फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   1100 acre crop drowned

बारिश से 1100 एकड़ फसल जलमग्न

Sun, 29 Aug 2021 11:30 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Aug 2021 11:30 PM IST
विज्ञापन
1100 acre crop drowned
बाढ से धान की फसल हुई जलमग्न।संवाद - फोटो : KHALILABAD
बारिश से 1100 एकड़ फसल जलमग्न
विज्ञापन

धनघटा और मेंहदावल क्षेत्र में धान की खेतों में भरा है पानी, किसानों ने मांगा मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। लगातार बारिश के चलते जिले में धान की फसलें जलमग्न हो गई हैं। धनघटा, मेंहदावल तहसील क्षेत्र में करीब 1100 एकड़ फसल पूरी तरह से पानी में डूबी हुई है। इसको लेकर किसानों में माथे पर चिंता की लकीरें हैं। किसानों ने प्रशासन से फसलों का आकलन कराकर मुआवजे की मांग की है।
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार लगातार बारिश से क्षेत्र में 300 एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। ऐसे में किसान परेशान हैं। क्षेत्र के नहुनी, गुरची, घूरापाली, बाडो, मेहावर, हरपुर, पचनेउरी, मलाई, बौधरा, गगनईराव, धौरापार आदि क्षेत्रों में धान की फसल पूरी तरह से डूब गई हैं। किसान गुनई गुप्ता, जगदंबा तिवारी, मकसूदन तिवारी, आलोक सिंह, दशरथ निषाद, पियारे निषाद, अदालत सिंह, जीत बहादुर, शिवदास कन्नौजिया, भकोले गौतम, सूरत निषाद, कल्लू सिंह, रामजी सिंह, राम मूरत यादव, जोखन निषाद, रमेश निषाद आदि ने कहा कि पिछले वर्ष दूसरी सूची में फसल बर्बाद होने वाले किसानों को आज तक मुआवजे की रकम नहीं मिली। वहीं, इस बार भी फसल पूरी तरह से पानी में डूब गई है। मेंहदावल प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दीप नरायन शर्मा ने कहा कि जिला व तहसील प्रशासन को डूबी हुए फसलों की पड़ताल कराते हुए क्षेत्र को जलमग्न घोषित कर किसानों को अहेतुक सहायता दिलाने की दिशा में पहल करनी चाहिए। किसान फसल बर्बादी को लेकर पीड़ित व परेशान हैं।
विज्ञापन

धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार घाघरा नदी की बाढ़ और कटान से एमबीडी बांध के दक्षिण बसे 38 गांवों के किसानों की 10 किलो मीटर की परिधि में करीब आठ सौ एकड़ फसल बर्बाद हो गई। जिन खेतों में फसल लहलहा रही थी वहां अब नाव चल रही है। बाढ़ के दंश को झेल रहे गांव के लोग फसलों का मुआवजा देने की गुहार की है। धनघटा-बिड़हर घाट मार्ग से लगायत गोरखपुर जिले की सीमा सरैया गांव तक बाढ़ का पानी एमबीडी बांध तक भरा हुआ है। इससे तुकर्वलिया नायक, जगदीशपुर, दौलतपुर, सियर कला, पटौवा, आगापुर, चपरापूर्वी, दौलतपुर, रामपुर, औराडाड़, तिलहा, गायघाट दक्षिणी समेत 38 गांव के किसानों की हजारों एकड़ फसल नदी कटान और बाढ़ से बर्बाद हो गई। किसान रामललित का कहना है कि दो माह से नदी की कटान और बाढ़ तबाही मचाई हुई है। सैकड़ों किसानो की खेती नदी की धारा में विलीन हो चुकी है। किसान रामदेव का कहना है कि घाघरा नदी ने इस वर्ष कटान करके किसानों को उजाड़ दिया है। राममिलन का कहना है कि किसानों की बर्बादी किसी से छिपी नहीं है। दो माह से यहां के लोग जो तबाही झेल रहे, उसे जीवन भर भूल नहीं पाएंगे। तहसीलदार रत्नेश तिवारी का कहना है कि घाघरा नदी की बाढ़ से कितनी फसल का नुकसान हुआ है। इसका आकलन किया जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed