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सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले होंगे चिह्नित, कड़ी सजा मिलेगी

Thu, 06 Apr 2017 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
ब्यूरो/अमर उजाला संभल Updated Thu, 06 Apr 2017 12:54 AM IST
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who spread rumar, police punished them
औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था। - फोटो : Demo Pic
संवेदनशील संभल की फिजा को आग लगाने की कुछ लोग कोशिश कर रहे हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली गई है जिसमें यह कहा गया है कि संभल में एक मंदिर 35 वर्ष बाद खुला है। मंदिर खुलने के बाद पहली पूजा एक सिपाही ने की है, जबकि ऐसा कोई मंदिर भी नहीं है, जो इतने साल से बंद है। 
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हां सोशल मीडिया पर यह बात चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग एक दूसरे से मंदिर और सिपाही के बारे में जानकारी ले रहे हैं। यहां तक कि दूसरे शहरों से भी संभल के बाशिंदों के पास फोन आ रहे हैं। लोग अपने संपर्क से प्रशासन से भी जानकारी ले रहे हैं पर अभी तक इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। हां इतना जरूर हुआ है कि अधिकारियों ने पोस्ट डालने वाले लोगों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। इसके लिए स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र को जिम्मेदारी सौेंपी गई है।
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पिछले कुछ दिनों से माहौल खराब करने की कोशिश की जा रहीं हैं। हर दिन किसी न किसी तरह तरह अफवाह फैलाई जा रही है तो कभी पर्चे बांटकर दूसरे समुदाय की दुकानों का बॉयकाट करने का आह्वान किया जा रहा है।
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इसी कड़ी में सोशल मीडिया पर बंद मंदिर खुलने की बात कही जा रही है। लोगों की भावनाओं को भड़काकर अमन के दुश्मन अपना मकसद हल करना चाहते हैं। गनीमत है कि, दोनों वर्गोें के लोग यहां पर बड़ी समझदारी दिखा रहे हैं और अमन के दुश्मनों की दाल नहीं गल    रही है।  

खुफिया तंत्र ने शुरू की जांच
संभल।  शहर में एक समुदाय के लोगों  की दुकानों का बायकाट करने के  लिए शहर में बांटे गए पर्चे  अब जांच का विषय बन गए हैं। खुफिया तंत्र ने जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को कुछ लोगों ने अमन को आंच पहुंचाने के मकसद से पर्चे बांटे थे। इसमें दूसरे समुदाय की दुकानों का बायकाट करने का आह्वान किया गया था।


सोशल मीडिया पर यही पर्चे वायरल किए गए। पर्चे वॉयरल होने के बाद अधिकारियों ने खुफिया तंत्र को सक्रिय किया है। पर्चे किसने बांटे? इस मामले की जांच शुरू करा दी गई। एसपी बालेंदु भूषण ने कहा कि अभी जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। अभी उन्हें चिह्नित किया जा रहा है।

ऐसा कोई मंदिर संभल में नहीं है जो 35 वर्ष से बंद हो। बंद मंदिर खुलने और उसमें पूजा करने की बात सिर्फ अफवाह है।
- बालेंदु भूषण, पुलिस अधीक्षक संभल
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