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बिना फल ही सुधार रहे बच्चों की सेहत
Sun, 03 Mar 2019 10:36 PM IST
राकेश पांडेय
Santkabirnagar
Santkabirnagar
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sun, 03 Mar 2019 10:36 PM IST
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संतकबीरनगर। जिले के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, मदरसा और अनुदानित माध्यमिक विद्यालय के 35 फीसदी बच्चों की सेहत बिना फल वितरण किए ही सुधारी जा रही है। बजट निर्धारण के बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। आलम यह है कि महीनों से स्कूलों में फल वितरण नहीं हो रहा है। वहीं जिन स्कूलों में फल का वितरण हुआ है वहां धनराशि ही नहीं भेजी गई। शासन की समीक्षा में इस बात की जानकारी होने पर अपर मुख्य सचिव बेसिक ने इस बात पर नाराजगी जताई है।
जिले में 1,574 स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना लागू है। इसमें से 1,077 प्राथमिक विद्यालय, 443 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 15 मदरसा, 35 अनुदानित माध्यमिक विद्यालय, 34 बेसिक शिक्षा विभाग से अनुदानित विद्यालय शामिल हैं। कुल एक लाख 53 हजार बच्चे इससे लाभान्वित होते हैं। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि संतकबीरनगर जिले में 35 प्रतिशत स्कूलों के बच्चों को फल वितरित नहीं किया जा रहा है। जिन्हें फल दिया जा रहा है वहां पर धनराशि भी नहीं भेजी जा रही है। अपर मुख्य सचिव की नाराजगी के बाद मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक अब्दुल समद ने डीएम को पत्र जारी कर कहा कि दैनिक अनुश्रवण प्रणाली से यह सूचना मिली है कि जिले में 65 प्रतिशत स्कूलों के बच्चों को ही फल वितरित किया जा रहा है। यह अत्यंत ही खराब स्थिति है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में अपर मुख्य सचिव ने भी इस पर नाराजगी जताई है। जिन विद्यालयों में फल वितरित हो रहा है वहां पर दो महीने से धनराशि भी नहीं भेजी गई है। जबकि धनराशि दिसंबर माह में ही जिले के मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को भेज दी गई थी।
प्रति छात्र मिलता है चार रुपये
स्कूलों में बच्चों को फल वितरण के लिए मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की तरफ से प्रति छात्र चार रुपये के हिसाब से धनराशि भेजी जाती है। प्रत्येक सोमवार को कोई भी मौसमी फल वितरित किया जा सकता है। फल वितरण की जिम्मेदारी स्कूल में मध्याह्न भोजन का संचालन करने वाले व्यक्ति पर होता है। अधिकांश स्कूलों में यह जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक की है।
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कराई जाएगी जांच : डीएम
इस संबंध में डीएम रवीश कुमार गुप्त ने कहा कि एमडीएम के तहत फल वितरित नहीं होना और वितरण वाले स्कूलों में धन नहीं भेजा जाना गंभीर प्रकरण है। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में फल वितरण के दिन आकस्मिक जांच भी कराई जाएगी।
समस्त बीईओ का रोका वेतन: बीएसए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फल वितरण की धनराशि दिसंबर माह में ही उपलब्ध हो गई थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए समस्त बीईओ को वेतन रोक दिया गया है। इसके साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
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जिले में 1,574 स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना लागू है। इसमें से 1,077 प्राथमिक विद्यालय, 443 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 15 मदरसा, 35 अनुदानित माध्यमिक विद्यालय, 34 बेसिक शिक्षा विभाग से अनुदानित विद्यालय शामिल हैं। कुल एक लाख 53 हजार बच्चे इससे लाभान्वित होते हैं। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि संतकबीरनगर जिले में 35 प्रतिशत स्कूलों के बच्चों को फल वितरित नहीं किया जा रहा है। जिन्हें फल दिया जा रहा है वहां पर धनराशि भी नहीं भेजी जा रही है। अपर मुख्य सचिव की नाराजगी के बाद मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक अब्दुल समद ने डीएम को पत्र जारी कर कहा कि दैनिक अनुश्रवण प्रणाली से यह सूचना मिली है कि जिले में 65 प्रतिशत स्कूलों के बच्चों को ही फल वितरित किया जा रहा है। यह अत्यंत ही खराब स्थिति है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में अपर मुख्य सचिव ने भी इस पर नाराजगी जताई है। जिन विद्यालयों में फल वितरित हो रहा है वहां पर दो महीने से धनराशि भी नहीं भेजी गई है। जबकि धनराशि दिसंबर माह में ही जिले के मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को भेज दी गई थी।
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प्रति छात्र मिलता है चार रुपये
स्कूलों में बच्चों को फल वितरण के लिए मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की तरफ से प्रति छात्र चार रुपये के हिसाब से धनराशि भेजी जाती है। प्रत्येक सोमवार को कोई भी मौसमी फल वितरित किया जा सकता है। फल वितरण की जिम्मेदारी स्कूल में मध्याह्न भोजन का संचालन करने वाले व्यक्ति पर होता है। अधिकांश स्कूलों में यह जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक की है।
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कराई जाएगी जांच : डीएम
इस संबंध में डीएम रवीश कुमार गुप्त ने कहा कि एमडीएम के तहत फल वितरित नहीं होना और वितरण वाले स्कूलों में धन नहीं भेजा जाना गंभीर प्रकरण है। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में फल वितरण के दिन आकस्मिक जांच भी कराई जाएगी।
समस्त बीईओ का रोका वेतन: बीएसए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फल वितरण की धनराशि दिसंबर माह में ही उपलब्ध हो गई थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए समस्त बीईओ को वेतन रोक दिया गया है। इसके साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।