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Sambhal News: धरती में जहर घोल रहा जींस वाशिंग प्लांट का पानी
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संभल। जींस कारखानों से निकलने वाले केमिकलयुक्त जहरीला पानी सीधे जमीन में डिस्चार्ज किया जा रहा है। इससे जनजीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। सोमवार को डीएम डाॅ. राजेंद्र पैंसिया द्वारा गठित टीम ने हयातनगर में हसनपुर मुनजब्ता मार्ग पर जींस वाशिंग प्लांट पर छापा मारा तो कई कमियां मिलीं। इस प्लांट का केमिकल युक्त दूषित पानी सीधे जमीन में डिस्चार्ज किया जा रहा था। सीजीएसटी का रजिस्ट्रेशन भी नहीं दिखाया गया।
प्लांट में घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल कामर्शियल रूप में होता मिला तो छह गैस सिलेंडर जब्त कर लिए गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने कमियों को लेकर प्लांट की बिजली कटवा दी। जेनरेटर को सील करते हुए प्लांट में मिले जींस के बड़े स्टाक, मशीनों आदि को तीन मजदूरों की सुपुर्दगी में दे दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, बिजली निगम के एक्सईएन नवीन गौतम, भूगर्भ जल विभाग के एई जितेंद्र कुमार शुक्ला, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक सहायक अनिल कुमार, जीएसटी के एसटीओ ऋषिपाल सिंह, ईओ नगर पालिका डाॅ. मणिभूषण तिवारी ने सोमवार को दोपहर करीब 12:30 बजे हयातनगर में बिजलीघर के पास से गांव हसनपुर मुनजब्ता को जाने वाले रास्ते पर संचालित जींस वाशिंग प्लांट पर छापा मारा।
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प्लांट में कई मशीनें लगाकर जींसों को केमिकल के जरिये रंगने और फिर धुलाई का काम किया जा रहा था। मजदूरों ने बताया कि गांव हसनपुर मुनजब्ता के कामिल के इस प्लांट का सीजीएसटी में रजिस्ट्रेशन है लेकिन मौके पर नहीं दिखाया जा सका और न ही रजिस्ट्रेशन को लेकर कोई बोर्ड लगा था। प्लांट में जींसों की वाशिंग के बाद दूषित पानी को ऐसे ही जमीन में डिस्चार्ज किया जा रहा था। इसके लिए कोई ईटीपी नहीं लगा था। प्लांट में घरेलू गैस सिलेंडरों का काॅमर्शियल इस्तेमाल हो रहा था। पूर्ति विभाग के एआरओ रामशंकर की मौजूदगी में पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार ने सिलेंडरों को जब्त कर लिया। चूंकि प्लांट का परिसर खुला था, ऐसे में उसे सील किया जाना संभव नहीं था इसलिए सिटी मजिस्ट्रेट ने कार्रवाई कराते हुए प्लांट मालिक के प्रतिनिधि के तौर पर मिले तीन मजूदरों की सुपुर्दगी में जींस का स्टाक, मशीनें आदि दिलवा दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि प्लांट को का सीजीएसटी में रजिस्ट्रेशन होना बताया गया लेकिन वह प्रस्तुत नहीं किया गया। 50 हजार रुपये का जुर्माना बन रहा है। फायर विभाग की एनओसी नहीं है। प्लांट में दूषित पानी का डिस्पोजल ईटीपी लगाकर नहीं किया जा रहा है। दूषित पानी सीधे जमीन में रहा है। प्रथम दृष्टया कई कमियां पाई गईं। प्लांट में मिला जींस का स्टाक, मशीनें आदि यहीं के लोगों की सुपुर्दगी में दी गई हैं।
प्लांट में मिला करीब 30 हजार जींसों का स्टाक, रोजाना तैयार होते हैं 700 पीस
