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आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से रूबरू हुई भूटान की टीम
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Tue, 09 Oct 2018 10:24 PM IST
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कार्यालय में भूटान की टीम के साथ बैठक करते सीएमओ।
- फोटो : अमर उजाला
संतकबीरनगर। भूटान से आए एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को खलीलाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुुंचकर आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से रूबरू हुआ। इस दौरान सीएचसी सभागार में चल रहे ब्रिज की ट्रेनिंग को देखा। टीम ने आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से गांवों में टीकाकरण व स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और उनके काम के तौर तरीके व लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने के बारेे में सवाल पूछे। यह टीम यहां हो रहे कार्यों को भूटान में लागू कराने को लेकर रिपोर्ट देगी।
डायरेक्टर मेडिकल इंफार्मेशन सेंटर भूटान नेजैग बागमो, डिप्टी चीफ प्रोगाम आफीसर तसी नोरबो, नर्सिंग कॉलेज भूटान के फुन्टसों ओम, सीनियर प्रोग्राम आफीसर थिनले जैगमों, यूनिसेफ के डायरेक्टर भवानी शंकर त्रिपाठी की टीम सुबह खलीलाबाद पहुंची। यहां से सीएमओ कार्यालय पहुंची और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। वहां से टीम खलीलाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची और यहां चल रहे ब्रिज की ट्रेनिंग को देखा। प्रोजक्टर के जरिए हो रहे प्रशिक्षण देखने के बाद टीम के सदस्य आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कैसे गांवों में टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित करती हैं। आशा व आंगनबाड़ी बनने के प्रति इच्छा कैसे जागी और अब जब कि काम कर रही है तो कैसे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ रही है।
आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि गांवों में पहले लोगों को स्वास्थ्य केंद्र पर जाने में असुविधा और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, इसे देखते हुए समाज सेवा के रूप में आशा व आंगनबाड़ी से जुड़ाव हुआ। गांवों में भ्रांतियां दूर कर अब लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है। लोगों को टीका के बारे में सही जानकारी दी जा रही है। बताया जा रहा है कि किस टीका से कौन सा रोग दूर होगा। सरकार ने भी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू की है, इसका असर दिख रहा है। वर्तमान में मातृ-मृत्यु दर में कमी आई है। टीम ने आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम की तारीफ की। इस दौरान डॉ. आलोक सिन्हा, अधीक्षक डॉ. वीपी पांडेय, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र यादव, बीपीएम अभय त्रिपाठी और बीसीपीएम महेंद्र त्रिपाठी सहित तमाम लोग उपस्थित थे।
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भूटान की टीम ने आशा को दी जा रही ब्रिज ट्रेनिंग का किया अध्ययन
सेमरियावां। भूटान से स्वास्थ्य सेवाओं का अध्ययन करने के लिए भारत आई विशेषज्ञों की टीम के चार सदस्य मंगलवार को सीएचसी सेमरियावां पहुंचे। इस दौरान टीम के सदस्यों ने सीएचसी पर चल रही आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ट्रेनिंग प्रक्रिया का अध्ययन किया। यूनिसेफ के जिला कोआर्डिनेटर बेलाल अहमद ने बताया कि भूटान से जिले में आठ सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता को देखने के लिए जिले में पहुंची है। टीम के चार सदस्यों ने खलीलाबाद में रुक कर अध्ययन कार्य किया, जबकि चार सदस्यों ने सीएचसी सेमरियावां और पीएचसी बघौली में पहुंच कर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जाना। उन्होंने बताया कि टीम के सदस्य बुधवार को भी जिले में रह कर विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों का अध्ययन करेंगे। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर जगदीश पटेल, बीपीएम राजेश पांडेय और बीएमसी संयोगिता आदि मौजूद थे।
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डायरेक्टर मेडिकल इंफार्मेशन सेंटर भूटान नेजैग बागमो, डिप्टी चीफ प्रोगाम आफीसर तसी नोरबो, नर्सिंग कॉलेज भूटान के फुन्टसों ओम, सीनियर प्रोग्राम आफीसर थिनले जैगमों, यूनिसेफ के डायरेक्टर भवानी शंकर त्रिपाठी की टीम सुबह खलीलाबाद पहुंची। यहां से सीएमओ कार्यालय पहुंची और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। वहां से टीम खलीलाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची और यहां चल रहे ब्रिज की ट्रेनिंग को देखा। प्रोजक्टर के जरिए हो रहे प्रशिक्षण देखने के बाद टीम के सदस्य आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कैसे गांवों में टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित करती हैं। आशा व आंगनबाड़ी बनने के प्रति इच्छा कैसे जागी और अब जब कि काम कर रही है तो कैसे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ रही है।
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आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि गांवों में पहले लोगों को स्वास्थ्य केंद्र पर जाने में असुविधा और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, इसे देखते हुए समाज सेवा के रूप में आशा व आंगनबाड़ी से जुड़ाव हुआ। गांवों में भ्रांतियां दूर कर अब लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है। लोगों को टीका के बारे में सही जानकारी दी जा रही है। बताया जा रहा है कि किस टीका से कौन सा रोग दूर होगा। सरकार ने भी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू की है, इसका असर दिख रहा है। वर्तमान में मातृ-मृत्यु दर में कमी आई है। टीम ने आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम की तारीफ की। इस दौरान डॉ. आलोक सिन्हा, अधीक्षक डॉ. वीपी पांडेय, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र यादव, बीपीएम अभय त्रिपाठी और बीसीपीएम महेंद्र त्रिपाठी सहित तमाम लोग उपस्थित थे।
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भूटान की टीम ने आशा को दी जा रही ब्रिज ट्रेनिंग का किया अध्ययन
सेमरियावां। भूटान से स्वास्थ्य सेवाओं का अध्ययन करने के लिए भारत आई विशेषज्ञों की टीम के चार सदस्य मंगलवार को सीएचसी सेमरियावां पहुंचे। इस दौरान टीम के सदस्यों ने सीएचसी पर चल रही आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ट्रेनिंग प्रक्रिया का अध्ययन किया। यूनिसेफ के जिला कोआर्डिनेटर बेलाल अहमद ने बताया कि भूटान से जिले में आठ सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता को देखने के लिए जिले में पहुंची है। टीम के चार सदस्यों ने खलीलाबाद में रुक कर अध्ययन कार्य किया, जबकि चार सदस्यों ने सीएचसी सेमरियावां और पीएचसी बघौली में पहुंच कर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जाना। उन्होंने बताया कि टीम के सदस्य बुधवार को भी जिले में रह कर विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों का अध्ययन करेंगे। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर जगदीश पटेल, बीपीएम राजेश पांडेय और बीएमसी संयोगिता आदि मौजूद थे।