदूषण का स्तर 271 पहुंच गया है, जबकि एक सप्ताह पहले एक्यूआई 165 था।
दीपावाली को लेकर जिले में पटाखे की 71 दुकानों के लिए लाइसेंस मिला था। खलीलाबाद में 51 दुकानें जूनियर हाईस्कूल में लगी थीं। दीपावली के दिन देर शाम तक कुल तीन करोड़ के पटाखे की बिक्री की बात दुकानदारों ने बताई। इसी तरह से मेंहदावल, धनघटा, बखिरा, मगहर, सेमरियावां में भी पटाखे की बिक्री हुई। देर शाम तक लोगों ने पटाखे फोड़े। इसके बाद पटाखे से निकलने वाले धुएं ने प्रदूषण का स्तर बढ़ा दिया है।
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दीपावली पर पूरे दिन धुंध छाया रहा। प्रदूषण पर अंकुश की लाख कवायदों के बीच पटाखे का शोर और धुआं शहर में वायु प्रदूषण के हालात को और बदतर कर दिया है।
पर्यावरण के लिए घातक हैं पटाखे
एचआरपीजी कॉलेज की भूगोल विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा सिंह ने बताया कि दिवाली पर आतिशबाजी हुई। देर रात तक लोगों ने पटाखे फोड़े। बारूद से बना पटाखा पर्यावरण के लिए घातक है। इससे हानिकारक प्रदूषक जैसे की नाइट्रेट्स, सल्फरऑक्साइड्स, क्लोराइड्स और अमोनिया के जल में घुलनशील आयन उत्पन्न होते हैं। इससे लोगों को कुछ दिनों तक बच कर रहना चाहिए।
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