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मृतक के घरवाले अजमल कसाब की फांसी सुनकर झूमे
Sant kabir nagar
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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हैंसर/संतकबीरनगर। मुंबई के ताज होटल में हुए आतंकी हमले के मुख्य आरोपी अजमल कसाब को बुधवार को फांसी देने की खबर से हमले में मारे गए जिले के बकौली कला, कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के निमाया, परसवा और दुधारा क्षेत्र के थुरंडा गांव के मृतक ों के घरवाले खुशी से झूम उठे। उन्होंने कहा कि न्याय तो मिला पर काफी विलंब हुआ।
धनघटा थाना क्षेत्र के बकौली गांव निवासी हिदायतुल्ला मुंबई के एक होटल में काम करता था। ताज होटल पर हुए आतंकी हमले में हिदायतुल्ला को गोली लगी थी। उसकी मौत से घरवाले और गांववासी सहम गए थे। इसी हमले में कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के निमाया निवासी मकसूद अहमद, परसवा निवासी फिरोज अहमद और दुधारा थाना क्षेत्र के थरंडा निवासी इकलाख अहमद की मौत हो गई थी। संतकबीरनगर जिले के चार युवकों की मौत की सूचना से समूचा जनपद सहम गया था।
बुधवार को आतंकी हमले के आरोपी अजमल कसाब को फांसी देने की सूचना पर मृतक परिजन खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। मृतक हिदायतुल्ला के गांव बकौली के ग्रामीण भी सुकून महसूस किए। हिदायतुल्ला की 70 वर्षीया मां नूरा खातून ने कहा कि 26/11 की घटना में उसके इकलौते बेटे के हत्यारोपी को फांसी की सजा सुनने से कलेजे को ठंडक पहुुंची है। मृतक की बहन शबीना ने कहा कि उसके भाई के हत्यारोपी को सरकार ने फांसी दी, इसी दिन का इंतजार था। मां-बेटी ने कहा कि उसके कलेजे के टुकडे़ के हत्यारे को बहुत पहले फांसी मिलनी चाहिए थी, लेकिन विलंब से उन्हें न्याय मिला। बकौली गांव के लोग भी खुशी का इजहार किए। निमाया निवासी मकबूल अहमद ने कहा कि उस आतंकी घटना में उनके भाई मकसूद अहमद की मौत हो गई थी। इसके अलावा परसवा के फिरोज अहमद और थुरंडा के इकलाख अहमद की भी मौत हो गई। सरकार ने आरोपी कसाब को फांसी दी, लेकिन काफी लेट से। लेट से ही न्याय मिला और पूरे परिवार के सदस्यों के कलेजे को राहत मिली। आतंकी घटना की तारीख के साथ आज की तारीख भी सदैव याद रहेगी।
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धनघटा थाना क्षेत्र के बकौली गांव निवासी हिदायतुल्ला मुंबई के एक होटल में काम करता था। ताज होटल पर हुए आतंकी हमले में हिदायतुल्ला को गोली लगी थी। उसकी मौत से घरवाले और गांववासी सहम गए थे। इसी हमले में कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के निमाया निवासी मकसूद अहमद, परसवा निवासी फिरोज अहमद और दुधारा थाना क्षेत्र के थरंडा निवासी इकलाख अहमद की मौत हो गई थी। संतकबीरनगर जिले के चार युवकों की मौत की सूचना से समूचा जनपद सहम गया था।
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बुधवार को आतंकी हमले के आरोपी अजमल कसाब को फांसी देने की सूचना पर मृतक परिजन खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। मृतक हिदायतुल्ला के गांव बकौली के ग्रामीण भी सुकून महसूस किए। हिदायतुल्ला की 70 वर्षीया मां नूरा खातून ने कहा कि 26/11 की घटना में उसके इकलौते बेटे के हत्यारोपी को फांसी की सजा सुनने से कलेजे को ठंडक पहुुंची है। मृतक की बहन शबीना ने कहा कि उसके भाई के हत्यारोपी को सरकार ने फांसी दी, इसी दिन का इंतजार था। मां-बेटी ने कहा कि उसके कलेजे के टुकडे़ के हत्यारे को बहुत पहले फांसी मिलनी चाहिए थी, लेकिन विलंब से उन्हें न्याय मिला। बकौली गांव के लोग भी खुशी का इजहार किए। निमाया निवासी मकबूल अहमद ने कहा कि उस आतंकी घटना में उनके भाई मकसूद अहमद की मौत हो गई थी। इसके अलावा परसवा के फिरोज अहमद और थुरंडा के इकलाख अहमद की भी मौत हो गई। सरकार ने आरोपी कसाब को फांसी दी, लेकिन काफी लेट से। लेट से ही न्याय मिला और पूरे परिवार के सदस्यों के कलेजे को राहत मिली। आतंकी घटना की तारीख के साथ आज की तारीख भी सदैव याद रहेगी।
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