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पानी की सड़न से उठ रही दुर्गंध में जीने को मजबूर तुर्तीपुर इल्हा के लोग, कोई नहीं ले रहा सुध
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संभल के तुर्तीपुर इल्हा में हुए जलभराव का कुछ ऐसा है नजारा।
- फोटो : SAMBHAL
संभल। दो सप्ताह पहले हुई बारिश ने तुर्तीपुर इल्हा के लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ। कई बार जनप्रतिनिधि और प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब जलस्तर तो कम हो गया लेकिन जो पानी बचा है वह सड़ गया है। जिससे दुर्गंध आ रही है। लोगों के पीने के लिए पानी भी साफ नहीं है। इस दुश्वारी से निजात के लिए किसी जिम्मेदार ने कदम नहीं उठाए हैं। जबकि समस्या बेहद गंभीर है।
नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या 31 अंतर्गत मोहल्ला तुर्तीपुर इल्हा बेहद मुसीबत के दौर से गुजर रहा है। इस मोहल्ले में दो सप्ताह पहले बारिश के बाद जलभराव हो गया था। लोगों ने नगर पालिका और प्रशासन से निजात की गुहार लगाई। सुनवाई नहीं हो सकी। मजबूरन कुछ लोग घर छोड़कर नगर के दूसरे मोहल्लों में रहने चले गए। जो परिवार रह रहे हैं वह जलभराव रहने तक घरों में कैद हो गए।
अब जलभराव तो कम हो गया लेकिन जो पानी बचा है उसमें सड़न फैल गई है। दुर्गंध से परिवार परेशान हैं। पीने को पानी नहीं है। दूर दराज से पानी लेकर आना पड़ रहा है। इसी मोहल्ले के परवेज ने बताया कि जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासन तक कई बार गुहार लगा चुके हैं।
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आश्वासन तो मिलता है लेकिन समाधान नहीं होता। जबकि इस जलभराव से कई बार हादसे हो चुके हैं। फिर भी कोई सुध नहीं ले रहा है। असलम ने बताया कि वह जलभराव होने पर अपने परिवार को लेकर नखासा स्थित एक किराए के मकान में रह रहे हैं। मेहनत मजदूरी कर मकान बनाया था लेकिन इस जलभराव से मकान गिरने की कगार पर है।
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नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या 31 अंतर्गत मोहल्ला तुर्तीपुर इल्हा बेहद मुसीबत के दौर से गुजर रहा है। इस मोहल्ले में दो सप्ताह पहले बारिश के बाद जलभराव हो गया था। लोगों ने नगर पालिका और प्रशासन से निजात की गुहार लगाई। सुनवाई नहीं हो सकी। मजबूरन कुछ लोग घर छोड़कर नगर के दूसरे मोहल्लों में रहने चले गए। जो परिवार रह रहे हैं वह जलभराव रहने तक घरों में कैद हो गए।
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अब जलभराव तो कम हो गया लेकिन जो पानी बचा है उसमें सड़न फैल गई है। दुर्गंध से परिवार परेशान हैं। पीने को पानी नहीं है। दूर दराज से पानी लेकर आना पड़ रहा है। इसी मोहल्ले के परवेज ने बताया कि जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासन तक कई बार गुहार लगा चुके हैं।
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आश्वासन तो मिलता है लेकिन समाधान नहीं होता। जबकि इस जलभराव से कई बार हादसे हो चुके हैं। फिर भी कोई सुध नहीं ले रहा है। असलम ने बताया कि वह जलभराव होने पर अपने परिवार को लेकर नखासा स्थित एक किराए के मकान में रह रहे हैं। मेहनत मजदूरी कर मकान बनाया था लेकिन इस जलभराव से मकान गिरने की कगार पर है।