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आरटीपीसीआर रिपोर्ट के इंतजार में मरीजों की परेशानी बढ़ी
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चंदौसी। कोरोना की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट के इंतजार में मरीज परेशानी हैं। दवा लेने के बावजूद स्वास्थ्य लाभ न होने पर मरीज दोबारा एंटीजन किट से जांच कराने के लिए सीएचसी पहुंच रहे हैं। चिकित्सक भी असमंजस में हैं। वहीं अधिकारियों का दावा है कि अब नोएडा में दूसरी जांच लैब शुरू संचालित हो गई है। आरटीपीआर की जांच मिलनी शुरू हो गई है।
चंदौसी सीएचसी में रोजाना करीब 200 कोरोना आशंकितों की जांच के लिए नमूने लिए जाते हैं। इनमें आरटीपीसीआर के 150 व एंटीजन किट से जांच वाले करीब 50 नमूने होते हैं। लोगों में बुखार, शरीर में थकान अथवा अन्य लक्षण दिखाई देने पर कोरोना का उपचार भी शुरू कर देते हैं।
पिछले करीब 12 दिन से नोएडा लैब से आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। सात से आठ दिन रिपोर्ट आने में लग रहे हैं। जांच में कुछ लोग ऐसे थे, जिनकी एंटीजन की रिपोर्ट निगेटिव थी और लक्षण होने पर चिकित्सकों ने आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूने भेजे थे। लक्षण के आधार पर उपचार कराने पर मर्ज ठीक नहीं हुआ और वहीं आरटीपीसीआर रिपोर्ट भी नहीं आई। ऐसे में लोग दोबारा से चिकित्सकों से संपर्क कर एंटीजन किट से दोबारा जांच कर रहे हैं। रोजाना छह से सात मरीज सीएचसी चंदौसी से मिलकर दोबारा जांच का आग्रह कर रहे हैं। उन्हें खतरा है कि कहीं रिपोर्ट के इंतजार में मर्ज अधिक न बढ़ जाए।
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चंदौसी सीएचसी में रोजाना करीब 200 कोरोना आशंकितों की जांच के लिए नमूने लिए जाते हैं। इनमें आरटीपीसीआर के 150 व एंटीजन किट से जांच वाले करीब 50 नमूने होते हैं। लोगों में बुखार, शरीर में थकान अथवा अन्य लक्षण दिखाई देने पर कोरोना का उपचार भी शुरू कर देते हैं।
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पिछले करीब 12 दिन से नोएडा लैब से आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। सात से आठ दिन रिपोर्ट आने में लग रहे हैं। जांच में कुछ लोग ऐसे थे, जिनकी एंटीजन की रिपोर्ट निगेटिव थी और लक्षण होने पर चिकित्सकों ने आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूने भेजे थे। लक्षण के आधार पर उपचार कराने पर मर्ज ठीक नहीं हुआ और वहीं आरटीपीसीआर रिपोर्ट भी नहीं आई। ऐसे में लोग दोबारा से चिकित्सकों से संपर्क कर एंटीजन किट से दोबारा जांच कर रहे हैं। रोजाना छह से सात मरीज सीएचसी चंदौसी से मिलकर दोबारा जांच का आग्रह कर रहे हैं। उन्हें खतरा है कि कहीं रिपोर्ट के इंतजार में मर्ज अधिक न बढ़ जाए।
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