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वसंत पंचमी कल, नए काम की कर सकते हैं शुरूआत
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संभल। पांच फरवरी को वसंत पंचमी है। इसी दिन शीत ऋतु की समाप्ति होगी और वसंत पंचमी की शुरूआत हो जाएगी। वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के पूजन का विधान है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पूजन का मुहूर्त सुबह 7:07 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक है।
हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी के नाम से जाना जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्रशेखर शर्मा बताते हैं कि वसंत पंचमी तिथि पांच फरवरी शनिवार को सुबह 3:47 से शुरू होगी, जो अगले दिन रविवार को सुबह 3:46 पर समाप्त होगी। वसंत पंचमी को श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी भी कहा जाता है। वसंत ऋतु को सभी ऋतुओं का राजा माना जाता है। इसी दिन से वसंत ऋतु की शुरुआत होती है। इसी दिन ज्ञान और वाणी की देवी मां सरस्वती का ब्रह्माजी के मुख से अवतरण हुआ था। इसलिए वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा का भी विधान है।
ज्योतिषाचार्य पंडित शोभित शास्त्री ने बताया कि वसंत पंचमी को नया काम शुरू करें, तो सफलता निश्चित मिलेगी। शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 5 फरवरी शनिवार को सुबह 3:47 बजे से शुरू होगी, जो अगले दिन 6 फरवरी रविवार को सुबह 3:46 बजे पर समाप्त होगी। वसंत पंचमी पूजन का मुहूर्त सुबह 7:07 बजे से लेकर दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा।
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हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी के नाम से जाना जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्रशेखर शर्मा बताते हैं कि वसंत पंचमी तिथि पांच फरवरी शनिवार को सुबह 3:47 से शुरू होगी, जो अगले दिन रविवार को सुबह 3:46 पर समाप्त होगी। वसंत पंचमी को श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी भी कहा जाता है। वसंत ऋतु को सभी ऋतुओं का राजा माना जाता है। इसी दिन से वसंत ऋतु की शुरुआत होती है। इसी दिन ज्ञान और वाणी की देवी मां सरस्वती का ब्रह्माजी के मुख से अवतरण हुआ था। इसलिए वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा का भी विधान है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित शोभित शास्त्री ने बताया कि वसंत पंचमी को नया काम शुरू करें, तो सफलता निश्चित मिलेगी। शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 5 फरवरी शनिवार को सुबह 3:47 बजे से शुरू होगी, जो अगले दिन 6 फरवरी रविवार को सुबह 3:46 बजे पर समाप्त होगी। वसंत पंचमी पूजन का मुहूर्त सुबह 7:07 बजे से लेकर दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा।
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