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मगहर कबीर चौरा परिसर का मामला

Fri, 03 May 2019 11:32 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 May 2019 11:32 PM IST
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मगहर कबीर चौरा परिसर का मामला
साध्वी उदास दास की मृत्यु के बाद बेटी दर-दर भटकने को मजबूर
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कबीरचौरा परिसर में थी झोपड़ी, विकास कार्य के लिए उजाड़ दी गई
जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय पर आवास देने का किया था वादा
अब तक न तो आवास मिला और न ही पुरानी जगह घर बनाने दिया
मगहर। सदगुरू कबीर की निर्वाण स्थली मगहर के कबीरचौरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए परिसर में जो विकास कार्य शुरू हुए उसके लिए एक साध्वी की बेटी की झोपड़ी उजाड़ दी गई। तब प्रशासन ने जल्द ही इस बेटी को रहने के लिए घर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन करीब एक वर्ष बाद भी कोई इंतजाम नहीं हुआ। अब बेटी दर-दर भटक रही है।
करीब 30 वर्ष पहले उदासदास नाम की एक महिला गोद में बेटी लेकर कबीरचौरा पहुंची थी। साध्वी उदास दास ने कबीरचौरा परिसर में ही झोपड़ी बना ली और संत कबीर के भजन-कीर्तन में रम गईं। बेटी कौशल्या व अपने जीवन-यापन के लिए भिक्षाटन करती थीं। कौशल्या बड़ी हुई तो शादी के लिए प्रयास हुआ लेकिन बेटी ने मां को छोड़कर गृहस्थ जीवन शुरू करने से मना कर दिया। करीब दो वर्ष पहले साध्वी उदासदास ने शरीर त्याग दिया। बेटी कौशल्या मां की बनाई टूटी झोपड़ी में दिन गुजार रही थीं। अभी मां से बिछड़ने का गम कम नहीं हुआ था कि कबीरचौरा परिसर में विकास के कार्य शुरू हो गए। परिसर में 24 करोड़ की लागत से बनने वाली कबीर अकादमी के लिए साध्वी की झोपड़ी उजाड़ दी गई। कौशल्या के अनुसार उस वक्त जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया गया था कि खलीलाबाद शहर में उसे एक पक्का आवास दिया जाएगा, लेकिन वक्त बीतने के साथ उसे भुला दिया गया।
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कागजी कार्रवाई के बाद भी नहीं मिला आवास
कबीरचौरा परिसर में रहने वाले संत डॉ. हरिशरण शास्त्री ने बताया कि साध्वी की बेटी कौशल्या को खलीलाबाद में आवास उपलब्ध कराने के लिए अफसरों के कहने पर आधार और राशन कार्ड बनवाया गया। उस पर बाल कल्याण आश्रम खलीलाबाद का पता लिखाकर प्रशासन को पत्रावली उपलब्ध कराई गई। लेकिन आज तक कौशल्या को आवास नहीं मिला पाया है।
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पता कराकर दिलाएंगे मदद: डीएम
डीएम रवीश गुप्ता ने बताया कि इस प्रकरण की उन्हें जानकारी नहीं है। पता कराकर संबंधित नगर पंचायत या डूडा कार्यालय को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाएगा। साध्वी की बेटी के साथ अन्याय नहीं होने पाएगा।
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