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Sant Kabir Nagar News: वीजा दिलाने के नाम पर 65 हजार की ठगी
Tue, 02 Jun 2026 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 02 Jun 2026 12:44 AM IST
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संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के थवईपार गांव निवासी एक युवक से विदेश भेजने और वीजा दिलाने के नाम पर 65 हजार रुपये की ठगी की गई है। आरोप है कि रकम मांगने पर उसे धमकी दी जा रही है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थवईपार गांव निवासी हफीजुल्लाह ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि रिश्तेदारी के माध्यम से उसकी पहचान दुधारा थाना क्षेत्र के सिसई माफी गांव निवासी जावेद तथा एजाज अहमद से हुई थी। आरोप है कि दोनों ने विदेश भेजने और वीजा दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके लिए पासपोर्ट बनवाने और मेडिकल जांच कराने के लिए कहा।
पीड़ित के अनुसार पासपोर्ट और मेडिकल जांच के दस्तावेज आरोपियों ने अपने पास रख लिए। इसके बाद 23 जून 2024 से 28 सितंबर 2024 के बीच चार किश्तों में ऑनलाइन माध्यम से 75 हजार रुपये ले लिए। काफी समय बीतने के बाद भी वीजा नहीं मिला। इस दौरान केवल 10 हजार रुपये वापस किए गए, जबकि शेष 65 हजार रुपये नहीं लौटाए गए।
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हफीजुल्लाह का कहना है कि रकम मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही पासपोर्ट और मेडिकल दस्तावेज भी वापस नहीं किए। कोतवाल जय प्रकाश दूबे ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
थवईपार गांव निवासी हफीजुल्लाह ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि रिश्तेदारी के माध्यम से उसकी पहचान दुधारा थाना क्षेत्र के सिसई माफी गांव निवासी जावेद तथा एजाज अहमद से हुई थी। आरोप है कि दोनों ने विदेश भेजने और वीजा दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके लिए पासपोर्ट बनवाने और मेडिकल जांच कराने के लिए कहा।
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पीड़ित के अनुसार पासपोर्ट और मेडिकल जांच के दस्तावेज आरोपियों ने अपने पास रख लिए। इसके बाद 23 जून 2024 से 28 सितंबर 2024 के बीच चार किश्तों में ऑनलाइन माध्यम से 75 हजार रुपये ले लिए। काफी समय बीतने के बाद भी वीजा नहीं मिला। इस दौरान केवल 10 हजार रुपये वापस किए गए, जबकि शेष 65 हजार रुपये नहीं लौटाए गए।
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हफीजुल्लाह का कहना है कि रकम मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही पासपोर्ट और मेडिकल दस्तावेज भी वापस नहीं किए। कोतवाल जय प्रकाश दूबे ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।