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जिला अस्पताल में एंबुलेंस नहीं मिली तो गर्भवती पत्नी को स्ट्रेचर पर लेकर दौड़ा पति
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जिला अस्पताल में उपचार नहीं मिलने पर पति स्ट्रेचर से ही पत्नी को लेकर निजी अस्पताल की ओर दौड़ा।
- फोटो : SAMBHAL
संभल। गर्भवती महिला को जिला अस्पताल में न समुचित उपचार मिला और न ही दूसरे अस्पताल जाने के लिए एंबुलेंस नसीब हुई। इसके चलते आनन-फानन में पति अपनी पत्नी को ट्राली वाले स्ट्रेचर लेकर दौड़ पड़ा। वह पत्नी को संभल के ही निजी अस्पताल में लेकर गया। जहां डेढ़ घंटे तक रहा पर पत्नी की हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद वह पत्नी को लेकर मुरादाबाद स्थित निजी अस्पताल के लिए रवाना हो गया।
संभल के मोहल्ला लोधीसराय निवासी आजम अपनी गर्भवती पत्नी निगहत परवीन को लेकर दोपहर डेढ़ बजे जिला अस्पताल पहुंचा। पत्नी को चक्कर आ रहे थे। ब्लड प्रेशर अधिक था। हालत खराब थी। उसे तत्काल प्रसव कक्ष में ले जाया गया। पति का आरोप है कि मौजूद चिकित्सा कर्मियों ने हालत देखी लेकिन उपचार नहीं किया। कर्मचारियों ने साफ कहा कि उनकी पत्नी की जान खतरे में हैं।
बीपी कंट्रोल नहीं हो रहा है। कहीं और दिखाएं। इस पर तत्काल प्रसव वाले वार्ड से पत्नी को लेकर पति और परिजन नीचे आए। एंबुलेंस मांगी लेकिन चिकित्सा कर्मियों ने यह कहकर मना कर दिया कि एंबुलेंस सिर्फ सरकारी अस्पताल ले जाने के लिए है। मरीज को निजी अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है। इस पर पति उसे स्ट्रेचर पर लेकर निजी अस्पताल की ओर बढ़ गया।
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सड़क पर स्ट्रेचर में पत्नी को लेकर पति दौड़ रहा था। परिजन साथ चल रहे थे। यह देखकर लोग चौंक गए। सरकारी अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं पर सवाल खड़े करने लगे। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस डा. ए के गुप्ता कहना है कि गर्भवती जब अस्पताल आई तो उसे दौरे पड़ रहे थे। चिकित्सा कर्मचारी उसे लेबर रूम में ले गए। इंजेक्शन भी दिए गए।
उपचार शुरू किया गया लेकिन कुछ ही पल बाद उसके पति ने उपचार कराने से इनकार कर दिया और वह चिकित्सकीय सलाह को दरकिनार करते हुए मौजूद स्टाफ को धक्का देकर अपनी पत्नी को स्ट्रेचर पर लेकर निकल आया। कर्मचारी देखते रह गए। इस मामले में अस्पताल की ओर से पति के खिलाफ तहरीर दी गई है। पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी की रिकार्डिंग में है। इस मामले में जांच हो तो हकीकत सामने आएगी।
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संभल के मोहल्ला लोधीसराय निवासी आजम अपनी गर्भवती पत्नी निगहत परवीन को लेकर दोपहर डेढ़ बजे जिला अस्पताल पहुंचा। पत्नी को चक्कर आ रहे थे। ब्लड प्रेशर अधिक था। हालत खराब थी। उसे तत्काल प्रसव कक्ष में ले जाया गया। पति का आरोप है कि मौजूद चिकित्सा कर्मियों ने हालत देखी लेकिन उपचार नहीं किया। कर्मचारियों ने साफ कहा कि उनकी पत्नी की जान खतरे में हैं।
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बीपी कंट्रोल नहीं हो रहा है। कहीं और दिखाएं। इस पर तत्काल प्रसव वाले वार्ड से पत्नी को लेकर पति और परिजन नीचे आए। एंबुलेंस मांगी लेकिन चिकित्सा कर्मियों ने यह कहकर मना कर दिया कि एंबुलेंस सिर्फ सरकारी अस्पताल ले जाने के लिए है। मरीज को निजी अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है। इस पर पति उसे स्ट्रेचर पर लेकर निजी अस्पताल की ओर बढ़ गया।
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सड़क पर स्ट्रेचर में पत्नी को लेकर पति दौड़ रहा था। परिजन साथ चल रहे थे। यह देखकर लोग चौंक गए। सरकारी अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं पर सवाल खड़े करने लगे। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस डा. ए के गुप्ता कहना है कि गर्भवती जब अस्पताल आई तो उसे दौरे पड़ रहे थे। चिकित्सा कर्मचारी उसे लेबर रूम में ले गए। इंजेक्शन भी दिए गए।
उपचार शुरू किया गया लेकिन कुछ ही पल बाद उसके पति ने उपचार कराने से इनकार कर दिया और वह चिकित्सकीय सलाह को दरकिनार करते हुए मौजूद स्टाफ को धक्का देकर अपनी पत्नी को स्ट्रेचर पर लेकर निकल आया। कर्मचारी देखते रह गए। इस मामले में अस्पताल की ओर से पति के खिलाफ तहरीर दी गई है। पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी की रिकार्डिंग में है। इस मामले में जांच हो तो हकीकत सामने आएगी।