संभल। अधिकारियों ने जींस वाशिंग प्लांट में जांच पड़ताल की तो जींसों का बड़ा स्टाक मिला। अनुमान रहा कि करीब 30 हजार जींस प्लांट में होंगी। मजदूरों ने बताया कि रोजाना 700 जींस के पीस तैयार कर लिए जाते हैं। एक जींस तैयार करने पर 20 रुपये लिए जाते हैं। बताया गया कि संभल के मोहल्ला हातिम सराय, चौधरी सराय और चमन आदि से जींस का माल वाशिंग प्लांट में आता है और यहां रंगाई एवं धुलाई की जाती है।
अधिकारियों ने प्लांट पर दी दस्तक तो सहम गए मजदूर
जींस वाशिंग प्लांट में मजदूर सोमवार को भी रोजाना की तरह काम रहे थे। जींसों की रंगाई और धुलाई का काम चल रहा था। अचानक अधिकारियों की गाड़ी प्लांट के गेट के बाहर रुकीं। जिसके बाद गेट खुलवाकर एक के बाद एक कई अधिकारी प्लांट में पहुंच गए। यह देखकर मजदूर भी सहम गए। पहले प्लांट के भूतल पर काम कर रहे मजदूरों को एक तरफ बैठा लिया गया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट प्लांट के पहले तल पर पहुंचे। वहां जींसों को सुखाया जा रहा था और कई मजदूर भी थे। उन मजदूरों को भी नीचे लाकर बैठा लिया गया। प्लांट में करीब डेढ़ घंटे तक अधिकारी रहे।
सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर कब्जे में लिया
जींस वाशिंग प्लांट में कई सीसीटीवी कैमरे लगे थे। सिटी मजिस्ट्रेट ने सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर को कब्जे में लेने के निर्देश दिए। जिसके बाद पुलिस ने डीवीआर और एलईडी को कब्जे में ले लिया।
पेयजल को जहरीला कर देता है केमिकलयुक्त पानी
संभल। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जींस के वाशिंग प्लांट से कई प्रकार का प्रदूषण होता है। इसमें सबसे ज्यादा जल प्रदूषण होता है। वाशिंग प्लांट से निकलने वाले दूषित पानी को ऐसे ही छोड़ दिया जाता है। इस पानी में कई तरह के रसायनों का मिश्रण होता है। पीने योग्य पानी की गुणवत्ता में गिरावट आती है। एक तरह से पानी जहर के समान हो जाता है। रीसाइक्लिंग करने के लिए कोई उपाय नहीं किया जाता है। बताया कि इसके अलावा वायु प्रदूषण भी होता है और इस प्लांट में काम करने वाले लोग ध्वनि प्रदूषण का शिकार हो जाते हैं। पानी की बर्बादी काफी होती है।
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प्लांट में घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल कामर्शियल रूप में होता मिला तो छह गैस सिलेंडर जब्त कर लिए गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने कमियों को लेकर प्लांट की बिजली कटवा दी। जेनरेटर को सील करते हुए प्लांट में मिले जींस के बड़े स्टाक, मशीनों आदि को तीन मजदूरों की सुपुर्दगी में दे दिया।
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सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, बिजली निगम के एक्सईएन नवीन गौतम, भूगर्भ जल विभाग के एई जितेंद्र कुमार शुक्ला, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक सहायक अनिल कुमार, जीएसटी के एसटीओ ऋषिपाल सिंह, ईओ नगर पालिका डाॅ. मणिभूषण तिवारी ने सोमवार को दोपहर करीब 12:30 बजे हयातनगर में बिजलीघर के पास से गांव हसनपुर मुनजब्ता को जाने वाले रास्ते पर संचालित जींस वाशिंग प्लांट पर छापा मारा।
