{"_id":"66805b4b4a3fc1f4f40b2ce6","slug":"32-cscs-will-open-online-facilities-will-be-available-in-villages-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-116846-2024-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: खुलेंगे 32 सीएससी, गांवों में मिलेंगी ऑनलाइन सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: खुलेंगे 32 सीएससी, गांवों में मिलेंगी ऑनलाइन सुविधाएं
Sun, 30 Jun 2024 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 30 Jun 2024 12:36 AM IST
विज्ञापन
- प्रति कॉमन सर्विस सेंटर पर खर्च होंगे पांच लाख रुपये
- नौ ब्लॉकों में ग्राम पचायतों को चिह्नित किया जा रहा
- ग्रामीणों को गांव में मिलेगी सभी प्रकार की जानकारी व कागजात
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शासन की ओर से 32 ग्राम पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर खुलेगा। सीएससी खोलने के लिए एक करोड़ 60 लाख रुपये जारी हुए हैं। ग्राम पंचायतों का चयन कर सीएससी खोलने के लिए जिला पंचायत राज विभाग को लक्ष्य दिया गया है। सेंटर बनाए जाने की स्वीकृति भी मिल चुकी है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का संचालन शुरू होने से ग्रामीणों को गांव में ही ऑनलाइन सेवाएं मिलेंगी। साथ ही लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
जिले में कुल 748 ग्राम पंचायत हैं। ग्रामीणों को गांव में ही सभी सुविधाएं मिले, इसके लिए शासन की ओर से पंचायत भवन समेत कॉमन सर्विस सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष में जिले में 32 कॉमन सर्विस सेंटर का निर्माण कराया जाना है। जिसके लिए कुल एक करोड़ 60 लाख रुपये शासन ने स्वीकृत किए है। प्रति कॉमन सर्विस सेंटर पर पांच लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, इससे ग्रामीणों को जहां ऑनलाइन सेवाएं मिलेंगी तो वहीं युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। साथ ही ग्राम पंचायत की आय भी बढ़ेगी। पंचायती राज विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दिया है। जिले के नौ ब्लॉकों में ग्राम पचायतों को चिह्नित किया जा रहा है, जहां इसका निर्माण शुरू कराया जाएगा।
इन सुविधाओं का मिलेगा लाभ
गांवों में कॉमन सर्विस सेंटर के संचालन से ग्रामीणों को सहूलियत मिलेगी। ब्लॉक और तहसील मुख्यालय की तरह खसरा, खतौनी, जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र, आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, प्रवेश परीक्षा के आवेदन, पैन कार्ड आवेदन, बिजली बिल सहित कई ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ गांव में ही मिल जाएगा। इससे पंचायत की आय भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
जिले में इस वर्ष 32 काॅमन सर्विस सेंटर बनाया जाना है। प्रति सेंटर पर पांच लाख रुपये खर्च होंगे। कुल एक कराेड़ 60 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके लिए ब्लाॅकों से प्रस्ताव मांगा गया है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
- अविनाश कुमार, डीपीआरओ
विज्ञापन
- नौ ब्लॉकों में ग्राम पचायतों को चिह्नित किया जा रहा
- ग्रामीणों को गांव में मिलेगी सभी प्रकार की जानकारी व कागजात
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शासन की ओर से 32 ग्राम पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर खुलेगा। सीएससी खोलने के लिए एक करोड़ 60 लाख रुपये जारी हुए हैं। ग्राम पंचायतों का चयन कर सीएससी खोलने के लिए जिला पंचायत राज विभाग को लक्ष्य दिया गया है। सेंटर बनाए जाने की स्वीकृति भी मिल चुकी है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का संचालन शुरू होने से ग्रामीणों को गांव में ही ऑनलाइन सेवाएं मिलेंगी। साथ ही लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
जिले में कुल 748 ग्राम पंचायत हैं। ग्रामीणों को गांव में ही सभी सुविधाएं मिले, इसके लिए शासन की ओर से पंचायत भवन समेत कॉमन सर्विस सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष में जिले में 32 कॉमन सर्विस सेंटर का निर्माण कराया जाना है। जिसके लिए कुल एक करोड़ 60 लाख रुपये शासन ने स्वीकृत किए है। प्रति कॉमन सर्विस सेंटर पर पांच लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, इससे ग्रामीणों को जहां ऑनलाइन सेवाएं मिलेंगी तो वहीं युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। साथ ही ग्राम पंचायत की आय भी बढ़ेगी। पंचायती राज विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दिया है। जिले के नौ ब्लॉकों में ग्राम पचायतों को चिह्नित किया जा रहा है, जहां इसका निर्माण शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
इन सुविधाओं का मिलेगा लाभ
गांवों में कॉमन सर्विस सेंटर के संचालन से ग्रामीणों को सहूलियत मिलेगी। ब्लॉक और तहसील मुख्यालय की तरह खसरा, खतौनी, जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र, आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, प्रवेश परीक्षा के आवेदन, पैन कार्ड आवेदन, बिजली बिल सहित कई ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ गांव में ही मिल जाएगा। इससे पंचायत की आय भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
जिले में इस वर्ष 32 काॅमन सर्विस सेंटर बनाया जाना है। प्रति सेंटर पर पांच लाख रुपये खर्च होंगे। कुल एक कराेड़ 60 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके लिए ब्लाॅकों से प्रस्ताव मांगा गया है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
- अविनाश कुमार, डीपीआरओ