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ऑनलाइन मंगाई घड़ी, निकले पुर्जे, फोरम ने लगाया 15 हजार का जुर्माना
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एसएम कॉलेज के प्रोफेसर ने ऑनलाइन एक घड़ी मंगाई, जब पार्सल प्राप्त हुआ तो उसमें घड़ी के स्थान पर किसी अन्य वस्तु के पुर्जे थे। उन्होंने मामले की शिकायत संबंधित कंपनी से की। कोई सुनवाई न होने पर पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल कराया। फोरम ने फैसला सुनाते हुए कंपनी पर 15 हजार का जुर्माना लगाया और ब्याज सहित घड़ी मूल्य की रकम देने के भी आदेश दिए।
नगर निवासी एसएम कॉलेज के प्रोफेसर राज शेखर सिंह ने 22 फरवरी 2021 को मंत्रा डिजाइंस प्राइवेट लिमिटेड की वेबसाइट पर जाकर 10995 रुपये मूल्य की एक अरमानी घड़ी बुक कराई थी। बुकिंग के बाद जो पार्सल उन्हें प्राप्त हुआ। उसमें घड़ी के स्थान पर किसी अन्य वस्तु के पुर्जे मिले। प्रोफेसर ने कंपनी से इसकी शिकायत की, लेकिन कंपनी के स्तर से कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर प्रोफेसर राजशेखर ने अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय के माध्यम से एक परिवाद जिला उपभोक्ता न्यायालय में दाखिल किया।
फोरम ने मंत्रा डिजाइंस प्राइवेट लिमिटेड और उसकी सहयोगी विक्रेता सवादिका रिटेल प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी कर उन्हें साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनी और पाया कि विपक्षी द्वारा जो सामान परिवादी को भेजा गया, वह वास्तव में ही गड़बड़ था। फोरम के अध्यक्ष राम अचल यादव और सदस्य आशुतोष ने परिवादी के पक्ष में अपना आदेश सुनाते हुए सवादिका रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आदेश दिए। जिसमें कहा कि घड़ी का विक्रय मूल्य 10995 रुपये तथा घड़ी के दिन से छह प्रतिशत ब्याज दो माह में अदा करें। इसके अलावा दस हजार रुपये मानसिक कष्ट व आर्थिक हानि के तथा पांच हजार रुपये परिवार व्यय के परिवादी को अदा करें।
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नगर निवासी एसएम कॉलेज के प्रोफेसर राज शेखर सिंह ने 22 फरवरी 2021 को मंत्रा डिजाइंस प्राइवेट लिमिटेड की वेबसाइट पर जाकर 10995 रुपये मूल्य की एक अरमानी घड़ी बुक कराई थी। बुकिंग के बाद जो पार्सल उन्हें प्राप्त हुआ। उसमें घड़ी के स्थान पर किसी अन्य वस्तु के पुर्जे मिले। प्रोफेसर ने कंपनी से इसकी शिकायत की, लेकिन कंपनी के स्तर से कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर प्रोफेसर राजशेखर ने अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय के माध्यम से एक परिवाद जिला उपभोक्ता न्यायालय में दाखिल किया।
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फोरम ने मंत्रा डिजाइंस प्राइवेट लिमिटेड और उसकी सहयोगी विक्रेता सवादिका रिटेल प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी कर उन्हें साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनी और पाया कि विपक्षी द्वारा जो सामान परिवादी को भेजा गया, वह वास्तव में ही गड़बड़ था। फोरम के अध्यक्ष राम अचल यादव और सदस्य आशुतोष ने परिवादी के पक्ष में अपना आदेश सुनाते हुए सवादिका रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आदेश दिए। जिसमें कहा कि घड़ी का विक्रय मूल्य 10995 रुपये तथा घड़ी के दिन से छह प्रतिशत ब्याज दो माह में अदा करें। इसके अलावा दस हजार रुपये मानसिक कष्ट व आर्थिक हानि के तथा पांच हजार रुपये परिवार व्यय के परिवादी को अदा करें।
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