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हम सर्वे कर रहे थे, स्थिति नियंत्रण से बाहर थी : विष्णु शंकर जैन
Sat, 01 Mar 2025 01:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sat, 01 Mar 2025 01:05 AM IST
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संभल।
19 नवंबर को सर्वे पूरा नहीं हुआ था इसलिए 24 नवंबर को सर्वे करने पहुंचे, हमने फायरिंग की आवाज सुनी, स्थिति नियंत्रण से बाहर थी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति को संभाला। हम सर्वे के बाद टीम के साथ पुलिस की निगरानी में कोतवाली तक पहुंचे। यह बयान अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने न्यायिक जांच आयोग के सामने दर्ज कराए हैं।
बयान दर्ज कराकर बाहर आए अधिवक्ता ने पत्रकारों से बताया कि पहले दिन यानी 19 नवंबर को सर्वे पूरा नहीं हुआ था। कोर्ट कमिश्नर ने इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद ही 24 नवंबर को फिर से सर्वे के लिए पहुंचे थे लेकिन उपद्रवियों ने बवाल कर दिया। हम सर्वे कर रहे थे तो फायरिंग की आवाज आ रही थी। आगजनी करने पर धुआं आसमान में दिख रहा था। करीब तीन घंटे तक सर्वे कर हम किसी तरह बाहर निकले और कोतवाली पहुंचे। जय श्री राम के नारेबाजी लगाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य किसी के पास हो जिसमें मेरे द्वारा नारेबाजी की गई है तो वह दिखाया जाए। पुलिस की सुरक्षा में पहुंचे थे और पुलिस की सुरक्षा में निकले थे। यह आरोप पूरी तरह गलत लगाया गया है।
कहा कि जामा मस्जिद कमेटी रंगाई-पुताई की अनुमति इसलिए मांग रही है जिससे मंदिर के साक्ष्य मिटाए जा सकें। लेकिन हाईकोर्ट ने एएसआई की टीम के सर्वे की रिपोर्ट को माना है।जिसमें कहा गया है कि रंगाई-पुताई की जरूरत नहीं है। इससे पूरे हिंदू समाज में खुशी है।
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19 नवंबर को सर्वे पूरा नहीं हुआ था इसलिए 24 नवंबर को सर्वे करने पहुंचे, हमने फायरिंग की आवाज सुनी, स्थिति नियंत्रण से बाहर थी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति को संभाला। हम सर्वे के बाद टीम के साथ पुलिस की निगरानी में कोतवाली तक पहुंचे। यह बयान अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने न्यायिक जांच आयोग के सामने दर्ज कराए हैं।
बयान दर्ज कराकर बाहर आए अधिवक्ता ने पत्रकारों से बताया कि पहले दिन यानी 19 नवंबर को सर्वे पूरा नहीं हुआ था। कोर्ट कमिश्नर ने इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद ही 24 नवंबर को फिर से सर्वे के लिए पहुंचे थे लेकिन उपद्रवियों ने बवाल कर दिया। हम सर्वे कर रहे थे तो फायरिंग की आवाज आ रही थी। आगजनी करने पर धुआं आसमान में दिख रहा था। करीब तीन घंटे तक सर्वे कर हम किसी तरह बाहर निकले और कोतवाली पहुंचे। जय श्री राम के नारेबाजी लगाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य किसी के पास हो जिसमें मेरे द्वारा नारेबाजी की गई है तो वह दिखाया जाए। पुलिस की सुरक्षा में पहुंचे थे और पुलिस की सुरक्षा में निकले थे। यह आरोप पूरी तरह गलत लगाया गया है।
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कहा कि जामा मस्जिद कमेटी रंगाई-पुताई की अनुमति इसलिए मांग रही है जिससे मंदिर के साक्ष्य मिटाए जा सकें। लेकिन हाईकोर्ट ने एएसआई की टीम के सर्वे की रिपोर्ट को माना है।जिसमें कहा गया है कि रंगाई-पुताई की जरूरत नहीं है। इससे पूरे हिंदू समाज में खुशी है।
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