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मूल्याकंन का बहिष्कार किया
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माध्यमिक शिक्षकों ने मूल्यांकन का बहिष्कार किया
पहले दिन व्यवहारिक प्रशिक्षण में शिक्षकों ने ‘कोठार’ नहीं खुलने दिया
नाराज शिक्षकों ने मूल्यांकन में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने शुक्रवार से शुरू हुई बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार किया। शिक्षकों ने दोनों केंद्रों पर पहले दिन व्यवहारिक प्रशिक्षण में मूल्यांकन के कोठार (उत्तर पुस्तिका रखने वाले कमरे) को खुलने नहीं दिया और न ही प्रशिक्षण में उपस्थित हुए। एचआर इंटर कॉलेज और जीजीआईसी पर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनकी सेवा सुरक्षित करते हुए सम्मानजनक वेतन दिया जाए। पुरानी पेंशन योजना को बहाल करते हुए अद्यतन कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को विनियमित किया जाए। कंप्यूटर और व्यवसायिक शिक्षकों को नियमित किया जाए। बोर्ड परीक्षा का पारिश्रमिक सीबीएसई बोर्ड के बराबर किया जाए। सीटी ग्रेट की समस्या का समाधान करते हुए एलटी के प्रोन्नत में परास्नातक की बाध्यता समाप्त की जाए। इस दौरान गिरिजानंद यादव, मोहिबुल्लाह खान, नसीम अहमद, विजय यादव, ब्रह्मदेव सिंह, अरुण ओझा, सुनील ओझा, गोपाल जी सिंह, मंतोष मौर्य, रमेश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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पहले दिन व्यवहारिक प्रशिक्षण में शिक्षकों ने ‘कोठार’ नहीं खुलने दिया
नाराज शिक्षकों ने मूल्यांकन में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने शुक्रवार से शुरू हुई बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार किया। शिक्षकों ने दोनों केंद्रों पर पहले दिन व्यवहारिक प्रशिक्षण में मूल्यांकन के कोठार (उत्तर पुस्तिका रखने वाले कमरे) को खुलने नहीं दिया और न ही प्रशिक्षण में उपस्थित हुए। एचआर इंटर कॉलेज और जीजीआईसी पर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनकी सेवा सुरक्षित करते हुए सम्मानजनक वेतन दिया जाए। पुरानी पेंशन योजना को बहाल करते हुए अद्यतन कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को विनियमित किया जाए। कंप्यूटर और व्यवसायिक शिक्षकों को नियमित किया जाए। बोर्ड परीक्षा का पारिश्रमिक सीबीएसई बोर्ड के बराबर किया जाए। सीटी ग्रेट की समस्या का समाधान करते हुए एलटी के प्रोन्नत में परास्नातक की बाध्यता समाप्त की जाए। इस दौरान गिरिजानंद यादव, मोहिबुल्लाह खान, नसीम अहमद, विजय यादव, ब्रह्मदेव सिंह, अरुण ओझा, सुनील ओझा, गोपाल जी सिंह, मंतोष मौर्य, रमेश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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