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प्लांट में कई मशीनें लगाकर जींसों को केमिकल के जरिये रंगने और फिर धुलाई का काम किया जा रहा था। मजदूरों ने बताया कि गांव हसनपुर मुनजब्ता के कामिल के इस प्लांट का सीजीएसटी में रजिस्ट्रेशन है लेकिन मौके पर नहीं दिखाया जा सका और न ही रजिस्ट्रेशन को लेकर कोई बोर्ड लगा था। प्लांट में जींसों की वाशिंग के बाद दूषित पानी को ऐसे ही जमीन में डिस्चार्ज किया जा रहा था। इसके लिए कोई ईटीपी नहीं लगा था। प्लांट में घरेलू गैस सिलेंडरों का काॅमर्शियल इस्तेमाल हो रहा था। पूर्ति विभाग के एआरओ रामशंकर की मौजूदगी में पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार ने सिलेंडरों को जब्त कर लिया। चूंकि प्लांट का परिसर खुला था, ऐसे में उसे सील किया जाना संभव नहीं था इसलिए सिटी मजिस्ट्रेट ने कार्रवाई कराते हुए प्लांट मालिक के प्रतिनिधि के तौर पर मिले तीन मजूदरों की सुपुर्दगी में जींस का स्टाक, मशीनें आदि दिलवा दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि प्लांट को का सीजीएसटी में रजिस्ट्रेशन होना बताया गया लेकिन वह प्रस्तुत नहीं किया गया। 50 हजार रुपये का जुर्माना बन रहा है। फायर विभाग की एनओसी नहीं है। प्लांट में दूषित पानी का डिस्पोजल ईटीपी लगाकर नहीं किया जा रहा है। दूषित पानी सीधे जमीन में रहा है। प्रथम दृष्टया कई कमियां पाई गईं। प्लांट में मिला जींस का स्टाक, मशीनें आदि यहीं के लोगों की सुपुर्दगी में दी गई हैं।
प्लांट में मिला करीब 30 हजार जींसों का स्टाक, रोजाना तैयार होते हैं 700 पीस
संभल। अधिकारियों ने जींस वाशिंग प्लांट में जांच पड़ताल की तो जींसों का बड़ा स्टाक मिला। अनुमान रहा कि करीब 30 हजार जींस प्लांट में होंगी। मजदूरों ने बताया कि रोजाना 700 जींस के पीस तैयार कर लिए जाते हैं। एक जींस तैयार करने पर 20 रुपये लिए जाते हैं। बताया गया कि संभल के मोहल्ला हातिम सराय, चौधरी सराय और चमन आदि से जींस का माल वाशिंग प्लांट में आता है और यहां रंगाई एवं धुलाई की जाती है।
अधिकारियों ने प्लांट पर दी दस्तक तो सहम गए मजदूर
जींस वाशिंग प्लांट में मजदूर सोमवार को भी रोजाना की तरह काम रहे थे। जींसों की रंगाई और धुलाई का काम चल रहा था। अचानक अधिकारियों की गाड़ी प्लांट के गेट के बाहर रुकीं। जिसके बाद गेट खुलवाकर एक के बाद एक कई अधिकारी प्लांट में पहुंच गए। यह देखकर मजदूर भी सहम गए। पहले प्लांट के भूतल पर काम कर रहे मजदूरों को एक तरफ बैठा लिया गया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट प्लांट के पहले तल पर पहुंचे। वहां जींसों को सुखाया जा रहा था और कई मजदूर भी थे। उन मजदूरों को भी नीचे लाकर बैठा लिया गया। प्लांट में करीब डेढ़ घंटे तक अधिकारी रहे।
सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर कब्जे में लिया
जींस वाशिंग प्लांट में कई सीसीटीवी कैमरे लगे थे। सिटी मजिस्ट्रेट ने सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर को कब्जे में लेने के निर्देश दिए। जिसके बाद पुलिस ने डीवीआर और एलईडी को कब्जे में ले लिया।
पेयजल को जहरीला कर देता है केमिकलयुक्त पानी
संभल। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जींस के वाशिंग प्लांट से कई प्रकार का प्रदूषण होता है। इसमें सबसे ज्यादा जल प्रदूषण होता है। वाशिंग प्लांट से निकलने वाले दूषित पानी को ऐसे ही छोड़ दिया जाता है। इस पानी में कई तरह के रसायनों का मिश्रण होता है। पीने योग्य पानी की गुणवत्ता में गिरावट आती है। एक तरह से पानी जहर के समान हो जाता है। रीसाइक्लिंग करने के लिए कोई उपाय नहीं किया जाता है। बताया कि इसके अलावा वायु प्रदूषण भी होता है और इस प्लांट में काम करने वाले लोग ध्वनि प्रदूषण का शिकार हो जाते हैं। पानी की बर्बादी काफी होती है।