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छुट्टा पशुओं की वजह से लोग परेशान

Fri, 21 Dec 2018 11:38 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 21 Dec 2018 11:38 PM IST
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छुट्टा पशुओं की वजह से लोग परेशान
फसलों के साथ किसानों की जान पर भी आफत
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छुट्टा पशुओं के लिए खलीलाबाद व मगहर में बना है पशु आश्रय केंद्र
उद्घाटन के कई महीना बाद भी शुरू नहीं हुआ संचालन
खेतों व सड़कों पर घूम रहे छुट्टा पशुओं के चलते बढ़ गई है मुश्किलें
बृहस्पतिवार की रात मेंहदावल क्षेत्र में एक किसान की सांड़ ने ले ली जान
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जिले में छुट्टा पशुओं की बेतहाशा बढ़ी संख्या से फसलों के साथ-साथ किसानों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है। बृहस्पतिवार की रात मेंहदावल क्षेत्र के गांव खैरहवा में खेत की रखवाली करने गए किसान को सांड़ ने पटककर मार डाला। छुट्टा पशु किसानों की गेहूं, सरसों व सब्जियों की खेती को बर्बाद कर रहे हैं। इन पशुओं को रखने के लिए मगहर व खलीलाबाद में बना कान्हा पशु आश्रय बजट के अभाव में संचालित नहीं हो रहा है।
प्रदेश की योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही पशु वध पर सख्ती से रोक लगाया। साथ ही छुट्टा पशुओं को रखने के लिए कान्हा पशु आश्रय केंद्रों का निर्माण कराया गया। शहर की मंहगी जमीनों पर लाख रुपये खर्च कर बनाए गए इन केंद्रों का बीते जुलाई-अगस्त में उद्घाटन भी कर दिया गया, लेकिन इनमें अब तक पशुओं का प्रवेश ही नहीं हो पाया। वजह यह कि इनके संचालन के लिए शासन स्तर से बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। इधर छुट्टा पशुओं की संख्या रोज बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में ये पशु भोजन की तलाश में खेतों में भटक रहे हैं। अब झुंड बना चुके छुट्टा पशु फसलों के दुश्मन हो गए हैं। खेत से खदेड़ने पर हमला भी करने लगे हैं। परेशान किसान खेत की रखवाली कर रहे हैं। बृहस्पतिवार की रात मेंहदावल क्षेत्र के बढ़या ठाठर ग्राम पंचायत के राजस्व गांव खैरहवा में खेत की रखवाली करने गए 65 वर्षीय किसान झिनकाऊ निषाद को एक सांड़ ने खेत में ही पटककर मार डाला। इसके बाद से किसानों में दहशत है। किसान रामानंद, बृजबिहारी, त्रिलोचन, महेंद्र आदि का कहना है कि छुट्टा पशु सड़क से लेकर खेत तक मुसीबत बने हुए हैं। प्रशासन इनके लिए कोई उपाय नहीं कर रहा है।
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मगहर चेयरमैन ने लिखा है पत्र
नगर पंचायत मगहर में बने कान्हा पशु आश्रय का उद्घाटन कई महीना पहले हो गया था, लेकिन संचालन के लिए बजट नहीं है। छुट्टा पशुओं के चलते मगहर कस्बे में आवागमन की समस्या गंभीर होती जा रही है। मुख्य सड़क व चौराहों पर घूम रहे पशु कब किस पर हमला कर दें, इसकी आशंका से लोग सहमे रहते हैं। नगर पंचायत की चेयरमैन संगीता वर्मा ने नगर विकास विभाग के अफसरों को पत्र भेजकर आश्रय केंद्र के संचालन के लिए जरूरी पौने दो लाख रुपये प्रतिमाह के बजट के इंतजाम की मांग की है। बजट नहीं मिलने की दशा में अब चेयरमैन इस मामले को लेकर सीएम से मिलने के लिए प्रयास कर रही हैं।
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खेतों की तारबंदी कर रहे किसान
बेलहर क्षेत्र के कई किसानों ने अपनी फसल बचाने के लिए खेत की तारबंदी शुरू कर दी है। मजबूर किसानों का कहना है कि फसल की सुरक्षा के साथ-साथ जान की हिफाजत भी जरूरी है। इसलिए अब वे लोग खेत के चारों तरफ कंटीला तार लगाने की सोच रहे हैं। कुछ किसानों ने अपने खेत के मेड़ पर कंटीला तार लगवा भी दिया है लेकिन यह काम खर्चीला होने व अन्य दिक्कतों के चलते यह उपाय बहुत कारगर नहीं दिख रहा।


मामला गंभीर, जल्दी होगी कार्रवाई : एडीएम
एडीएम रणविजय सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के कई कार्यक्रमों में किसानों ने छुट्टा पशुओं की समस्या से अवगत कराया है। शहरी क्षेत्र में भी छुट्टा पशुओं के चलते आवागमन प्रभावित हो रहा है। जल्दी ही खलीलाबाद व मगहर के कान्हा पशु आश्रय को सक्रिय कराया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी उपाय किए जाएंगे। नई व्यवस्था होने तक लोग सतर्कता बरतें व जानवरों को खेत से खदेड़ने के लिए समूह में जाएं जिससे कि जानवर हमला न कर सकें।
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