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पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य

Sat, 26 Oct 2013 05:39 AM IST
Sant kabir nagar
Sant kabir nagar Updated Sat, 26 Oct 2013 05:39 AM IST
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संतकबीरनगर। दीपावली का त्योहार नजदीक है। पटाखे के निर्माण और बिक्री की तैयारी में कारोबारी जुट गए हैं। पटाखे की दुकान लगाने के लिए लाइसेंस लेना होगा। बगैर लाइसेंस के पटाखों की बिक्री करने पर विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होगा। अब तक खलीलाबाद शहर से ही अस्थाई लाइसेंस के लिए 27 आवेदन आ चुके हैं। डीएम ने एसडीएम और सीओ को जांच का आदेश दिया है।
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प्रशासनिक रिकॉर्ड के मुताबिक जनपद के धनघटा थाना क्षेत्र के गाईबसंतपुर निवासी ढुनमुन, उर्मिला निवासी मेडरापार बखिरा और बन्हवाकोमर थाना बांसी जनपद सिद्धार्थनगर निवासी गंगाराम को मेंहदावल में सामुदायिक अस्पताल के पास पटाखा निर्माण करने के लिए लाइसेंस मिला है। जबकि ऊषा देवी पत्नी रामसुभग निवासी सोनाड़ी थाना धनघटा ने बिक्रय करने के लिए लाइसेंस लिया है। महुली थाना क्षेत्र के हरिहरपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद ने जो स्थल पटाखा निर्माण के लाइसेंस में दर्शाया है, डीएम के जरिए कराई गई चेकिंग में वह स्थल नहीं पाया गया है। डीएम ने इंसपेक्टर महुली को जांच का निर्देश दिया है। लाइसेंस धारक तिलकू निवासी औरही खलीलाबाद और बाबूलाल निवासी रामपुर महुली के वहां जांच में पटाखा निर्माण का कारोबार बंद पाया है। जबकि लाइसेंस धारक खलीलाबाद निवासी रमापति की मृत्यु हो जाने के कारण उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। जबकि खलीलाबाद के लाइसेंसी बृृजेश कुमार और पचपोखरी निवासी अब्दुल रहमान के लाइसेंस के निरस्तीकरण के लिए डीएम ने नोटिस जारी किया है। इधर पटाखा बिक्री करने के लिए अस्थाई लाइसेंस प्राप्त करने के लिए खलीलाबाद शहर से 27 आवेदन डीएम कार्यालय में जमा किए गए हैं। पटाखा निर्माण के कारोबार से जुडे़ वकील अहमद ने बताया कि दीपावली और शादी विवाह के मौसम में ही पटाखे की डिमांड होती है। डिमांड के हिसाब से निर्माण करके बिक्री की जाती है। लाइट, सतरंग, बम, अनार, लड़ी, रॉकेट आदि पटाखे बना कर बेचे जाते है। छुरछुरी और बम की डिमांड अधिक होती है। 50 से लेकर 500 रुपये तक के पटाखे डिमांड पर बनाए जाते हैं। 500 रुपये के पटाखे आसमान में ऊपर जाने पर रुक-रुक कर कई तरह की रोशनी करते हैं। शादी विवाह में इससे भी अधिक मूल्य के पटाखे बनाए जाते हैं। पटाखा निर्माण में बेहद सावधानी बरती जाती है। डॉक्टर इन्द्रवीर सिंह यादव ने कहा कि पटाखा निर्माण और बिक्री पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इसके लिए एसडीएम और सीओ को जांच करने का निर्देश दिया है। आबादी से दूर पटाखे बिक्री किए जाएं। इसकी भी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। यदि कोई अवैध तरीके से बगैर लाइसेंस के निर्माण और बिक्री में संलिप्त पाया जाएगा तो उसके लिए कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
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पटाखा बिक्री के लिए अस्थाई लाइसेंस लेना जरूरी है। बगैर लाइसेंस के पटाखा बिक्री करना विस्फोटक अधिनियम का उल्लंघन होगा। इसके लिए 150 रुपये के चालान के साथ जनपद मुख्यालय पर डीएम के कार्यालय में आवेदन देना होता है। थाने स्तर और अग्निशमन विभाग की जांच के बाद डीएम की तरफ से लाइसेंस निर्गत किया जाता है। तहसील स्तर पर तीन दिन के लिए अस्थाई लाइसेंस एसडीएम के जरिए जारी किया जाता है। बगैर लाइसेंस के यदि पटाखा बिक्री करने की बात जांच में सामने आई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-राम सिंह वर्मा, अपर एसडीएम
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