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Sant Kabir Nagar News: जिले में 80 कोचिंग सेंटर... सिर्फ 12 ने कराया दोबारा पंजीकरण
Sun, 04 Aug 2024 11:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 04 Aug 2024 11:32 PM IST
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- मानक की अनदेखी कर संचालित हो रहे कोचिंग सेंटर
- डीआईओएस ने औचक छापा मारकर जुर्माना लगाने की बात कही
संतकबीरनगर। जिले में 80 कोचिंग सेंटर का संचालन होता है। इनमें सिर्फ 12 ने ही दोबारा पंजीकरण कराया है, बाकि अन्य कोचिंग सेंटर मानक की अनदेखी कर संचालन कर रहे हैं। डीआईओएस ने औचक छापा मार कर जुर्माना लगाने को कहा है। साथ ही नई गाइडलाइन भी जारी की गई है।
जिले में धड़ल्ले से कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। चार साल पहले जब डीआईओएस कार्यालय ने सख्ती दिखाई तो उस समय 80 कोचिंग संचालकों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद संचालकों ने दोबारा पंजीकरण नहीं कराया। सिर्फ 10 कोचिंग संचालकों ने ही पंजीकरण कराया है, जबकि डीआईओएस कार्यालय में एक आवेदन करना होता है और उस पर 200 के करीब शुल्क लगता है और रजिस्ट्रेशन हो जाता है।
एक बैच में 25 से अधिक छात्र-छात्राओं को नहीं पढ़ाया जा सकता है। कोचिंग संचालकों को अपने भवन आदि की फोटो भी दिखानी होती है। डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि जिन कोचिंग संचालकों ने दोबारा पंजीकरण नहीं कराया है वे तत्काल पंजीकरण करा लें, इसके बाद औचक जांच की जाएगी। जहां पर भी पंजीकरण नहीं मिलेगा तो जुर्माना लगाते अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ये है नियम
- पंजीकरा समाप्ति की तारीख से दो माह पहले पंजीकृत कोचिंग केंद्र को पंजीकरण प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा।
- विद्यालय में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए संस्थानों के समय के दौरान काेचिंग कक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी।
- कोई भी कोचिंग केंद्र स्नातक से कम योग्यता प्राप्त शिक्षक नियुक्त नहीं करेगा।
- पानी, पार्किंग और शौचालय आदि की सुविधा होगी।
- अभिभावकों या विद्यार्थियाें को कोचिंग सेंटर में नामांकन कराने के लिए भ्रामक वादे, रैंक अथवा अच्छे अंक की गारंटी नहीं देगा।
- कोचिंग से संबंधित सुविधा या नतीजों से जुड़ा कोई विज्ञापन नहीं किया जाएगा।
- विभिन्न पाठ्यक्रम के लिए ली जाने वाली टयूशन फीस उचित और तर्कसंगत होगी, इसकी रसीद दिखानी होगी।
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- डीआईओएस ने औचक छापा मारकर जुर्माना लगाने की बात कही
संतकबीरनगर। जिले में 80 कोचिंग सेंटर का संचालन होता है। इनमें सिर्फ 12 ने ही दोबारा पंजीकरण कराया है, बाकि अन्य कोचिंग सेंटर मानक की अनदेखी कर संचालन कर रहे हैं। डीआईओएस ने औचक छापा मार कर जुर्माना लगाने को कहा है। साथ ही नई गाइडलाइन भी जारी की गई है।
जिले में धड़ल्ले से कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। चार साल पहले जब डीआईओएस कार्यालय ने सख्ती दिखाई तो उस समय 80 कोचिंग संचालकों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद संचालकों ने दोबारा पंजीकरण नहीं कराया। सिर्फ 10 कोचिंग संचालकों ने ही पंजीकरण कराया है, जबकि डीआईओएस कार्यालय में एक आवेदन करना होता है और उस पर 200 के करीब शुल्क लगता है और रजिस्ट्रेशन हो जाता है।
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एक बैच में 25 से अधिक छात्र-छात्राओं को नहीं पढ़ाया जा सकता है। कोचिंग संचालकों को अपने भवन आदि की फोटो भी दिखानी होती है। डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि जिन कोचिंग संचालकों ने दोबारा पंजीकरण नहीं कराया है वे तत्काल पंजीकरण करा लें, इसके बाद औचक जांच की जाएगी। जहां पर भी पंजीकरण नहीं मिलेगा तो जुर्माना लगाते अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ये है नियम
- पंजीकरा समाप्ति की तारीख से दो माह पहले पंजीकृत कोचिंग केंद्र को पंजीकरण प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा।
- विद्यालय में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए संस्थानों के समय के दौरान काेचिंग कक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी।
- कोई भी कोचिंग केंद्र स्नातक से कम योग्यता प्राप्त शिक्षक नियुक्त नहीं करेगा।
- पानी, पार्किंग और शौचालय आदि की सुविधा होगी।
- अभिभावकों या विद्यार्थियाें को कोचिंग सेंटर में नामांकन कराने के लिए भ्रामक वादे, रैंक अथवा अच्छे अंक की गारंटी नहीं देगा।
- कोचिंग से संबंधित सुविधा या नतीजों से जुड़ा कोई विज्ञापन नहीं किया जाएगा।
- विभिन्न पाठ्यक्रम के लिए ली जाने वाली टयूशन फीस उचित और तर्कसंगत होगी, इसकी रसीद दिखानी होगी।