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Sambhal News: सरकारी अस्पताल में साल भर से शोपीस बनी अल्ट्रासाउंड मशीन
Sun, 10 May 2026 01:21 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sun, 10 May 2026 01:21 AM IST
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बहजोई (संभल)। करीब साल भर से शोपीस बनी अल्ट्रासाउंड मशीन सरकारी अस्पताल की शोभा बढ़ा रही है। वहीं, बीते दिनों अस्पताल को मिली एक्सरे मशीन भी धूल फांक रही है। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने के कारण मरीजों को महंगे खर्च पर निजी केंद्रों पर जाकर अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच करानी पड़ रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे। बहजोई सीएचसी में करीब साल भर पहले मरीजों के पेट आदि की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन मिली थी। इसमें मंशा यह थी कि गर्भवती समेत अन्य मरीजों के पेट आदि की जांच सीएचसी परिसर में हो सके। इसके बावजूद मरीजों की मंशा को करारा झटका लग रहा है। अल्ट्रासाउंड मशीन संचालित न होने के कारण अस्पताल में मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है।
यही हाल एक्सरे मशीन का है। बीते दिनों सरकारी अस्पताल के लिए एक्सरे मशीन भी मिली थी। इसमें किसी भी हादसे में घायल होने समेत अन्य बीमारियों के उपचार आदि के लिए एक्सरे की व्यवस्था अस्पताल में ही होनी थी, लेकिन अभी तक अस्पताल में एक्सरे मशीन का संचालन भी नहीं हो सका है। ऐसे में किसी भी हादसे के बाद हडडी आदि की जांच के लिए मरीजों अस्पताल में एक्सरे मशीन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। एक्सरे के लिए मरीजों को संभल स्थित जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है या फिर परिजन निजी खर्च पर एक्सरे कराकर मरीज की हड्डी आदि की जांच करवाते हैं। यह बात दीगर है कि अस्पताल में मौजूद छोटी पोर्टेबिल एक्सरे मशीन से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर टीवी आदि की जांच कर औपचारिकता पूरी की जा रही है।वहीं, यह हाल तब है जबकि सीएमओ दफ्तर भी सरकारी अस्पताल परिसर में है।
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कोट::::
इंस्ट्रॉल न होने के कारण अल्ट्रासाउंड व एक्सरे मशीनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। लखनऊ से इंजीनियर के आने के बाद अल्ट्रासाउंड व एक्सरे मशीनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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डॉ. तरुण पाठक, सीएमओ, जिला संभल।
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यही हाल एक्सरे मशीन का है। बीते दिनों सरकारी अस्पताल के लिए एक्सरे मशीन भी मिली थी। इसमें किसी भी हादसे में घायल होने समेत अन्य बीमारियों के उपचार आदि के लिए एक्सरे की व्यवस्था अस्पताल में ही होनी थी, लेकिन अभी तक अस्पताल में एक्सरे मशीन का संचालन भी नहीं हो सका है। ऐसे में किसी भी हादसे के बाद हडडी आदि की जांच के लिए मरीजों अस्पताल में एक्सरे मशीन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। एक्सरे के लिए मरीजों को संभल स्थित जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है या फिर परिजन निजी खर्च पर एक्सरे कराकर मरीज की हड्डी आदि की जांच करवाते हैं। यह बात दीगर है कि अस्पताल में मौजूद छोटी पोर्टेबिल एक्सरे मशीन से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर टीवी आदि की जांच कर औपचारिकता पूरी की जा रही है।वहीं, यह हाल तब है जबकि सीएमओ दफ्तर भी सरकारी अस्पताल परिसर में है।
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इंस्ट्रॉल न होने के कारण अल्ट्रासाउंड व एक्सरे मशीनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। लखनऊ से इंजीनियर के आने के बाद अल्ट्रासाउंड व एक्सरे मशीनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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डॉ. तरुण पाठक, सीएमओ, जिला संभल।