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1.05 लाख किसान अब भी सम्मान निधि से वंचित
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डाटा अपडेट करने के लिए तहसीलवार भेजे गए आवेदन पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की उम्मीद लगाए एक लाख पांच हजार किसानों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। वजह यह कि आवेदन के दौरान हुई छोटी-छोटी गलतियों के चलते पीएफएमएस पोर्टल से इनका आवेदन वापस आ गया है। इन किसानों के आवेदन की त्रुटियों को दूर करने के लिए तहसीलों को सूची भेजी गई है। गलती ठीक कराकर भुगतान करने में करीब एक माह का समय लग सकता है।
फरवरी-मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की घोषणा की थी। इसके लिए जिले से दो लाख 19 हजार किसानों ने आवेदन किया था। तहसील प्रशासन व कृषि विभाग ने रात दिन एक करके आवेदन पत्र फीड किया और भुगतान के लिए इसे पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड भी कराया गया। इनमें से एक लाख पांच हजार 39 आवेदनों में बैंक का नाम, आईएफएससी कोड, खातेदार का नाम आदि त्रुटिपूर्ण होने के चलते धन स्थानांतरित नहीं हुआ। लोकसभा चुनाव बीतने के बाद अब इन वंचित किसानों का डाटा दोबारा चेक किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा दो दिन पहले ही मिली इस सूची को तहसीलवार छांटने के बाद सत्यापन तथा त्रुटियों को सुधारने के लिए राजस्व कर्मियों को भेजा है। जो डाटा तहसीलों को भेजा गया है उनमें मेंहदावल तहसील के 32318, खलीलाबाद 41666 और धनघटा 31055 किसानों के नाम शामिल हैं।
लेखपाल करेंगे सत्यापन
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के इन आवेदनों में हुई त्रुटियों को संबंधित गांव के लेखपाल दुरुस्त करेंगे। इसके लिए लेखपालों को किसानों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। संशोधित सूची को पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। लेखपालों को योजना का लाभ पा चुके किसानों की सूची भी उपलब्ध कराई गई है। जिसे उन्हें गांव में सार्वजनिक करना है।
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महीने भर में पूरा हो जाएगा काम
जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि अधिकांश आवेदनों में खाता नंबर, आधार कार्ड नंबर, आईएफएससी कोड आदि की त्रुटियां हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए तहसीलवार सूची भेज दी गई है। उम्मीद है कि जुलाई के अंत तक सभी डाटा ठीक करा दिया जाएगा जिससे कि किसानों को जल्दी से जल्दी योजना का लाभ मिल सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की उम्मीद लगाए एक लाख पांच हजार किसानों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। वजह यह कि आवेदन के दौरान हुई छोटी-छोटी गलतियों के चलते पीएफएमएस पोर्टल से इनका आवेदन वापस आ गया है। इन किसानों के आवेदन की त्रुटियों को दूर करने के लिए तहसीलों को सूची भेजी गई है। गलती ठीक कराकर भुगतान करने में करीब एक माह का समय लग सकता है।
फरवरी-मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की घोषणा की थी। इसके लिए जिले से दो लाख 19 हजार किसानों ने आवेदन किया था। तहसील प्रशासन व कृषि विभाग ने रात दिन एक करके आवेदन पत्र फीड किया और भुगतान के लिए इसे पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड भी कराया गया। इनमें से एक लाख पांच हजार 39 आवेदनों में बैंक का नाम, आईएफएससी कोड, खातेदार का नाम आदि त्रुटिपूर्ण होने के चलते धन स्थानांतरित नहीं हुआ। लोकसभा चुनाव बीतने के बाद अब इन वंचित किसानों का डाटा दोबारा चेक किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा दो दिन पहले ही मिली इस सूची को तहसीलवार छांटने के बाद सत्यापन तथा त्रुटियों को सुधारने के लिए राजस्व कर्मियों को भेजा है। जो डाटा तहसीलों को भेजा गया है उनमें मेंहदावल तहसील के 32318, खलीलाबाद 41666 और धनघटा 31055 किसानों के नाम शामिल हैं।
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लेखपाल करेंगे सत्यापन
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के इन आवेदनों में हुई त्रुटियों को संबंधित गांव के लेखपाल दुरुस्त करेंगे। इसके लिए लेखपालों को किसानों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। संशोधित सूची को पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। लेखपालों को योजना का लाभ पा चुके किसानों की सूची भी उपलब्ध कराई गई है। जिसे उन्हें गांव में सार्वजनिक करना है।
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महीने भर में पूरा हो जाएगा काम
जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि अधिकांश आवेदनों में खाता नंबर, आधार कार्ड नंबर, आईएफएससी कोड आदि की त्रुटियां हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए तहसीलवार सूची भेज दी गई है। उम्मीद है कि जुलाई के अंत तक सभी डाटा ठीक करा दिया जाएगा जिससे कि किसानों को जल्दी से जल्दी योजना का लाभ मिल सके।