{"_id":"687e9b30e9c71c772a07cbe7","slug":"when-the-bodies-of-the-kanwariyas-arrived-their-relatives-wept-sambhal-news-c-275-1-smbd1031-124970-2025-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: कांवड़ियों के शव पहुंचे तो बिलखे परिजन, ग्रामीणों की भी आंखें नम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: कांवड़ियों के शव पहुंचे तो बिलखे परिजन, ग्रामीणों की भी आंखें नम
विज्ञापन
संभल। गजरौला के पास हाईवे पर झनकपुरी गांव के पास हादसे में जान गंवाने वाले कांवड़िये अनुज (22) व नितिन (24) के शव सोमवार को हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के गांव फतेहउल्ला गंज स्थित घरों पर लाए गए तो परिजन बिलख पड़े। दो शिवभक्तों की मौत से गांव में शोक का माहौल बना रहा। परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव फतेहउल्ला गंज से 30 कांवड़ियों का जत्था रविवार को गंगाजल लेने ब्रजघाट जा रहा था। जत्थे में बाइक पर तीन दोस्त अनुज, नितिन और अनिकेत भी शामिल थे। रविवार को रात गजरौला के पास हाईवे पर झनकपुरी गांव के पास बाइक ट्रैक्टर ट्राॅली से टकरा गई थी। इसमें तीनों गंभीर रूप से घायल हाे गए थे।
पुलिस तीनों घायलों को अस्पताल ले गई तो डाॅक्टर ने अनुज और नितिन को मृत घोषित कर दिया था जबकि अनिकेत का उपचार शुरू किया गया। सोमवार को दोनों के शव घर लाए गए। अनुज की मां गुड्डो और नितिन की मां कमलेश का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों की आंखें भी नम नजर आईं।
विज्ञापन
परिजनों ने अनुज और नितिन के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। बताया गया कि अनुज दूसरे नंबर का भाई था, उसके दो भाई और चार बहनें हैं। वह मजदूरी करता था। वहीं नितिन तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। नितिन भी मजदूरी करता था। दोनों रविवार को डांक कांवड़ लेने के लिए ब्रजघाट जा रहे थे और हादसे में दोनों की मौत हो गई।
विज्ञापन
गांव फतेहउल्ला गंज से 30 कांवड़ियों का जत्था रविवार को गंगाजल लेने ब्रजघाट जा रहा था। जत्थे में बाइक पर तीन दोस्त अनुज, नितिन और अनिकेत भी शामिल थे। रविवार को रात गजरौला के पास हाईवे पर झनकपुरी गांव के पास बाइक ट्रैक्टर ट्राॅली से टकरा गई थी। इसमें तीनों गंभीर रूप से घायल हाे गए थे।
विज्ञापन
पुलिस तीनों घायलों को अस्पताल ले गई तो डाॅक्टर ने अनुज और नितिन को मृत घोषित कर दिया था जबकि अनिकेत का उपचार शुरू किया गया। सोमवार को दोनों के शव घर लाए गए। अनुज की मां गुड्डो और नितिन की मां कमलेश का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों की आंखें भी नम नजर आईं।
विज्ञापन
परिजनों ने अनुज और नितिन के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। बताया गया कि अनुज दूसरे नंबर का भाई था, उसके दो भाई और चार बहनें हैं। वह मजदूरी करता था। वहीं नितिन तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। नितिन भी मजदूरी करता था। दोनों रविवार को डांक कांवड़ लेने के लिए ब्रजघाट जा रहे थे और हादसे में दोनों की मौत हो गई।