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Sambhal News: खाद्य उत्पाद बनाने वाली महिलाओं को मिलेगी आर्थिक मदद
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चंदौसी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। कचरी, पापड़ समेत अन्य खाद्य उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं को 40 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं को छोटे उद्योग स्थापित करने और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। खाद्य सामग्री तैयार करने वाले समूहों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना लागू की जा रही है। इसके लिए शासन से निर्धारित लक्ष्य भी जिले को मिल चुका है और विभाग ने पात्र महिलाओं के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
योजना के तहत कचरी, पापड़, अचार सहित अन्य खाद्य उत्पाद तैयार करने वाले स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अधिकतम 40 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। इस राशि का उपयोग महिलाएं आवश्यक उपकरण खरीदने, कच्चा माल जुटाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में कर सकेंगी, जिससे उनका कारोबार और मजबूत होगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि योजना से समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों का उत्पादन बढ़ेगा।
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साथ ही, महिलाओं की आमदनी में बढ़ोतरी होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला मिशन प्रबंधक मोहनलाल ने बताया कि समूह की महिलाओं के लिए स्वरोजगार हेतु विभिन्न योजनाएं चल रही हैं। एक से दो लाख तक के ऋण की सुविधा है।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। खाद्य सामग्री तैयार करने वाले समूहों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना लागू की जा रही है। इसके लिए शासन से निर्धारित लक्ष्य भी जिले को मिल चुका है और विभाग ने पात्र महिलाओं के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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योजना के तहत कचरी, पापड़, अचार सहित अन्य खाद्य उत्पाद तैयार करने वाले स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अधिकतम 40 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। इस राशि का उपयोग महिलाएं आवश्यक उपकरण खरीदने, कच्चा माल जुटाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में कर सकेंगी, जिससे उनका कारोबार और मजबूत होगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि योजना से समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों का उत्पादन बढ़ेगा।
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साथ ही, महिलाओं की आमदनी में बढ़ोतरी होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला मिशन प्रबंधक मोहनलाल ने बताया कि समूह की महिलाओं के लिए स्वरोजगार हेतु विभिन्न योजनाएं चल रही हैं। एक से दो लाख तक के ऋण की सुविधा है।